CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें बिलासपुर में 1 लाख लोगों का डेटा लीक और आईजी को कॉल के बाद 3 पर FIR; लैब पीपीपी मॉडल पर होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने खरीदे 10 करोड़ के रीएजेंट; छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में एल्डरमैन की नियुक्ति से कई सीनियर नेताओं के नाम कटे; दोबारा जांच के बाद बदली बोर्ड परीक्षा की मेरिट लिस्ट और 26 नए छात्र शामिल; महतारी वंदन योजना का पोर्टल एक हफ्ते में बस्तर से फिर खुलेगा; मंत्रालय के 700 कर्मचारियों ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी; लखनऊ हादसे के बाद छत्तीसगढ़ में एक्शन और दुर्ग-बिलासपुर में कोचिंग सेंटर सील; महासमुंद एलपीजी घोटाले में फरार आरोपियों की मदद करने वालों से मुंबई में पूछताछ; राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) के लिए ड्राफ्ट कमेटी का गठन और यात्री सुरक्षा के लिए सभी बसों में ट्रैकिंग डिवाइस अनिवार्य समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे

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बिलासपुर में बड़ा डेटा लीक: आईजी को आया लोन का कॉल तो खुला राज, 3 लोगों पर केस दर्ज

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में लोगों की निजी जानकारी बेचने और लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। मामला तब सामने आया जब बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग के पास खुद लोन ऑफर का फोन आ गया। आईजी के निर्देश पर सिविल लाइन पुलिस ने ट्रस्ट फाइनेंशियल सर्विसेस की संचालिका सहित तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस लाइन निवासी रविकांत दुबे ने 22 जून को शिकायत दर्ज कराई थी कि अग्रसेन चौक स्थित ट्रस्ट फाइनेंशियल सर्विसेस के कर्मचारी अवैध तरीके से जुटाए गए नंबरों पर फोन करके पर्सनल, होम, बिजनेस और गाड़ी के लोन का झांसा दे रहे हैं। इसी दौरान आईजी को भी ऐसा ही एक कॉल आया, जिसके बाद उन्होंने तुरंत जांच के आदेश दिए। पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों के पास करीब 1 लाख लोगों का मोबाइल डेटा था। संचालिका उषा कश्यप ने बताया कि उसने यह डेटा अमन राठौर से केवल पांच हजार रुपये में खरीदा था। अमन को यह जानकारी शेख जुनैद खान देता था। जुनैद खुद को प्रॉपर्टी कारोबारी बताकर लोगों के घर जाता था और बातों-बातों में उनके नंबर और दूसरी जानकारी जुटा लेता था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है और उनके मोबाइल, लैपटॉप को जांच के लिए भेजा है।

पीपीपी मॉडल पर लैब, फिर भी सरकार ने खरीदे 10 करोड़ के रीएजेंट

छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग में अस्पतालों की लैब व्यवस्था को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। सरकारी अस्पतालों की लैब सेवाएं निजी कंपनियों को सौंपने की प्रक्रिया के बीच विभाग ने करीब 10 करोड़ रुपये की रीएजेंट खरीदी की है। अब यह सवाल उठ रहा है कि जब लैब का संचालन निजी एजेंसियां करने वाली हैं, तो सरकारी स्तर पर इतनी बड़ी मात्रा में रीएजेंट खरीदने की क्या जरूरत थी। सरकार ने 21 जनवरी को कैबिनेट बैठक में प्रदेश की लैब व्यवस्था को पीपीपी मॉडल पर निजी हाथों में सौंपने का निर्णय लिया था। इसके तहत निजी एजेंसियों को ही मशीन, तकनीकी स्टाफ और जांच व्यवस्था संभालनी है। जानकारों का कहना है कि जब व्यवस्था बदल रही थी, तो इस खरीदी की समीक्षा की जानी चाहिए थी। इसके अलावा, अस्पतालों में पहले से मौजूद सरकारी मशीनों और नियमित कर्मचारियों की भूमिका को लेकर भी स्थिति साफ नहीं है। कर्मचारी संगठनों ने इस फैसले पर चिंता जताई है और सरकारी धन की बर्बादी रोकने की मांग की है। वहीं, विभाग जिला अस्पतालों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक की जांच व्यवस्था को धीरे-धीरे निजी मॉडल पर ले जाने की तैयारी कर रहा है।

छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में एल्डरमैन की नियुक्ति, कई सीनियर नेताओं के नाम कटे

