Bijapur Farmers Tractor Rally: खेती के पीक सीजन में मानसून से पहले डीजल की किल्लत, किसानों ने विधायक संग ट्रैक्टर रैली निकालकर किया प्रदर्शन

Bijapur Farmers Tractor Rally: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में मानसून के आगमन से पहले खेती-किसानी की तैयारियां ठप पड़ गई हैं। खेतों की जोताई और बुआई के ऐन वक्त पर पूरे जिले में डीजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इस किल्लत से परेशान होकर सैकड़ों किसान सड़कों पर उतर आए हैं। क्षेत्र के विधायक विक्रम मंडावी की अगुवाई में किसानों ने प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर किया। किसानों का कहना है कि जब उन्हें खेतों में ट्रैक्टर चलाने के लिए सबसे ज्यादा ईंधन की जरूरत है, तब पेट्रोल पंपों पर ताले लटके हैं या लंबी कतारें लगी हैं।

नैमेड़ से जिला मुख्यालय तक गूंजे नारे, पेट्रोल पंपों के सामने से गुजरी रैली

डीजल संकट के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन बेहद सुनियोजित तरीके से किया गया। आंदोलनकारी किसान अपने-अपने ट्रैक्टर लेकर नैमेड़ स्थित नए बस स्टैंड पर इकट्ठा हुए। वहां से सैकड़ों ट्रैक्टरों की एक विशाल कतार जिला मुख्यालय के लिए रवाना हुई। रैली के दौरान किसान सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। खास बात यह रही कि यह रैली शहर के उन सभी प्रमुख पेट्रोल पंपों के सामने से गुजरी जहां पिछले कई दिनों से डीजल की किल्लत बनी हुई है। बाद में यह रैली जिला मुख्यालय के नए बस स्टैंड पर एक विरोध सभा और धरने में तब्दील हो गई।

कर्ज के बोझ और बुआई रुकने से बढ़ी ग्रामीण इलाकों में चिंता

आंदोलन में शामिल ग्रामीणों ने अपनी जमीनी समस्याओं को साझा करते हुए बताया कि सहकारी और निजी पंपों पर पर्याप्त ईंधन नहीं मिल पा रहा है। इसके कारण खरीफ फसल की शुरुआती जोताई का काम पूरी तरह रुक गया है। किसानों ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि उनमें से अधिकांश लोगों ने बैंकों और सोसायटियों से भारी कर्ज लेकर ट्रैक्टर खरीदे हैं। इस कर्ज की किस्तें खेती की कमाई से ही चुकाई जानी हैं। अगर समय पर बुआई नहीं हुई तो पूरी फसल चक्र प्रभावित होगी। किसानों ने आरोप लगाया कि व्यवस्था को दुरुस्त करने के बजाय ध्यान भटकाया जा रहा है।

विधायक विक्रम मंडावी ने दी सरकार को चेतावनी, कहा- जल्द सुलझाएं मामला

विरोध सभा को संबोधित करते हुए स्थानीय विधायक विक्रम मंडावी ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मानसून बस्तर के मुहाने पर खड़ा है और अन्नदाता एक-एक लीटर डीजल के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। यह स्थिति प्रशासनिक नाकामी को दर्शाती है। विधायक ने साफ लहजे में चेतावनी दी कि यदि अगले कुछ दिनों के भीतर जिले के सभी ब्लॉकों में ईंधन की निर्बाध आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे किसानों को साथ लेकर जिला प्रशासन का कामकाज ठप कर देंगे और उग्र आंदोलन की शुरुआत होगी।

कलेक्टोरेट पहुंचकर सौंपा ज्ञापन, आपातकालीन आपूर्ति की मांग उठाई

धरना प्रदर्शन समाप्त होने के बाद विधायक मंडावी और किसान प्रतिनिधियों का एक प्रतिनिधिमंडल सीधे कलेक्टोरेट पहुंचा। वहां उन्होंने मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम जिला कलेक्टर को एक आधिकारिक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में जिले के अंदरूनी इलाकों में खेती के मौजूदा संकट का पूरा ब्योरा दिया गया है। किसानों ने कलेक्टर को बताया कि यदि अगले दो-चार दिनों में ईंधन नहीं मिला तो इस साल बीजापुर में खरीफ की बुआई का रकबा काफी घट जाएगा, जिससे आने वाले समय में भुखमरी जैसे हालात पैदा हो सकते हैं।

किसानों की समस्याओं को लेकर सौंपे गए मांग पत्र की 5 मुख्य बातें

किसानों ने जिला प्रशासन के सामने अपनी समस्याओं को दूर करने के लिए एक स्पष्ट मांग पत्र रखा है। इस मांग पत्र में मुख्य रूप से निम्नलिखित 5 मांगें शामिल की गई हैं:

  • जिले के भीतर संचालित सभी पेट्रोल पंपों पर नियमित और पर्याप्त मात्रा में डीजल की आवक सुनिश्चित की जाए।
  • खेती के काम को प्राथमिकता देते हुए पंजीकृत किसानों को उनके ट्रैक्टरों के लिए तय कोटे के तहत ईंधन दिया जाए।
  • दूरदराज के गांवों से आने वाले किसानों की व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए उन्हें ड्रम और जरिकेन में डीजल ले जाने की अनुमति मिले।
  • कुटरू, गंगालूर, भैरमगढ़, आवापल्ली, बासागुड़ा और मद्देड़ जैसे संवेदनशील और दूरस्थ ब्लॉक मुख्यालयों में नए पेट्रोल पंप खोले जाएं।
  • डीजल के साथ-साथ सोसायटियों में खरीफ फसल के लिए आवश्यक उन्नत खाद और बीजों का भंडारण तुरंत मुकम्मल किया जाए।

प्रशासन ने दिया भरोसा, तेल कंपनियों से की जा रही है बात

ज्ञापन लेने के बाद जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने किसानों और जनप्रतीक्षकों को आश्वस्त किया है कि वे इस समस्या को लेकर गंभीर हैं। अधिकारियों का कहना है कि बीजापुर की भौगोलिक स्थिति और मुख्य डिपो से दूरी होने के कारण आपूर्ति में कुछ तकनीकी दिक्कतें आई थीं। प्रशासन की ओर से तेल कंपनियों के उच्चाधिकारियों से संपर्क साधा गया है ताकि जिले के कोटे का डीजल जल्द से जल्द पेट्रोल पंपों तक पहुंच सके। इसके अलावा अंदरूनी क्षेत्रों में खाद-बीज की उपलब्धता की भी निगरानी की जा रही है ताकि किसानों को परेशान न होना पड़े।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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