
CG Micro Brewery Craft Beer License Fee: छत्तीसगढ़ के शौकीनों और होटल कारोबारियों के लिए एक बड़ी खबर है. राज्य सरकार ने प्रदेश में माइक्रो ब्रुअरी यानी छोटे पैमाने पर बीयर बनाने वाले प्लांट खोलने की अनुमति दे दी है. इस फैसले के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी लोगों को अलग-अलग फ्लेवर वाली ताजा और क्राफ्ट बीयर पीने को मिलेगी. आबकारी विभाग ने इसके लिए नए नियम और दिशा-निर्देश तय कर दिए हैं. सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल पर्यटन और होटल व्यवसाय को गति मिलेगी, बल्कि राज्य सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी.
क्या होती है माइक्रो ब्रुअरी और क्यों अलग होता है इसका स्वाद
माइक्रो ब्रुअरी एक ऐसा छोटा प्लांट होता है जहां सीमित मात्रा में ताजा बीयर तैयार की जाती है. फैक्ट्री में बनने वाली सामान्य बीयर के मुकाबले इसे छोटे बैच में बनाया जाता है, जिससे इसकी गुणवत्ता और ताजगी बनी रहती है. इसे बनाने में बेहतर किस्म के माल्ट, हॉप्स और प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग होता है. यही वजह है कि इसका स्वाद अलग होता है और इसमें ग्राहकों को कई तरह के फ्लेवर के विकल्प मिलते हैं. तैयार होने के बाद इसे उसी परिसर में बने रेस्तरां या बार में ग्राहकों को सीधे ताजा परोसा जाता है.
देश के कई बड़े राज्यों की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी शुरुआत
भारत के कई प्रमुख राज्यों जैसे कर्नाटक, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और गोवा में माइक्रो ब्रुअरी का चलन काफी समय से है. खासकर बेंगलुरु को देश की क्राफ्ट बीयर कैपिटल के रूप में जाना जाता है जहां युवाओं के बीच इसका भारी क्रेज है. अब छत्तीसगढ़ भी इसी सूची में शामिल होने जा रहा है. सरकार को उम्मीद है कि इस नई नीति के आने से महानगरों की तर्ज पर रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जैसे बड़े शहरों में नाइटलाइफ और रेस्तरां संस्कृति को एक नया आयाम मिलेगा.
चार हजार वर्गफीट की जगह जरूरी और दस लाख रुपये सालाना होगी फीस
सरकार ने माइक्रो ब्रुअरी खोलने के लिए कड़े नियम और मापदंड निर्धारित किए हैं. ब्रुअरी और उससे जुड़े रेस्तरां का कुल क्षेत्रफल कम से कम 4 हजार वर्गफीट होना अनिवार्य है. इसके अलावा भवन में फायर सेफ्टी, मशीनों की सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण के सभी मानकों का पालन करना होगा. नई नीति के तहत सालाना लाइसेंस फीस को पहले तय किए गए 25 लाख रुपये से घटाकर अब 10 लाख रुपये कर दिया गया है. हालांकि संचालकों को लाइसेंस लेते समय इस फीस का 25 प्रतिशत हिस्सा सुरक्षा राशि के रूप में एडवांस जमा करना होगा.
रोजाना केवल एक हजार लीटर बीयर बनाने की होगी अनुमति
नियमों के मुताबिक एक माइक्रो ब्रुअरी प्लांट में प्रतिदिन अधिकतम 1 हजार लीटर क्राफ्ट बीयर ही तैयार की जा सकती है. इससे अधिक उत्पादन करने की मनाही होगी. सरकार ने इस बीयर पर 60 रुपये प्रति बल्क लीटर की दर से उत्पाद शुल्क यानी एक्साइज ड्यूटी तय की है. बाजार के जानकारों का अनुमान है कि शुरुआत में यहां मिलने वाले एक गिलास क्राफ्ट बीयर की कीमत ग्राहकों के लिए 250 रुपये से लेकर 300 रुपये के बीच रह सकती है.
पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ ही रोजगार के नए अवसर खुलेंगे
इस नए फैसले से छत्तीसगढ़ के आतिथ्य और पर्यटन क्षेत्र में नए निवेश के रास्ते खुलेंगे. नई ब्रुअरीज खुलने से न केवल बड़े होटलों का कारोबार बढ़ेगा बल्कि स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार के नए साधन भी पैदा होंगे. आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी जाएगी और केवल उन्हीं आवेदकों को अनुमति मिलेगी जो सरकार द्वारा तय की गई सभी तकनीकी और सुरक्षा शर्तों को पूरा करेंगे.



