CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें नीट छात्रों के लिए सिम्स की 24×7 हेल्पलाइन, रायपुर नगर निगम में ‘काम बंद’ आंदोलन, लोरमी में पीएम आवास मकानों पर चला बुलडोजर, पूर्व मुख्य अभियंता भागीरथ वर्मा गिरफ्तार, जीपीएम में 19 अवैध क्लीनिक सील, धमतरी में नशा तस्करों की संपत्ति होगी कुर्क, छत्तीसगढ़ के 5 जिलों में खुलेंगे नए नशा मुक्ति केंद्र, हाईकोर्ट का फैसला- मूल राज्य में ही मिलेगा आरक्षण का लाभ, आरंग में धान बीज की बोरियों से निकला कचरा और महासमुंद में जर्जर स्कूलों की मरम्मत की रफ्तार धीमी समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे

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नीट परीक्षा के तनाव से न हों परेशान, सिम्स ने शुरू की 24 घंटे हेल्पलाइन

नीट यूजी 2026 के नतीजे आने और काउंसलिंग शुरू होने के बाद छात्रों में मानसिक तनाव बढ़ता जा रहा है। इसे देखते हुए छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर ने एक सराहनीय कदम उठाया है। सिम्स के मनोरोग विभाग ने चिकित्सा शिक्षा आयुक्त के निर्देश पर चौबीसों घंटे चालू रहने वाली मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन सेवा शुरू की है। इस सेवा के जरिए छात्र और उनके परिजन कभी भी विशेषज्ञों से फोन पर बातचीत कर सलाह ले सकते हैं। सिम्स प्रबंधन ने इसके लिए मोबाइल नंबर 9425502353 जारी किया है। यह हेल्पलाइन 18 जून 2026 से अगले दो हफ्तों के लिए सक्रिय रहेगी। इस दौरान रिजल्ट या आगे की दाखिला प्रक्रिया को लेकर परेशान छात्र सीधे डॉक्टरों से मार्गदर्शन पा सकेंगे। सिम्स के डीन डॉ. रमणेश मूर्ति और मनोरोग विभागाध्यक्ष डॉ. सुजीत नायक ने बताया कि परीक्षा में असफलता का डर होना सामान्य बात है, लेकिन सही समय पर संवाद से इस समस्या को दूर किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर इस सेवा की अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।

रायपुर नगर निगम में काम ठप, कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश लेकर दिया अल्टीमेटम

सफाई कर्मियों और ठेकेदारों के विरोध प्रदर्शन के बाद अब रायपुर नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी भी आंदोलन के रास्ते पर चल पड़े हैं। अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर एकता संघ और प्लेसमेंट कर्मचारी कल्याण संघ ने गुरुवार को सामूहिक अवकाश ले लिया। इसके कारण निगम में ‘काम बंद-कलम बंद’ की स्थिति रही। कर्मचारियों ने निगम मुख्यालय के सामने रैली निकाली और नारेबाजी करते हुए मेयर को ज्ञापन सौंपा। इससे पहले तीन दिनों तक कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर काम किया था। कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इस आंदोलन का नेतृत्व प्रमोद जाधव कर रहे हैं। कर्मचारी नेता विजय कुमार झा ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में 2004 के बाद नियुक्त कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन योजना की बहाली, अनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण और वेतन विसंगति को दूर करना शामिल है। दूसरी ओर, निगम सभापति सूर्यकांत राठौड़ ने इन मांगों को महत्वपूर्ण बताते हुए राज्य सरकार से इस पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का अनुरोध किया है।

लोरमी में वन विभाग का चला बुलडोजर, पीएम आवास योजना के मकान भी तोड़े

मुंगेली जिले के लोरमी इलाके से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। यहां के नवागांव (दयाली) ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले चचेड़ी गांव में वन विभाग ने करीब 40 से 45 गरीब परिवारों के घरों को मलबे में तब्दील कर दिया। इस कार्रवाई के बाद से पूरे इलाके में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। लोगों का कहना है कि यह मामला केवल अतिक्रमण हटाने का नहीं है, बल्कि दो सरकारी विभागों के बीच तालमेल की कमी का नतीजा है। प्रभावित परिवारों ने लोरमी के एसडीएम को आवेदन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का दावा है कि वे इस जमीन पर पिछले 20 से 25 सालों से रह रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि इनमें से कई परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान मिले थे, जिनका निर्माण सरकारी पैसे से हुआ था। ग्रामीणों ने पूछा है कि अगर यह जमीन वन विभाग की थी, तो पंचायत और प्रशासन ने यहां पक्के मकान बनाने की मंजूरी क्यों दी। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें बिना किसी पूर्व लिखित नोटिस के अचानक बेदखल कर दिया गया, जिससे उनका घरेलू सामान और बच्चों की पढ़ाई की किताबें भी नष्ट हो गईं।

भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई, नगरीय प्रशासन विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के मामलों पर आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा और एंटी करप्शन ब्यूरो (EOW-ACB) की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में जांच एजेंसी ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के तत्कालीन मुख्य अभियंता भागीरथ वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। वर्मा पर टेंडर जारी करने के बदले रिश्वत लेने और अपनी तय आय से कहीं अधिक संपत्ति बनाने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले में कार्रवाई करते हुए EOW-ACB की टीमों ने रायपुर, बिलासपुर और मध्य प्रदेश के उज्जैन सहित कुल 8 ठिकानों पर एक साथ छापा मारा था। तलाशी के दौरान अधिकारियों को बड़े पैमाने पर अचल संपत्ति के दस्तावेज, डिजिटल सबूत और करोड़ों रुपये के निवेश से जुड़े रिकॉर्ड मिले हैं। जांच एजेंसी ने इन सभी दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया है और आरोपी से पूछताछ की जा रही है।

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में प्रशासन सख्त, 19 अवैध क्लीनिक और लैब किए गए सील

मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले निजी अस्पतालों और जांच केंद्रों के खिलाफ गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में बड़ी कार्रवाई हुई है। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने अलग-अलग इलाकों में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान भारी गड़बड़ियां मिलने पर टीम ने 19 निजी क्लीनिकों और पैथोलॉजी लैबों को तुरंत सील कर दिया। इस कार्रवाई से जिले के निजी चिकित्सा संचालकों में हड़कंप मच गया है। जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला कि कई केंद्रों पर मुख्य डॉक्टर मौजूद ही नहीं थे और उनकी जगह अप्रशिक्षित लोग मरीजों का इलाज कर रहे थे। इसके अलावा अधिकतर क्लीनिकों के पास फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट और बायो-मेडिकल कचरे के निपटारे से जुड़े जरूरी कागजात नहीं थे। कुछ एक्स-रे केंद्रों में रेडिएशन सुरक्षा के नियमों की अनदेखी भी पाई गई। सील किए गए संस्थानों में तिवारी पैथोलैब, राठौर पैथोलैब, गोंडवाना पैथोलैब और श्री राम क्लीनिक जैसी जगहें शामिल हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी ऐसी कार्रवाई होती रहेगी।

धमतरी पुलिस का कड़ा कदम, नशे के सौदागरों की संपत्ति होगी कुर्क

मादक पदार्थों की अवैध तस्करी पर लगाम लगाने के लिए धमतरी पुलिस ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। पुलिस ने बार-बार नशीली दवाओं और पदार्थों की तस्करी में पकड़े जाने वाले आदतन अपराधियों की संपत्ति को जब्त करने की तैयारी कर ली है। इसके लिए धमतरी पुलिस ने एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर उच्च स्तर पर मंजूरी के लिए भेजा है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ऊषा धुरी, करण और जायका धुरी जैसे आरोपियों के खिलाफ नशीले पदार्थों के व्यापार के गंभीर मामले दर्ज हैं और उन्हें गिरफ्तार भी किया गया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले में ऐसे कई लोग सक्रिय हैं जो युवाओं का जीवन बर्बाद कर रहे हैं। अपराधियों में कानून का डर पैदा करने के लिए उनकी संपत्तियों को कुर्क करने का यह कदम उठाया जा रहा है। धमतरी जिले में इस तरह की यह पहली कार्रवाई होगी, जिससे नशे के अवैध कारोबार पर रोक लगने की उम्मीद है।

छत्तीसगढ़ के 5 नए जिलों में खुलेंगे नशा मुक्ति केंद्र, राज्य स्तरीय बैठक में फैसला

नवा रायपुर के महानदी भवन में छत्तीसगढ़ शराब व्यसन मुक्ति अभियान (भारत माता वाहिनी योजना) की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार ने की। बैठक में राज्य को नशामुक्त बनाने, पीड़ितों के पुनर्वास और नशामुक्ति केंद्रों की व्यवस्थाओं को बेहतर करने पर चर्चा की गई। बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि राज्य के 5 नए जिलों में नशा मुक्ति केंद्र खोले जाएंगे। ये केंद्र मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, सुकमा, बेमेतरा और कोरबा जिलों में स्थापित होंगे। इसके साथ ही मौजूदा 15 बिस्तरों वाले पुनर्वास केंद्रों की क्षमता को बढ़ाकर 50 बिस्तर करने का सुझाव भी दिया गया है। केंद्रों के कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए वहां सीसीटीवी कैमरे और बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली अनिवार्य रूप से लगाई जाएगी।

