CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें जल जीवन मिशन 2.0 में पंचायतों को जिम्मेदारी, महादेव एप केस में ED की 940 करोड़ की बड़ी जब्ती, रायपुर में सहायक शिक्षकों का TET डेटा तलब, 80 हजार शिक्षकों को 2028 तक परीक्षा पास करने का अल्टीमेटम, बारनवापारा में चीतलों की मौत पर जांच के आदेश, छत्तीसगढ़ में पासपोर्ट आवेदनों का टूटा रिकॉर्ड, महामाया मंदिर का लड्डू प्रसाद लैब टेस्ट में फेल, कवर्धा धान घोटाले में उपार्जन केंद्र प्रभारी के घर छापा, पेड़ से गिरने पर मौत को हाईकोर्ट ने माना प्राकृतिक आपदा और अपोलो अस्पताल की लापरवाही के बाद पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बनाकर बचाई मरीज की जान समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे

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जल जीवन मिशन 2.0: अब पंचायतें संभालेंगी गांवों में पानी की सप्लाई, गड़बड़ी रोकने के लिए सोशल ऑडिट जरूरी

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में अब पीने का साफ पानी पहुंचाने की पूरी जिम्मेदारी सीधे ग्राम पंचायतों के पास होगी। मंत्रालय में मुख्य सचिव विकासशील की अगुवाई में हुई एक हाई लेवल मीटिंग में जल जीवन मिशन 2.0 को लेकर यह बड़ा फैसला लिया गया है। नए नियम के मुताबिक राज्य की सभी नल-जल योजनाओं को चलाने और उनकी देखरेख का काम सरकारी विभाग के बदले ग्राम पंचायतें और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियां संभालेंगी। अक्सर शिकायतें आती हैं कि पाइपलाइन बिछने के बाद भी लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। ऐसी दिक्कतों को दूर करने के लिए सरकार ने सोशल ऑडिट यानी सामाजिक अंकेक्षण को अनिवार्य कर दिया है। अब हर गांव की ग्राम सभा में जल जीवन मिशन के तहत हुए कामों का पूरा हिसाब-किताब जनता के सामने रखा जाएगा। बैठक में पानी की बर्बादी को रोकने और बजट को ठीक से मैनेज करने पर भी चर्चा हुई। आने वाले समय में गांवों में भी ‘वाटर मीटर’ लगाने की तैयारी की जा रही है। इससे लोग जरूरत भर ही पानी खर्च करेंगे और जल शुल्क की वसूली भी आसान होगी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक ने बताया कि जब जिम्मेदारी स्थानीय स्तर पर होगी, तो पाइपलाइन या मशीनों में खराबी आने पर मरम्मत का काम तुरंत हो सकेगा।

महादेव एप केस में ED की सबसे बड़ी चोट: विकास गर्ग की 940 करोड़ की संपत्ति कुर्क, कुल जब्ती 3800 करोड़ पार

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा एप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब तक की अपनी सबसे बड़ी कार्रवाई की है। रायपुर जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत आरोपी विकास गर्ग और उसके परिवार की करीब 940.77 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां फ्रीज कर दी हैं। इस तगड़ी कार्रवाई से सट्टा सिंडिकेट से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। जांच में पता चला है कि यह पूरा सिंडिकेट विदेशों से फ्रैंचाइजी मॉडल पर पैनल नेटवर्क चला रहा था। इससे हर महीने लगभग 450 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हो रही थी। इस काली कमाई को वैध बनाने के लिए शेल (फर्जी) कंपनियों का एक बड़ा जाल तैयार किया गया था, जिसके जरिए कागजी लेन-देन दिखाकर पैसे को घुमाया जाता था। विकास गर्ग की कंपनियों में महादेव बुक और स्काईएक्सचेंज से आए 940 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया गया, जिससे शेयर और महंगे बंगले खरीदे गए। इस नई कार्रवाई के बाद केस में अब तक कुर्क हो चुकी कुल संपत्ति 3,800 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है।

