
CG Weather Update Today: छत्तीसगढ़ के कई जिलों में आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है. मौसम विभाग ने राज्य में अगले पांच दिनों तक धूलभरी आंधी चलने, आकाशीय बिजली चमकने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 23 जून के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो रही हैं. इसके बाद प्रदेश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
पिछले चौबीस घंटों में कई जिलों में गिरा पानी
CG Weather Today News: मौसम केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज अंधड़ दर्ज किया गया. इस दौरान कुछ जगहों पर वज्रपात के साथ ही हल्की बौछारें भी पड़ीं. विभाग ने पूर्वानुमान जारी किया है कि 21 जून से लेकर 26 जून तक पूरे प्रदेश में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी. इस दौरान कई क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिसे देखते हुए प्रशासन ने आम लोगों को खराब मौसम में सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है.

दो दिनों तक बढ़ेगा पारा फिर मिलेगी राहत
CG Weather Update : तापमान की बात करें तो मौसम विभाग के अनुसार राज्य के अधिकतम तापमान में अगले दो दिनों के भीतर 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है. हालांकि इसके बाद पारा स्थिर हो जाएगा और ठंडी हवाओं के चलने से गर्मी का असर कम होने लगेगा. इसके साथ ही 25 और 26 जून को भी छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ पानी गिरने का सिलसिला जारी रहेगा. हालांकि इन अंतिम दो दिनों के लिए कोई बड़ा अलर्ट नहीं है, लेकिन स्थानीय प्रभाव के कारण बारिश थमेगी नहीं.

बस्तर में देरी से पहुंचा मानसून
IMD Alert: आमतौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री बस्तर के रास्ते 15 जून तक हो जाती है, लेकिन इस बार नियत समय बीत जाने के बाद भी मुख्य मानसून को लेकर इंतजार लंबा हो गया है. हालांकि देश के अन्य हिस्सों जैसे केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में मानसून तेजी से आगे बढ़ चुका है. छत्तीसगढ़ में इस समय जो बारिश हो रही है, वह मुख्य मानसून की नहीं बल्कि प्री-मानसून सिस्टम के सक्रिय होने की वजह से है. मौसम विभाग को उम्मीद है कि 23 जून के बाद बस्तर के रास्ते मानसून दोबारा सक्रिय होकर आगे बढ़ेगा.