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, आरक्षण का लाभ केवल मूल राज्य में ही मिलेगा

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण कानूनी व्यवस्था दी है। अदालत ने साफ किया है कि सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ किसी भी उम्मीदवार को केवल उसी राज्य में मिल सकता है, जहां का वह मूल निवासी है। जस्टिस राकेश मोहन पांडे की एकल पीठ ने इस संबंध में कोरिया कलेक्टर के एक पुराने आदेश को सही ठहराते हुए एक महिला की याचिका को खारिज कर दिया। पूरा मामला कोरिया जिले में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) के तहत भृत्य पद पर हुई भर्ती से जुड़ा है। यहां आवेदिका रामवती को साल 2022 में नियुक्ति दी गई थी। बाद में जब दस्तावेजों की जांच हुई, तो पता चला कि महिला मूल रूप से मध्य प्रदेश के शहडोल जिले की रहने वाली है और उसका जाति प्रमाण पत्र भी वहीं का है। इसके बाद कोरिया कलेक्टर ने उसकी नियुक्ति रद्द कर दी थी। महिला ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन अदालत ने कहा कि दूसरे राज्य का जाति प्रमाण पत्र छत्तीसगढ़ में आरक्षण के लिए मान्य नहीं होगा।

आरंग में सरकारी धान बीज की बोरियों से निकला कचरा, किसान परेशान

खरीफ के मौसम की शुरुआत के साथ ही आरंग क्षेत्र के किसानों के सामने एक नई समस्या आ खड़ी हुई है। कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से बांटे जा रहे धान के आधार बीज (फाउंडेशन सीड) की बोरियों में ‘करगा’ और अवांछित घास के बीज मिलने की शिकायतें आ रही हैं। छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा आपूर्ति किए गए इन बीजों की गुणवत्ता पर अब किसानों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। किसानों का कहना है कि आधार बीज सबसे शुद्ध माना जाता है, जिससे आगे चलकर प्रमाणित बीज तैयार होता है। अगर इसमें ही खरपतवार और कचरा मिला होगा, तो खेतों में मुख्य फसल के साथ अनचाही घास उग आएगी। इससे फसल के उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा और किसानों की लागत भी बढ़ जाएगी। किसान संगठनों ने सभी किसानों को सलाह दी है कि वे बुआई से पहले बीज की अच्छे से जांच कर लें और खराबी मिलने पर तुरंत कृषि विभाग या समिति प्रबंधक को सूचित करें। किसानों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

महासमुंद में जर्जर स्कूलों की मरम्मत की रफ्तार धीमी, बच्चों की जान जोखिम में

महासमुंद जिले में नया शिक्षा सत्र तो शुरू हो गया है, लेकिन कई सरकारी स्कूलों के भवनों की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। जिले में कक्षा पहली से बारहवीं तक कुल 1956 सरकारी स्कूल हैं, जिनमें से 54 भवन पूरी तरह अनुपयोगी घोषित हो चुके हैं। पिछले साल दिसंबर में प्रशासन ने 113 स्कूलों की मरम्मत के लिए करीब 96 लाख रुपये मंजूर किए थे, लेकिन 9 महीने बीत जाने के बाद भी केवल 16 स्कूलों का काम पूरा हो सका है। कई गांवों जैसे भदरसी और मुनगाशेर के स्कूलों में बच्चे एक ही कमरे में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। मोंगरापाली-रेवा के पूर्व माध्यमिक स्कूल में न तो बिजली है, न शौचालय और न ही पीने के पानी का कोई इंतजाम है। छात्राओं का कहना है कि बरसात के दिनों में जर्जर दीवारों से करंट उतरने का डर रहता है और खिड़कियों से पानी अंदर आता है। इस मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी बीएल देवांगन का कहना है कि विभाग ने सभी जर्जर भवनों की पहचान कर ली है और प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी हाल में खतरनाक भवनों में कक्षाएं न लगाई जाएं। उनके विकल्प के रूप में पंचायत भवन या दो पालियों में स्कूल चलाने को कहा गया है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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