Dhamtari Mahtari Vandan Yojana New Update: धमतरी में 10 हजार से ज्यादा महिलाओं की रुक सकती है महतारी वंदन योजना की किस्त: जानें वजह, देखें ब्लॉकवार आंकड़ा

Dhamtari Mahtari Vandan Yojana New Update: छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना को लेकर धमतरी जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है. जिले की हजारों महिलाओं पर योजना की अगली किस्त से वंचित होने का खतरा मंडरा रहा है. महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन हितग्राही महिलाओं ने आगामी 30 जून तक अपना ई-केवाईसी सत्यापन पूरा नहीं कराया, उनकी यूजर आईडी को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया जाएगा. इस समय जिले भर में इस सत्यापन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अंतिम चरण का अभियान चलाया जा रहा है ताकि पात्र महिलाओं को योजना का लाभ लगातार मिलता रहे.

जिले में अब तक सवा दो लाख से अधिक महिलाओं का हुआ सत्यापन

Mahtari Vandan Yojana eKYC Deadline Update Dhamtari: धमतरी जिले में 5 मार्च 2024 से शुरू हुई इस योजना के तहत कुल 2,37,184 पंजीकृत हितग्राहियों का ई-केवाईसी किया जाना तय था. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 17 जून तक विभाग ने 2,27,031 महिलाओं का सफलतापूर्वक सत्यापन पूरा कर लिया है. इसके विपरीत जिले में अब भी 10,153 ऐसी हितग्राही महिलाएं हैं जिनका ई-केवाईसी किन्हीं कारणों से लंबित पड़ा हुआ है. इसके साथ ही विभाग ने फील्ड सर्वे के दौरान 3,839 ऐसी मृत महिलाओं की भी पहचान की है जिनका नाम अब सरकारी सूची से स्थायी रूप से हटा दिया गया है.

बुजुर्ग महिलाओं के सामने खड़ी हुई बायोमेट्रिक की बड़ी समस्या

सत्यापन अभियान के दौरान मैदानी स्तर पर कर्मचारियों और आम लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्ग महिलाओं के मामले में आ रही है. उम्र के पड़ाव के कारण कई बुजुर्ग महिलाओं की उंगलियों के निशान (फिंगरप्रिंट) मशीन में ठीक से स्कैन नहीं हो पा रहे हैं. स्थानीय बुजुर्ग बिसाहिन बाई, रेवती नेताम और कौशिल्या निर्मलकर ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि वे लगातार च्वाइस सेंटरों के चक्कर काट रही हैं, लेकिन फिंगरप्रिंट और आईरिस (आंख की पुतली) स्कैनर दोनों ही उनकी पहचान को स्वीकार नहीं कर रहे हैं जिससे उनका डेटा अपडेट नहीं हो पा रहा है.

धमतरी जिले के सभी ब्लॉक और शहरी क्षेत्रों की ब्लॉकवार स्थिति और लंबित ई-केवाईसी के आंकड़े

महिला एवं बाल विकास विभाग ने धमतरी जिले के सभी पांच प्रमुख सेक्टरों का आधिकारिक डेटा जारी किया है, जिससे यह साफ होता है कि किस क्षेत्र में कितना काम अभी बाकी है:

सेक्टर का नामकुल पंजीकृत हितग्राहीई-केवाईसी पूर्णलंबित मामले
धमतरी ग्रामीण57,15453,9413,213
धमतरी शहरी20,04118,1601,881
कुरुद67,80166,0051,796
मगरलोड37,31835,2622,056
नगरी48,85747,2901,567
कुल योग2,31,1712,20,65810,513

घर-घर जाकर सत्यापन करने की तैयारी

बुजुर्ग महिलाओं को आ रही इस गंभीर तकनीकी समस्या पर महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला अधिकारी जगरानी एक्का ने अहम जानकारी दी. उन्होंने बताया कि जिन बुजुर्गों का बायोमेट्रिक मिलान नहीं हो पा रहा है, उनके लिए विभाग अब एक वैकल्पिक व्यवस्था तैयार कर रहा है. जरूरत पड़ने पर विभाग के मैदानी कर्मचारी प्रभावित महिलाओं के घर-घर जाकर अन्य सरकारी दस्तावेजों के आधार पर भौतिक सत्यापन करेंगे. इस विशेष छूट के संबंध में जिला कार्यालय ने राज्य शासन को आवश्यक दिशा-निर्देश और मार्गदर्शन के लिए पत्र भी भेजा है.

महिलाओं से जल्द च्वाइस सेंटर पहुंचने की अपील

अगर तय समय सीमा यानी 30 जून के भीतर इन लंबित मामलों का निपटारा नहीं हो पाया, तो बड़ी संख्या में जरूरतमंद महिलाएं इस वित्तीय लाभ से दूर हो जाएंगी. विभाग ने सभी प्रभावित हितग्राहियों से अपील की है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना अपने नजदीकी च्वाइस सेंटर या आंगनबाड़ी केंद्र में जाकर अपना आधार कार्ड और मोबाइल नंबर लिंक करवाएं. शासन का प्रयास है कि तकनीकी बाधाओं की वजह से किसी भी वास्तविक और पात्र महिला की मासिक सहायता राशि न रुके.

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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