रायपुर संभाग में सहायक शिक्षकों का मांगा गया TET डेटा, DEO को 15 जुलाई तक का समय

रायपुर संभाग में सहायक शिक्षकों (स्नातक प्रशिक्षित) के सर्विस रिकॉर्ड को अपडेट करने का काम तेज हो गया है। शिक्षा विभाग ने संभाग के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को आदेश जारी कर शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करने वाले शिक्षकों की पूरी जानकारी मांगी है। संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक, 1 अप्रैल 2026 की स्थिति में जो अंतिम वरिष्ठता सूची जारी हुई थी, उसमें शामिल सभी सहायक शिक्षकों का टीईटी रिकॉर्ड इकट्ठा किया जा रहा है। सभी जिलों को यह डेटा तय फॉर्मेट में तैयार करके 15 जुलाई 2026 तक हर हाल में रायपुर दफ्तर भेजना होगा, ताकि आगे की विभागीय प्रक्रियाओं में देरी न हो।

सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख: छत्तीसगढ़ के 80 हजार शिक्षकों के लिए 2028 तक TET पास करना जरूरी

छत्तीसगढ़ के सरकारी प्राथमिक और मिडिल स्कूलों में पढ़ा रहे करीब 80 हजार 491 शिक्षकों के सामने अपनी नौकरी बचाने की बड़ी चुनौती आ गई है। सुप्रीम कोर्ट के पुराने आदेश के बाद अब इन सभी शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करना अनिवार्य है। इस फैसले का सबसे ज्यादा असर उन शिक्षकों पर पड़ रहा है जिनकी भर्ती 3 सितंबर 2001 से 23 अगस्त 2010 के बीच हुई थी। अदालत ने इन्हें राहत देते हुए परीक्षा पास करने की आखिरी तारीख को बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दिया है। इस नियम के दायरे में आने वाले ज्यादातर शिक्षक 50 साल से अधिक उम्र के हो चुके हैं और कई तो 55 साल के करीब हैं। सालों तक नौकरी करने के बाद अब ढलती उम्र में दोबारा छात्रों की तरह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करना उनके लिए काफी मुश्किल साबित हो रहा है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि राज्य में टीईटी का आयोजन नियमित रूप से नहीं होता, जिससे मौके कम मिलते हैं। उन्होंने मांग की है कि सरकार हर तीन-चार महीने में विभागीय स्तर पर सीमित पात्रता परीक्षा आयोजित करे और सवालों का स्तर भी लोक सेवा आयोग (PSC) जैसा कठिन रखने के बजाय स्कूली पाठ्यक्रम के आधार पर तय करे।

बारनवापारा अभ्यारण्य में तीन चीतलों की मौत, वन मंत्री ने दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश

महासमुंद जिले के मशहूर बारनवापारा अभ्यारण्य में पिछले दो दिनों के भीतर तीन चीतलों (हिरणों) के शव मिलने से हड़कंप मच गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने पूरे मामले की बारीकी से जांच करने के निर्देश दिए हैं। वन विभाग की शुरुआती जांच में पता चला है कि 7 जुलाई को रामपुर चारागाह क्षेत्र में दो नर चीतलों के शव मिले थे। ये दोनों आपस में बुरी तरह लड़ पड़े थे, जिसके कारण एक का सींग दूसरे की गर्दन में फंस गया था। इस संघर्ष में दोनों की गर्दन की हड्डी टूट गई और ज्यादा खून बहने से उनकी मौत हो गई। हालांकि, 8 जुलाई को उसी इलाके में मिले तीसरे चीतल की मौत को संदिग्ध माना जा रहा है। अधिकारियों को अंदेशा है कि या तो उसका शिकार किया गया है या फिर वह आवारा कुत्तों के हमले का शिकार हुआ है। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए अब इस पूरे इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है और जंगलों में ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं।

