
Telegram Ban Lifted India: भारत में मशहूर मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर आई है. नीट-यूजी री-एग्जाम को देखते हुए ऐप पर लगाई गई अस्थायी देशव्यापी पाबंदी को अब हटाने का फैसला किया गया है. सरकारी सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार इस प्रतिबंध को आगे बढ़ाने के मूड में नहीं है. आज यानी 23 जून से टेलीग्राम एक बार फिर गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध होने लगा है. हालांकि ऐप की वापसी के बाद भी भारतीय यूजर्स के लिए एक जरूरी बदलाव किया गया है जिसके तहत वे 30 जून 2026 तक भेजे गए संदेशों में कोई सुधार नहीं कर पाएंगे.
पेपर लीक के फर्जी दावों और अफवाहों को रोकने के लिए सरकार ने लिया था कड़ा फैसला
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने यह सख्त कदम नेशनल टेस्टिंग एजेंसी और गृह मंत्रालय की खुफिया रिपोर्ट के आधार पर उठाया था. सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69ए के तहत अपनी आपातकालीन शक्तियों का प्रयोग करते हुए 22 जून तक टेलीग्राम को पूरे देश में ब्लॉक कर दिया था. ऐसा मुख्य रूप से 21 जून को आयोजित हुई नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा के दौरान धोखाधड़ी करने वाले गिरोहों को सक्रिय होने से रोकने और सोशल मीडिया पर अव्यवस्था फैलने से बचाने के लिए किया गया था.
टाइमस्टैम्प की तकनीकी खामी का फायदा उठाकर छात्र-छात्राओं को डरा रहे थे अपराधी
अधिकारियों ने बताया कि टेलीग्राम के मैसेज एडिटिंग फीचर का शातिर अपराधी गलत फायदा उठा रहे थे. इसके जरिए पेपर लीक की झूठी कहानियां गढ़ी जा रही थीं. जालसाज परीक्षा शुरू होने से कई दिन पहले ऐप के किसी ग्रुप या चैनल पर कोई भी सामान्य संदेश लिख देते थे. जैसे ही परीक्षा समाप्त होती थी, वे उस पुराने मैसेज को बदलकर उसमें असली प्रश्न पत्र की तस्वीरें डाल देते थे. टेलीग्राम की तकनीकी बनावट ऐसी है कि मैसेज एडिट होने के बाद भी वह पुराना समय ही दिखाता है. इससे आम लोगों को लगता था कि पेपर परीक्षा से पहले ही बाहर आ गया था. इस भ्रम को तोड़ने के लिए ही फीचर पर रोक लगाई गई है.

दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए केंद्र सरकार की कार्रवाई को जायज माना
टेलीग्राम का संचालन करने वाली कंपनी ने सरकार के इस अचानक लगे प्रतिबंध के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दायर की थी. अदालत ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए टेलीग्राम की याचिका को पूरी तरह से नामंजूर कर दिया. जस्टिस तेजस कारिया की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि सरकार ने देशहित में तय कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए यह कदम उठाया है. अदालत ने अपने आदेश में साफ कहा कि देश की इतनी बड़ी प्रवेश परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए ऐसा प्रतिबंध लगाना जरूरी था.
ऐप स्टोर पर दोबारा दिखने लगा टेलीग्राम
अदालती हरी झंडी और तय समय-सीमा समाप्त होने के बाद सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स को ऐप से पाबंदी हटाने के निर्देश जारी कर दिए हैं. देश के अधिकांश हिस्सों में अब बिना वीपीएन के भी टेलीग्राम सुचारू रूप से काम करने लगा है. यूजर्स पहले की तरह ही ग्रुप चैट, फाइल शेयरिंग और वॉयस कॉलिंग जैसी सेवाओं का लाभ उठा पा रहे हैं. हालांकि जिन लोगों ने ऐप को डिलीट कर दिया था, वे अब इसे सुरक्षित तरीके से दोबारा इंस्टॉल कर रहे हैं.
तीस जून के बाद ही वापस मिलेगा मैसेज में बदलाव करने का विकल्प
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि मैसेज एडिटिंग की सुविधा पर लगी रोक 30 जून की आधी रात तक लागू रहेगी. इस अवधि के दौरान साइबर सेल की टीमें टेलीग्राम के विभिन्न पब्लिक चैनलों और ग्रुप्स पर पैनी नजर रखेंगी ताकि परीक्षा के नतीजों या काउंसलिंग को लेकर कोई नई अफवाह न फैलाई जा सके. तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार के इस फैसले से टेलीग्राम जैसी कंपनियों पर भविष्य में अपने प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग को रोकने के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम करने का दबाव बढ़ेगा.



