
CG Sai Cabinet Meeting: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के प्रशासनिक केंद्र महानदी भवन मंत्रालय में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो गई है. इस बैठक में राज्य के विकास और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई संवेदनशील और बड़े मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बैठक में लिए जाने वाले फैसले आगामी दिनों में प्रदेश की सियासी और प्रशासनिक दिशा तय करेंगे. बैठक में उपमुख्यमंत्री समेत सभी विभागों के कैबिनेट मंत्री मौजूद हैं और प्रत्येक विभाग के एजेंडे पर सिलसिलेवार चर्चा की जा रही है.
मानसून सत्र की तारीखों और सरकारी कर्मचारियों की तबादला नीति पर आ सकता है बड़ा फैसला
मंत्रिपरिषद की इस अहम बैठक में मुख्य रूप से विधानसभा के आगामी मानसून सत्र की तैयारियों को लेकर रणनीति बनाई जा रही है. इसके साथ ही प्रदेश के लाखों शासकीय कर्मचारियों की नजरें राज्य की नई ट्रांसफर पॉलिसी पर टिकी हुई हैं क्योंकि कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद ही तबादलों से प्रतिबंध हटेगा. चालू खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों के लिए खाद-बीज की उपलब्धता और कृषि ऋण वितरण की समीक्षा भी इस बैठक के मुख्य एजेंडे में शामिल है. संभावना जताई जा रही है कि विभिन्न विभागों के कई लंबित प्रस्तावों को आज कैबिनेट की हरी झंडी मिल सकती है.
पिछली बैठक में बिजली कंपनी के आईपीओ और इलेक्ट्रिक बसों समेत कई बड़े फैसलों को मिली थी मंजूरी
इससे पहले 9 जून को आयोजित हुई कैबिनेट बैठक में भी साय सरकार ने कई जनहितैषी और नीतिगत निर्णय लिए थे. उस बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के आईपीओ को सैद्धांतिक मंजूरी देने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए रायपुर समेत चार बड़े शहरों में 240 नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का रास्ता साफ किया गया था. इसके अलावा धान के बदले दूसरी फसलें उगाने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने, गरीब परिवारों के लिए राशन कार्ड पर चना वितरण जारी रखने और खनिज परिवहन में पारदर्शिता के लिए आरएफआईडी ट्रैकिंग सिस्टम को अनिवार्य करने जैसे बड़े कदम उठाए गए थे.



