
Kurud Sirri Multi Village Scheme: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के अंतर्गत आने वाले कुरुद विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार की समूह जल प्रदाय योजना के तहत कुरुद विकासखंड में 130 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली ‘सिर्री मल्टी विलेज स्कीम’ को हरी झंडी मिल गई है। क्षेत्रीय विधायक अजय चंद्राकर के प्रयासों के बाद स्वीकृत हुई यह परियोजना अगले चार महीनों में धरातल पर दिखाई देने लगेगी। इस पूरी स्कीम के तैयार होने के बाद कुरुद ब्लॉक के 84 गांवों में रहने वाले 29 हजार 793 परिवारों के घरों तक नल के माध्यम से शुद्ध पीने का पानी पहुंचाने का काम पूरा किया जा सकेगा।
जल संकट को दूर करेगी यह योजना
Kurud Water Project: कुरुद विकासखंड का बड़ा हिस्सा भूजल के मामले में सेमी-क्रिटिकल जोन के अंतर्गत आता है। यहां जमीन के भीतर मौजूद पानी का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल भविष्य के लिए एक बड़ा संकट बन गया है। इस वजह से गर्मी के दिनों में इस पूरे इलाके को भारी पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ता है। लगातार घटते जलस्तर और हैंडपंपों के सूखने के कारण गांवों के लोगों, खासतौर पर महिलाओं को दूर-दूर से पानी ढोकर लाना पड़ता है। इसी समस्या के स्थाई समाधान के लिए इस परियोजना को मंजूरी दिलाई गई है ताकि ग्रामीणों को जमीन के पानी के बजाय नहर के सतही पानी की सप्लाई की जा सके।
मगरलोड मेघा प्रोजेक्ट को भी मिली राह
इस बड़ी उपलब्धि को लेकर विधायक अजय चंद्राकर ने बताया कि कुरुद सिर्री योजना की तर्ज पर ही मगरलोड मेघा क्षेत्र के लिए भी एक अलग विस्तृत कार्ययोजना तैयार कराई गई है। इस दूसरी बड़ी योजना के दायरे में मेघा क्षेत्र के करीब 59 गांवों को शामिल किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को सुचारू रूप से चलाने के लिए पारसाबुड़ा में एक बड़ा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और तीन मास्टर बैलेंसिंग रिजर्वायर (बड़ी टंकियां) बनाए जाएंगे। प्रशासनिक स्तर पर जरूरी स्वीकृतियां और कागजी औपचारिकताएं पूरी होते ही इस हिस्से का निर्माण कार्य भी जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा।
जनहित के कामों को जमीन पर उतारने का दावा
विधायक अजय चंद्राकर का कहना है कि जनता द्वारा दिए गए जनादेश का सम्मान करना हर जनप्रतिनिधि की पहली जिम्मेदारी होती है। उन्होंने हमेशा इस बात का ध्यान रखा है और जनहित से जुड़े कार्यों को धरातल पर लाने की यह कोशिश अब कामयाब रही है। यह योजना सिर्फ एक पानी सप्लाई करने वाला प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों के रहन-सहन के स्तर में सुधार होगा। इसके शुरू होने से महिलाओं को पानी के लिए होने वाली शारीरिक मेहनत से मुक्ति मिलेगी, पानी से होने वाली बीमारियों पर लगाम लगेगी और क्षेत्र में जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
समझिए कैसे काम करेगी आधुनिक तकनीक
कुरुद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के एसडीओ राजवीर महोबिया ने योजना की तकनीकी बारीकियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट में आधुनिक वैज्ञानिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके तहत सबसे पहले नहर के माध्यम से बांध के कच्चे पानी को डांडेसरा में बनने वाले संपवेल (पानी इकट्ठा करने का मुख्य टैंक) तक लाया जाएगा। इसके बाद डांडेसरा में स्थापित होने वाले आधुनिक ट्रीटमेंट प्लांट में इस पानी को पूरी तरह साफ और शुद्ध किया जाएगा। शुद्धिकरण के बाद पानी को मुख्य टंकियों में भेजा जाएगा जहां से पाइपलाइन के जरिए यह घरों तक पहुंचेगा।
चार अलग-अलग जोन में बंटेगा नेटवर्क
अधिकारियों के मुताबिक इस पूरी जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर ढंग से संचालित करने और सभी गांवों में समान रूप से पानी बांटने के लिए पूरे क्षेत्र को चार मुख्य जोन में बांटा गया है। इसमें डांडेसरा जोन के तहत 23 गांव, भाठागांव जोन में 19 गांव, कोड़ेबोड़ जोन में 15 गांव और सिर्री जोन के अंतर्गत आने वाले 27 गांवों को रखा गया है। इन चारों जोन को मिलाकर कुरुद विधानसभा के कुल 84 गांवों के हजारों परिवारों को इस व्यवस्था का सीधा फायदा मिलने लगेगा। दूर-दराज की बसाहटों में भी पानी का दबाव सही रहे, इसके लिए पंपिंग सिस्टम को मजबूत रखा जाएगा।
पंचायतों और स्थानीय समितियों को जिम्मेदारी
इस भारी-भरकम जलापूर्ति योजना को लंबे समय तक बिना किसी रुकावट के चलाने के लिए स्थानीय ग्राम पंचायतों और जल एवं स्वच्छता समितियों को भी इससे जोड़ा जाएगा। सरकार का मानना है कि पानी के सही इस्तेमाल, पाइपलाइनों की सुरक्षा, समय पर लीकेज को ठीक करने और रोजमर्रा के रखरखाव के काम में जब तक स्थानीय ग्रामीणों की सीधी हिस्सेदारी नहीं होगी, तब तक योजना को पूरी तरह सफल नहीं बनाया जा सकता। इसके लिए गांवों में जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा ताकि पानी की बर्बादी को रोका जा सके।



