
CG Sai Cabinet Meeting: छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक और नीतिगत फैसलों के लिहाज से आने वाला हफ्ता बेहद महत्वपूर्ण होने जा रहा है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आगामी 23 जून को राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की एक बेहद अहम बैठक बुलाई गई है. इस बैठक में मानसून के आगमन के साथ ही राज्य की खेती-किसानी से जुड़े बड़े मुद्दों पर मंथन होगा. माना जा रहा है कि सरकार इस बैठक में खरीफ सीजन के लिए खाद-बीज की उपलब्धता की समीक्षा करने के साथ ही विधानसभा के आगामी मानसून सत्र के लिए अनुपूरक बजट को भी हरी झंडी दे सकती है.
महानदी भवन में जुटेगा मंत्रियों का हुजूम, डिप्टी सीएम अरुण साव मीडिया को देंगे जानकारी
यह महत्वपूर्ण बैठक राजधानी रायपुर के नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित की जाएगी. बैठक में राज्य सरकार के सभी वरिष्ठ मंत्री और विभिन्न विभागों के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहेंगे. सरकार के एजेंडे में इस बार कई ऐसे नीतिगत प्रस्ताव शामिल हैं जिनका सीधा सरोकार आम जनता से है. कैबिनेट खत्म होने के बाद हमेशा की तरह उप मुख्यमंत्री अरुण साव प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और बैठक में लिए गए सभी बड़े और महत्वपूर्ण फैसलों की आधिकारिक जानकारी मीडिया के साथ साझा करेंगे.
खरीफ सीजन की शुरुआत पर सरकार का जोर, किसानों को समय पर खाद-बीज पहुंचाने की योजना
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस बार कैबिनेट में कृषि विभाग से जुड़े मामलों पर सबसे ज्यादा वक्त दिया जाएगा. राज्य में खरीफ फसलों की बुआई का समय शुरू हो चुका है, जिसे देखते हुए मुख्यमंत्री खुद सहकारी और निजी सोसायटियों में खाद और उन्नत बीजों के भंडारण की मौजूदा स्थिति की समीक्षा करेंगे. सरकार का मुख्य फोकस इस बात पर है कि ग्रामीण इलाकों में किसी भी स्तर पर किसानों को इन बुनियादी संसाधनों की किल्लत न हो और समय रहते वितरण व्यवस्था को सुचारू बना दिया जाए.
अनुपूरक बजट के प्रस्ताव को मिल सकती है मंजूरी, विकास कार्यों के लिए जारी होगी अतिरिक्त राशि
इस कैबिनेट बैठक का दूसरा सबसे बड़ा एजेंडा अनुपूरक बजट (सप्लीमेंट्री बजट) को लेकर है. दरअसल वित्तीय वर्ष के मुख्य बजट के बाद विभिन्न सरकारी विभागों की नई योजनाओं और अतिरिक्त विकास कार्यों के लिए अलग से पैसों की जरूरत पड़ती है. इसी कमी को पूरा करने के लिए सरकार विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश करती है. मंत्रिमंडल की इस बैठक में अलग-अलग विभागों से आए अतिरिक्त वित्तीय मांगों के प्रस्तावों की समीक्षा की जाएगी और उन पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी.
विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर बनेगी रणनीति, नए कानूनी विधेयकों के मसौदे पर होगी चर्चा
आगामी दिनों में छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने वाला है. ऐसे में यह कैबिनेट बैठक सत्र से पहले की एक बेहद जरूरी और अनिवार्य तैयारी का हिस्सा मानी जा रही है. बैठक के दौरान सरकार उन सभी नए कानूनी विधेयकों और नीतिगत प्रस्तावों की सूची तैयार करेगी जिन्हें सदन के पटल पर चर्चा के लिए रखा जाना है. इसके साथ ही विपक्ष के संभावित हमलों और तीखे सवालों का जवाब देने के लिए भी मंत्रिमंडल के स्तर पर एक मजबूत रणनीति तैयार की जाएगी.
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने वाले नीतिगत फैसलों पर भी लग सकती है मुहर
कृषि और बजट के अलावा साय कैबिनेट में कुछ अन्य विभागीय प्रस्तावों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है. खासकर ग्रामीण विकास, लोक निर्माण और स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ नई गाइडलाइंस पर अंतिम फैसला हो सकता है. मानसून के दौरान बस्तर और सरगुजा संभाग के दूरदराज इलाकों में आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई बनाए रखने के लिए भी जिला प्रशासन को विशेष निर्देश जारी किए जा सकते हैं, ताकि बारिश के मौसम में अंदरूनी क्षेत्रों का संपर्क न टूटे.