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के नगरीय निकायों में एल्डरमैन की नियुक्ति की सूची जारी कर दी है। इस सूची में संगठन और कार्यकर्ताओं को जगह दी गई है। सबसे ज्यादा चर्चा रायपुर नगर निगम की सूची को लेकर हो रही है, जहां पूर्व महापौर के एक करीबी नेता को जगह मिली है। इस नियुक्ति में कई ऐसे सीनियर नेताओं के नाम कट गए हैं, जिनके नाम संगठन और आरएसएस की तरफ से भेजे गए थे। रायपुर पश्चिम के विधायक और पूर्व मंत्री राजेश मूणत के करीबी बजरंग खंडेलवाल का नाम इस रेस में सबसे आगे चल रहा था, लेकिन जारी सूची में उनका नाम शामिल नहीं है। रायपुर नगर निगम में कुल 11 एल्डरमैन नियुक्त किए गए हैं। इसके साथ ही राज्य की दूसरी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के लिए भी सूची जारी की गई है।

दोबारा जांच के बाद बदली बोर्ड की मेरिट लिस्ट, 10वीं-12वीं में 26 नए छात्र शामिल

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने बोर्ड परीक्षाओं के पुनर्गणना और पुनर्मूल्यांकन के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस नए परिणाम के बाद कई छात्र-छात्राओं के नंबर बढ़ गए हैं, जिससे टॉपर्स की मेरिट सूची में बड़ा बदलाव आया है। हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी दोनों की मेरिट लिस्ट में 13-13 नए छात्र शामिल हुए हैं। अब 10वीं की मेरिट सूची में छात्रों की संख्या 42 से बढ़कर 55 और 12वीं में 43 से बढ़कर 56 हो गई है। बोर्ड की सचिव पुष्पा साहू ने बताया कि कॉपियों की दोबारा जांच में बड़ी संख्या में छात्रों के नंबर बढ़े हैं। इस बार नियमों में बदलाव भी इसका एक बड़ा कारण रहा। पहले किसी विषय में कम से कम 10 फीसदी नंबर बढ़ने पर ही उसे माना जाता था, लेकिन अब इस सीमा को घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है। बोर्ड ने लापरवाही बरतने वाले जांचकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है।

महतारी वंदन योजना का पोर्टल एक हफ्ते में फिर खुलेगा, बस्तर से होगी शुरुआत

छत्तीसगढ़ की उन महिलाओं के लिए अच्छी खबर है जो किसी वजह से अब तक महतारी वंदन योजना का फॉर्म नहीं भर पाई थीं। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलते ही अगले एक हफ्ते के भीतर योजना का पोर्टल दोबारा खोल दिया जाएगा। इस बार सरकार चरणबद्ध तरीके से काम करेगी। सबसे पहले बस्तर संभाग के जिलों के लिए आवेदन शुरू होंगे, जिसके बाद बाकी संभागों में पोर्टल चालू किया जाएगा। तकनीकी दिक्कतों या दस्तावेजों की कमी के कारण छूटी हुई महिलाएं अब आवेदन कर सकेंगी। आवेदन के लिए महिलाओं को अपना आधार कार्ड, बैंक खाता, निवास प्रमाण पत्र और विवाह प्रमाण पत्र या राशन कार्ड तैयार रखना होगा। फॉर्म नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र या ऑनलाइन माध्यम से भरे जा सकेंगे।

छत्तीसगढ़ मंत्रालय में बढ़ा विवाद: 700 कर्मचारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी

महानदी भवन में आयोजित मंत्रालय कर्मचारी संघ की आम सभा में कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। करीब 700 कर्मचारियों ने बैठक में हिस्सा लेकर सरकार की नीतियों और कुछ अधिकारियों के रवैये के खिलाफ नाराजगी जताई। कर्मचारियों ने मांगें पूरी न होने पर मंत्रालय में तालाबंदी करने तक की चेतावनी दी है। कर्मचारियों की नाराजगी की मुख्य वजह विधानसभा से पास होने के बाद भी रुके पड़े सेटअप आदेश हैं। इसके अलावा कर्मचारी सामान्य प्रशासन विभाग के एक उप सचिव के काम करने के तरीके से भी नाराज हैं और उनके तबादले की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि ई-ऑफिस के कारण काम का बोझ बहुत बढ़ गया है। साथ ही विभागों में आउटसोर्सिंग के बढ़ते चलन का भी विरोध किया जा रहा है। कर्मचारियों के अनुसार आउटसोर्सिंग से नियमित पद कम हो रहे हैं, जिससे युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के मौके घटेंगे।