छत्तीसगढ़ के युवाओं में बढ़ा विदेश जाने का क्रेज, 25 सालों में 152 गुना बढ़े पासपोर्ट आवेदन

छत्तीसगढ़ के लोगों में अब पढ़ाई, नौकरी और बिजनेस के सिलसिले में विदेश जाने का चलन बहुत तेजी से बढ़ा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 25 वर्षों में राज्य के भीतर पासपोर्ट बनवाने वाले आवेदकों की संख्या में 152 गुना की रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जहां साल 2007 में पूरे छत्तीसगढ़ से केवल 375 लोगों ने पासपोर्ट के लिए अप्लाई किया था, वहीं साल 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 56 हजार 991 तक पहुंच गया। पहले राज्य के लोगों को पासपोर्ट के वेरिफिकेशन और इंटरव्यू के लिए भोपाल जाना पड़ता था, लेकिन रायपुर में क्षेत्रीय कार्यालय और अन्य शहरों में सेवा केंद्र खुलने से अब यह प्रक्रिया बेहद आसान हो गई है। सबसे ज्यादा 23 हजार पासपोर्ट धारक अकेले राजधानी रायपुर में हैं, जबकि दुर्ग-भिलाई में 9 हजार और बिलासपुर में 7 हजार लोग इस सूची में शामिल हैं।

महामाया मंदिर के प्रसाद की लैब रिपोर्ट फेल: मोतीचूर के लड्डू में मिला खतरनाक केमिकल, खाद्य विभाग मुस्तैद

अंबिकापुर के प्रसिद्ध मां महामाया मंदिर के पास बिकने वाले प्रसाद को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मंदिर के ठीक सामने स्थित एक दुकान से लिए गए मोतीचूर के लड्डू का सैंपल सरकारी लैब टेस्ट में पूरी तरह फेल हो गया है। भोपाल की मान्यता प्राप्त लैब से आई रिपोर्ट में पता चला है कि लड्डू में कृत्रिम स्वीटनर ‘एसपार्टेम’ और चमकीला दिखाने वाला सिंथेटिक कलर ‘सनसेट येलो’ तय मात्रा से कई गुना ज्यादा मिलाया गया था। खाद्य सुरक्षा विभाग की अधिकारी लक्ष्मी यादव ने बताया कि रामनवमी के दौरान यह सैंपल लिया गया था। लड्डू में मिठास बढ़ाने वाले एसपार्टेम की तय सीमा 1000 मिलीग्राम है, लेकिन सैंपल में यह 1700 मिलीग्राम पाया गया। इसी तरह कलर की मात्रा भी 100 मिलीग्राम के बदले 1100 मिलीग्राम मिली। डॉक्टरों के मुताबिक इन रसायनों के अत्यधिक सेवन से कैंसर और सिरदर्द जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। विभाग ने संबंधित दुकानदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और मंदिर के आसपास की सभी दुकानों से नए सैंपल मंगाए गए हैं।

कवर्धा धान घोटाला: उपार्जन केंद्र प्रभारी के घर पुलिस का छापा, 16 लाख कैश और दस्तावेज बरामद

कबीरधाम (कवर्धा) जिले के सरकारी धान खरीदी केंद्रों से धान गायब होने के मामले में पुलिस की जांच अब काफी आक्रामक हो गई है। इस कथित घोटाले को लेकर अब तक 6 अलग-अलग एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इसी सिलसिले में पुलिस की टीम ने लोहारा धान उपार्जन केंद्र के प्रभारी गंगादास मानिकपुरी के घर और दफ्तर पर एक साथ छापेमारी की। इस तलाशी के दौरान पुलिस ने मौके से 16 लाख रुपये की नकदी, कई बैंकों की पासबुक, जमीन और धान खरीदी से जुड़े जरूरी कागजात समेत दफ्तर का कंप्यूटर जब्त किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घोटाले में शामिल अन्य फरार आरोपियों के ठिकानों पर भी लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: आंधी-तूफान में पेड़ से गिरकर हुई मौत भी प्राकृतिक आपदा, सरकार को मुआवजा देने का हुकम

