
Today NEET Re-Exam: देशभर के साथ छत्तीसगढ़ में भी आज री-नीट (Re-NEET UG 2026) परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। पेपर लीक विवाद के बाद दोबारा हो रही इस परीक्षा के लिए राज्य में कुल 127 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिसमें से अकेले राजधानी रायपुर में 25 केंद्र शामिल हैं। इस परीक्षा में प्रदेश के करीब 45 हजार अभ्यर्थी शामिल होने जा रहे हैं, जिनमें से 28 हजार 100 छात्र छत्तीसगढ़ के ही मूल निवासी हैं। परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी केंद्रों पर सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
दोपहर डेढ़ बजे के बाद किसी भी हाल में नहीं मिलेगा प्रवेश
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के शेड्यूल के अनुसार परीक्षा दोपहर 2 बजे से शुरू होकर शाम 5:15 बजे तक चलेगी। हालांकि अभ्यर्थियों की सघन जांच और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के लिए परीक्षा केंद्रों पर सुबह 11 बजे से ही चेकिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। प्रशासन ने साफ किया है कि दोपहर 1:30 बजे के बाद किसी भी उम्मीदवार को केंद्र के भीतर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे में छात्रों को समय से काफी पहले पहुंचने की सलाह दी गई है। दिव्यांग श्रेणी के अभ्यर्थियों को नियमानुसार 65 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा।

इस बार 15 मिनट का अतिरिक्त समय और ये दस्तावेज जरूरी
री-नीट परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए इस बार एक बड़ा बदलाव किया गया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने परीक्षा की कुल अवधि में 15 मिनट की बढ़ोतरी की है। यह समय इसलिए बढ़ाया गया है ताकि परीक्षा हॉल में जरूरी निर्देश पढ़ने, फोटो चिपकाने और हस्ताक्षर करने जैसी कागजी औपचारिकताओं के कारण छात्रों के मुख्य समय का नुकसान न हो। परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के लिए छात्रों को अपना री-नीट एडमिट कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, एक वैध ओरिजिनल फोटो पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा।
सख्त ड्रेस कोड लागू, गहने और स्मार्ट वॉच पर पूरी तरह पाबंदी
परीक्षा में किसी भी प्रकार की धांधली को रोकने के लिए कड़ा ड्रेस कोड तय किया गया है। छात्रों को हल्के रंग के बिल्कुल साधारण कपड़े पहनकर आने के निर्देश दिए गए हैं। कपड़ों में बड़े मेटल के बटन, चेन या भारी कढ़ाई नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा मोबाइल, ब्लूटूथ, ईयरफोन और स्मार्ट वॉच जैसी इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के साथ ही बेल्ट, सैंडल और भारी जूते पहनकर आने पर रोक रहेगी। साधारण चप्पल पहनना सबसे सुरक्षित रहेगा। धार्मिक या पारंपरिक पोशाक पहनकर आने वाले छात्रों को जांच के लिए और पहले पहुंचना होगा।
पेपर लीक के कारण रद्द हुई थी मई में हुई परीक्षा
मेडिकल और डेंटल कॉलेजों की एक लाख से ज्यादा सीटों पर प्रवेश के लिए होने वाली यह परीक्षा पहले 3 मई 2026 को आयोजित की गई थी। इसके बाद पेपर लीक के गंभीर आरोपों के कारण एनटीए ने 12 मई को इसे निरस्त कर दिया था। वर्तमान में इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है। आज होने वाली इस दोबारा परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष बनाने के लिए देशभर में 5 लाख से ज्यादा सुरक्षाकर्मी और 6 हजार से अधिक सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। लोक परीक्षा अधिनियम 2024 के तहत पेपर लीक या नकल करने पर 10 साल की जेल और 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का कड़ा कानून भी लागू है।

कलेक्टर ने खुद केंद्रों पर पहुंचकर लिया व्यवस्थाओं का जायजा
परीक्षा के आयोजन से दो दिन पहले रायपुर के कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने खुद विभिन्न केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने आमापारा स्थित पीएम श्री आत्मानंद आर.डी. तिवारी स्कूल, डीडीयू नगर के केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2 और एनआईटी परिसर में बने परीक्षा केंद्रों का दौरा कर सुरक्षा व तकनीकी व्यवस्थाओं को देखा। जिला प्रशासन ने अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की है कि वे बच्चों को परीक्षा के दिन तनावमुक्त माहौल दें और सोशल मीडिया पर चलने वाली किसी भी तरह की अफवाहों से दूर रहकर छात्रों का हौसला बढ़ाएं।



