Ration Card Fraud Rules: राशन कार्ड धारकों के लिए जरूरी चेतावनी: मृत सदस्य के नाम पर लिया अनाज तो रद्द होगा कार्ड, दर्ज हो सकती है FIR, जानें मृत सदस्य का नाम हटाने का ऑनलाइन और ऑफलाइन तरीका

Ration Card Fraud Rules: देशभर में करोड़ों परिवार सरकारी राशन की सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सरकार हर महीने प्रति व्यक्ति के हिसाब से मुफ्त अनाज मुहैया कराती है। इस व्यवस्था को सही तरीके से चलाने के लिए कुछ कड़े नियम बनाए गए हैं जिनका पालन करना सभी कार्ड धारकों के लिए जरूरी है। कई बार परिवारों में किसी सदस्य की मृत्यु हो जाने के बाद भी लोग राशन कार्ड से उनका नाम नहीं हटवाते और उनके हिस्से का अनाज लगातार लेते रहते हैं। सरकार ने अब इस तरह की लापरवाही पर सख्त रुख अपना लिया है। ऐसा करना पूरी तरह गैर-कानूनी है और पकड़े जाने पर पूरे परिवार को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

मृत व्यक्ति के हिस्से का राशन लेने पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई

यदि कोई परिवार अपने किसी दिवंगत सदस्य के नाम पर लगातार राशन ले रहा है, तो विभाग उसे धोखाधड़ी के दायरे में रखता है। ऐसा मामला सामने आने पर सरकार सबसे पहले उस परिवार का राशन कार्ड हमेशा के लिए निरस्त कर सकती है। सिर्फ इतना ही नहीं, मृत्यु की तारीख से लेकर अब तक उस सदस्य के नाम पर जितना भी अनाज लिया गया है, उसकी पूरी कीमत बाजार दर के हिसाब से वसूली जाएगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग दोषी कार्ड धारक के खिलाफ थाने में प्राथमिकी भी दर्ज करा सकता है, जिससे जेल जाने तक की नौबत आ सकती है। इसके साथ ही भविष्य में मिलने वाली अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ से भी हाथ धोना पड़ सकता है।

घर बैठे इंटरनेट के माध्यम से ऐसे ऑनलाइन हटा सकते हैं नाम

अगर आपके परिवार में भी ऐसी स्थिति है, तो किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए तुरंत कार्ड को अपडेट कराएं। इसके लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। नाम हटाने की ऑनलाइन प्रक्रिया इस प्रकार है:

  • लॉग इन करें: सबसे पहले विभाग की वेबसाइट पर जाकर अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर की मदद से अकाउंट लॉग इन करें।
  • विकल्प का चयन: मुख्य पेज पर जाकर राशन कार्ड संशोधन या सदस्य को हटाने वाले विकल्प पर क्लिक करें।
  • विवरण भरें: जिस मृत सदस्य का नाम सूची से अलग करना है, उसका चयन करें और मांगी गई आवश्यक जानकारियां दर्ज करें।
  • कारण बताएं: नाम हटाने की वजह वाले कॉलम में मृत्यु के विकल्प को चुनें।
  • दस्तावेज अपलोड: मृत सदस्य के आधिकारिक मृत्यु प्रमाण पत्र की साफ स्कैन कॉपी वेबसाइट पर अपलोड करें।
  • फाइनल सबमिट: पूरी जानकारी जांचने के बाद फॉर्म को सबमिट कर दें और स्क्रीन पर आए रसीद नंबर को सुरक्षित रख लें।

इंटरनेट की सुविधा न होने पर ऑफलाइन माध्यम से करें आवेदन

यदि आप ऑनलाइन प्रक्रिया का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, तो नजदीकी सरकारी दफ्तर जाकर भी यह काम आसानी से करवा सकते हैं। इसके लिए कार्ड धारक को अपने क्षेत्र के खाद्य आपूर्ति कार्यालय या नजदीकी राशन डीलर के पास जाना होगा। वहां से नाम सुधार का फॉर्म लेकर उसमें मृत सदस्य की पूरी जानकारी भरनी होगी। इस फॉर्म के साथ एक लिखित प्रार्थना पत्र, राशन कार्ड की छायाप्रति और नगर निगम या पंचायत द्वारा जारी मृत्यु प्रमाण पत्र को संलग्न करना जरूरी है। सभी दस्तावेजों को संबंधित अधिकारी के पास जमा करके वहां से पावती रसीद जरूर ले लें।

अपात्रों को बाहर कर वास्तविक जरूरतमंदों को लाभ देना है लक्ष्य

सरकार की इस सख्ती का मुख्य उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली में चल रही गड़बड़ियों को रोकना है। कई जगहों पर अपात्र लोग और गलत नामों के सहारे राशन का उठाव किया जा रहा है, जिसकी वजह से वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक अनाज नहीं पहुंच पाता है। विभाग समय-समय पर डेटा का मिलान करता है, जिससे गलत तरीके से लाभ ले रहे लोगों की पहचान आसानी से हो जाती है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों के दायरे में रहकर अपनी जानकारियां अपडेट रखने से उपभोक्ताओं को कभी किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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