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्राकृतिक आपदा राहत नीति को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि आंधी-तूफान और तेज बारिश जैसी खराब मौसमी परिस्थितियों के बीच अगर कोई व्यक्ति पेड़ से गिर जाता है और उसकी मौत हो जाती है, तो उसे भी दैवीय आपदा ही माना जाएगा। इस टिप्पणी के साथ कोर्ट ने राजस्व विभाग के उस पुराने आदेश को रद्द कर दिया जिसमें पीड़ित परिवार को मुआवजा देने से मना किया गया था। यह पूरा मामला राजनांदगांव जिले के मोहला इलाके का है, जहां साल 2020 में श्यामूराम मंडावी नाम के व्यक्ति की आंधी और तेज बारिश के दौरान पेड़ से गिरकर मौत हो गई थी। मृतक के बेटे अमर सिंह ने सरकार की नीति के तहत 4 लाख रुपये के मुआवजे के लिए आवेदन किया था, जिसे अतिरिक्त कलेक्टर ने यह कहकर खारिज कर दिया था कि पेड़ से गिरने पर मुआवजे का नियम नहीं है। हाईकोर्ट ने राजस्व पुस्तक परिपत्र के नियमों का हवाला देते हुए इस फैसले को गलत ठहराया और राज्य सरकार को आदेश दिया कि याचिकाकर्ता को 30 दिनों के भीतर 4 लाख रुपये की राहत राशि का भुगतान किया जाए।

बिलासपुर अपोलो अस्पताल की लापरवाही पर भड़के SSP: एयर एम्बुलेंस खड़ी रही, ग्रीन कॉरिडोर बनाकर बचानी पड़ी मरीज की जान

बिलासपुर के अपोलो अस्पताल प्रबंधन पर एक गंभीर मरीज को रेफर करने के दौरान भारी लापरवाही और मनमानी बरतने के आरोप लगे हैं। लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारी राजकुमार अग्रवाल, जो स्वाइन फ्लू से पीड़ित थे, उन्हें बेहतर इलाज के लिए हैदराबाद जाना था। परिजनों ने भारी भरकम रकम खर्च कर हैदराबाद से एक एयर एम्बुलेंस बुलाई जो चकरभाठा एयरपोर्ट पर आकर खड़ी हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने मरीज को एयरपोर्ट भेजने के लिए अपनी हाईटेक एम्बुलेंस देने के बजाय एक प्राइवेट ड्राइवर का नंबर दे दिया और साथ में कोई डॉक्टर या मेडिकल स्टाफ भी नहीं भेजा। जब मरीज को जैसे-तैसे एयरपोर्ट पहुंचाया गया, तो बिना लाइफ सपोर्ट के उसका ऑक्सीजन लेवल गिरकर 20 प्रतिशत तक आ गया। मरीज की नाजुक हालत देखकर एयर एम्बुलेंस के डॉक्टरों ने उसे ले जाने से मना कर दिया और मरीज को वापस अपोलो लाना पड़ा। इस पूरी अव्यवस्था के कारण परिजनों के करीब 23 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च हो गए। मामला जब पुलिस के आला अधिकारियों तक पहुंचा, तो एसएसपी रजनेश सिंह ने खुद दखल दिया और अस्पताल प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद मरीज की जान बचाने के लिए बिलासपुर पुलिस ने शहर की व्यस्त सड़कों और भारी बारिश के बीच अस्पताल से लेकर चकरभाठा एयरपोर्ट तक एक ‘ग्रीन कॉरिडोर’ तैयार करवाया, जिसके बाद डॉक्टरों की स्पेशल टीम की निगरानी में मरीज को सुरक्षित हैदराबाद रवाना किया जा सका।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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