
Bhilai Steel Plant Iron Theft Case Rikesh Sen VIDEO: छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) में बड़े पैमाने पर लोहा चोरी होने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस कथित घोटाले को लेकर वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रिकेश सेन ने मोर्चा खोल दिया है। यह पूरा मामला अब छत्तीसगढ़ विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में गूंजने के लिए तैयार है। विधायक ने स्पष्ट किया है कि 13 जुलाई से शुरू होने वाले सदन के सत्र में वे इस संवेदनशील विषय को प्रमुखता से उठाएंगे। वे इस मुद्दे पर सदन में विशेष चर्चा कराने के साथ ही एक अशासकीय संकल्प भी पेश करने जा रहे हैं।
पिछले चार दशकों से चल रहा है करोड़ों का यह संगठित खेल
विधायक रिकेश सेन का दावा है कि भिलाई स्टील प्लांट के भीतर यह गड़बड़ी कोई नई नहीं है बल्कि पिछले 30 से 40 साल से लगातार जारी है। उनके अनुसार इतने लंबे समय में प्लांट से लगभग 10,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का लोहा गायब किया जा चुका है। विधायक ने इसे सामान्य चोरी मानने से इनकार करते हुए कहा कि यह एक सुनियोजित और संगठित नेटवर्क है। उनका सीधा आरोप है कि प्लांट की सुरक्षा में लगे जिम्मेदार अधिकारियों और स्थानीय रसूखदार लोगों के संरक्षण के बिना इतनी बड़ी मात्रा में सरकारी संपत्ति का बाहर जाना संभव नहीं है।
अवैध कमाई के पैसे का स्थानीय चुनावों में होता है सीधा इस्तेमाल
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला आरोप भिलाई की स्थानीय राजनीति को लेकर लगाया गया है। विधायक का कहना है कि कारखाने से लोहा चुराकर जो काली कमाई की जाती है, उस रकम का इस्तेमाल भिलाई क्षेत्र के अलग-अलग चुनावों में किया जाता है। चाहे स्थानीय नगर निगम के चुनाव हों या फिर विधानसभा के चुनाव, नेताओं के प्रचार-प्रसार और चुनावी खर्च में इसी अवैध पैसे को खपाया जाता है। उन्होंने चेतावनी दी है कि वे इस मामले की तह तक जाएंगे और मुख्य आरोपी का नाम जनता के सामने लाकर ही दम लेंगे।
पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने के लिए विधानसभा में होगी चर्चा
मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक अब इस कानूनी और राजनीतिक लड़ाई को विधानसभा के भीतर ले जा रहे हैं। उनकी मांग है कि सदन की कार्यवाही के दौरान प्रदेश के सभी 90 विधायकों की मौजूदगी में इस विषय पर कम से कम दो घंटे की विशेष और खुली चर्चा आयोजित की जाए। इस कथित घोटाले के तार गहरे जुड़े होने के कारण उन्होंने राज्य सरकार से इसे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने की सिफारिश करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही उन्होंने कानूनी मोर्चे पर कदम बढ़ाते हुए हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) भी दायर कर दी है।
कड़े सुरक्षा घेरे और सीसीटीवी के बावजूद सक्रिय है चोरों का गिरोह
इस पूरे घटनाक्रम ने भिलाई स्टील प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था की कमियों को भी उजागर कर दिया है। इसी साल मई के महीने में दुर्ग पुलिस ने एक स्थानीय गोदाम पर अचानक छापा मारकर करीब 250 टन चोरी का लोहा बरामद किया था। इस पुलिसिया कार्रवाई से यह साफ हो गया था कि प्लांट के भीतर से माल पार करने का यह धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। कारखाने के चारों तरफ सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे लगे होने और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की कड़क पहरेदारी के बाद भी चोरों का यह गिरोह बेखौफ होकर काम कर रहा है।
13 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र पर टिकी सबकी निगाहें
CG Assembly Monsoon Session: अब हर किसी की नजर 13 जुलाई से शुरू होने वाले छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र पर टिक गई है। राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर उत्सुकता है कि वैशाली नगर विधायक इस बड़े घोटाले को साबित करने के लिए सदन पटल पर कौन-कौन से दस्तावेजी सबूत और आंकड़े पेश करते हैं। इसके साथ ही यह भी देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा कि इस गंभीर आरोप पर राज्य सरकार और विपक्ष का क्या रुख रहता है तथा प्रबंधन की तरफ से इस पर क्या सफाई आती है।