लखनऊ हादसे के बाद छत्तीसगढ़ में एक्शन, दुर्ग और बिलासपुर में कोचिंग सेंटर सील

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से हुई 15 छात्रों की मौत के बाद छत्तीसगढ़ प्रशासन भी मुस्तैद हो गया है। दुर्ग, रायपुर और बिलासपुर में पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने कोचिंग सेंटरों की औचक जांच की, जिसमें सुरक्षा नियमों की भारी अनदेखी मिली। दुर्ग में जांच के दौरान रामा कोचिंग, कैड एकेडमी, मोशन कोटा स्टडी सर्किल और वेदांतु को सुरक्षा कमियों के कारण सील कर दिया गया। इसके अलावा 62 कोचिंग सेंटरों को नोटिस देकर 24 घंटे में कमियां सुधारने को कहा गया है। जांच में पाया गया कि ज्यादातर सेंटरों में आपातकालीन निकास नहीं था और अग्निशामक यंत्रों की तारीख निकल चुकी थी। रायपुर में भी अकादजा, आरसीसी एकेडमी, आभा लाइब्रेरी और टुटेजा एकेडमी को फायर एनओसी और इमरजेंसी एग्जिट न होने पर 7 दिन का नोटिस मिला है। बिलासपुर में नियमों का उल्लंघन मिलने पर उड़ान एकेडमी को सील कर दिया गया है।

महासमुंद एलपीजी घोटाला: फरार आरोपियों की मदद करने वालों से मुंबई में पूछताछ

महासमुंद में हुए करीब 1.5 करोड़ रुपये के एलपीजी गैस गबन मामले में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। फरार आरोपियों को छिपने में मदद करने और पैसे का इंतजाम कराने के आरोप में मुंबई के चार लोगों को नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया गया था। ठाकुर पेट्रोकेमिकल के मालिक संतोष सिंह ठाकुर और डायरेक्टर सार्थक सिंह ठाकुर की मदद करने के मामले में जोगेंद्र सिंह, राजू माइकल, राकेश साह और प्रशांत पाटिल पुलिस के सामने पेश हुए। जांच में पता चला है कि जब्त किए गए 6 गैस कैप्सूल से 92 मीट्रिक टन एलपीजी निकालकर 90 लाख रुपये में बेच दी गई थी और इसे सही दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए थे। इस मामले में तत्कालीन खाद्य अधिकारी अजय यादव और भाजपा नेता पंकज चंद्राकर पहले से ही जेल में हैं। पुलिस को वजन के रिकॉर्ड में भी कई गड़बड़ियां मिली हैं।

छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता की तैयारी, ड्राफ्ट के लिए सरकार ने बनाई कमेटी

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए एक अध्ययन समिति का गठन किया है। मान्य प्रशासन विभाग ने इ स संबंध में आदेश जारी कर दिया है, जिसकी जानकारी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी साझा की इस समिति की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई को बनाया गया है। इसके अलावा शत्रुघ्न सिंह, एमके राउत, मोहन पवार और ज्योति रानी सिंह को सदस्य नियुक्त किया गया है। यह समिति छत्तीसगढ़ में विवाह, तलाक, भरण-पोषण, जमीन और संपत्ति के अधिकार जैसे विषयों पर कानूनी स्थिति का अध्ययन करेगी। समिति आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विशेषज्ञों से सुझाव लेगी। साथ ही दूसरे राज्यों की व्यवस्था को देखने के बाद अपना ड्राफ्ट और सिफारिशें राज्य सरकार को सौंपेगी।

यात्री बसों में ट्रैकिंग डिवाइस लगाना जरूरी, 15 दिनों में पूरा करना होगा काम

छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग ने यात्रियों, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए सभी बसों में वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) लगाना अनिवार्य कर दिया है। जिन बसों में यह डिवाइस नहीं है, उन्हें 15 दिनों के भीतर इसे लगाना होगा और बंद पड़ी डिवाइस को तुरंत चालू करना होगा। परिवहन सचिव एस. प्रकाश ने बस संचालकों और वेंडरों के साथ बैठक में साफ किया कि तय समय में नियम का पालन न करने पर मोटरयान अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई होगी। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और केंद्र सरकार की गाइडलाइन के तहत लिया गया है। बसों की निगरानी रायपुर में बने कमांड सेंटर से सैटेलाइट के जरिए की जाएगी। यात्री भी संगवारी ऐप की मदद से बस की लाइव लोकेशन देख सकेंगे। इसके साथ ही सड़कों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर कैमरे भी लगाए जा रहे हैं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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