CG Congress State President: क्या टीएस सिंहदेव बनेंगे नए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष? सोशल मीडिया पर पोस्टर से मची खलबली, इन नेताओं के नामों पर चर्चा तेज

CG Congress State President: छत्तीसगढ़ कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक बदलाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां एक बार फिर बढ़ गई हैं। पार्टी के अंदर नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर कयासों का दौर शुरू हो चुका है। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा इसलिए भी गर्म है क्योंकि वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज की नियुक्ति को करीब तीन साल का समय पूरा होने जा रहा है। हालांकि कांग्रेस संगठन में प्रांतीय मुखिया के लिए कोई निश्चित समय सीमा तय नहीं होती है और न ही पार्टी की तरफ से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान आया है। इस पूरे मामले पर अंतिम निर्णय पूरी तरह से दिल्ली दरबार यानी कांग्रेस हाईकमान को ही करना है।

पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव का नाम संभावितों में सबसे आगे

पार्टी के भीतर चल रही इस गुटीय चर्चा में पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता टीएस सिंहदेव का नाम प्रमुखता से उभरकर सामने आ रहा है। पार्टी के एक बड़े धड़े और कार्यकर्ताओं का मानना है कि इस समय संगठन को उनके लंबे राजनीतिक अनुभव की सख्त जरूरत है। सिंहदेव के समर्थकों ने उन्हें कमान सौंपने के लिए अपनी तरफ से प्रयास भी तेज कर दिए हैं। हालांकि इस पूरे मामले पर खुद सिंहदेव बेहद नपे-तुले अंदाज में बयान दे रहे हैं और इसे पूरी तरह शीर्ष नेतृत्व का विशेषाधिकार बता रहे हैं।

सरगुजा, कोरबा और जांजगीर में सिंहदेव की बढ़ती सक्रियता के मायने

टीएस सिंहदेव पहले भी कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से यह इच्छा जता चुके हैं कि अगर हाईकमान उन्हें संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी देता है, तो वे इसके लिए सहर्ष तैयार हैं। पिछले कुछ महीनों के दौरान उनकी राजनीतिक गतिविधियां सरगुजा संभाग के साथ-साथ कोरबा और जांजगीर-चांपा जैसे मैदानी इलाकों में भी काफी बढ़ गई हैं। वे लगातार कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचकर बैठकें ले रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषक उनकी इस जमीनी सक्रियता को प्रदेश संगठन के भावी ऊंट की करवट से जोड़कर देख रहे हैं।

‘आदिबाबा फैंस क्लब’ ने सोशल मीडिया पर शुरू किया पोस्टर अभियान

इस बीच सोशल मीडिया पर टीएस सिंहदेव को अध्यक्ष बनाने के लिए एक बड़ा डिजिटल अभियान शुरू हो गया है। सरगुजा क्षेत्र के ‘आदिबाबा फैंस क्लब’ समेत कई स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने फेसबुक और एक्स (ट्विटर) पर विभिन्न प्रकार के पोस्टर साझा किए हैं। इन पोस्टरों में सिंहदेव की तस्वीर के साथ लिखा गया है कि जिन्होंने हर कठिन परिस्थिति में संगठन का साथ निभाया, अब उनके अनुभव को बड़ी जिम्मेदारी देने का सही समय आ गया है। समर्थक लगातार उनके नेतृत्व की वकालत कर रहे हैं।

सिंहदेव की नसीहत- समर्थकों को ऐसे मामलों में बरतना चाहिए संयम

सोशल मीडिया पर खुद को लेकर चल रही इस मुहिम पर टीएस सिंहदेव ने स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जब वर्तमान अध्यक्ष दीपक बैज को यह जिम्मेदारी मिली थी, तब भी कोई समय सीमा तय नहीं की गई थी। पार्टी जब तक चाहती है, कोई भी नेता अपने पद पर रहकर काम करता है। उन्होंने समर्थकों की पोस्ट पर कहा कि कई बार लोग उत्साह में आकर अपनी भावनाएं सोशल मीडिया पर लिख देते हैं, लेकिन ऐसी संवेदनशील कमान को लेकर संयम बरतना चाहिए क्योंकि इससे अनावश्यक राजनीतिक विवाद खड़े होते हैं।

हाईकमान इस बार किसी युवा चेहरे को सौंप सकता है कमान

पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) इस बार छत्तीसगढ़ संगठन में किसी ऊर्जावान और युवा चेहरे को आगे लाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। नई पीढ़ी को मौका देकर पार्टी राज्य में नए सिरे से अपनी जमीन मजबूत करना चाहती है। इस रणनीति की झलक पिछले साल 25 नवंबर को भी देखने को मिली थी, जब राज्य की 41 जिला कांग्रेस कमेटियों में से लगभग 25 जिलों में पुराने चेहरों को बदलकर नए और युवा जिला अध्यक्ष तैनात किए गए थे।

खरसिया विधायक उमेश पटेल के नाम पर भी दिल्ली में मंथन तेज

यदि हाईकमान युवा नेतृत्व के फॉर्मूले पर आगे बढ़ता है, तो इस रेस में पूर्व मंत्री और वर्तमान खरसिया विधायक उमेश पटेल का नाम सबसे मजबूत माना जा रहा है। उमेश पटेल के पास पूर्व में युवा कांग्रेस के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री के रूप में काम करने का अच्छा अनुभव है। वे युवाओं के बीच लोकप्रिय होने के साथ-साथ एक शांत और संतुलित चेहरा माने जाते हैं। उनके नाम पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच भी आम सहमति बनने की संभावना काफी अधिक दिखाई देती है।

भिलाई के कद्दावर युवा विधायक देवेंद्र यादव भी रेस में शामिल

उमेश पटेल के अलावा भिलाई से विधायक देवेंद्र यादव का नाम भी इस पद की दौड़ में तेजी से आगे चल रहा है। देवेंद्र यादव को संगठन के भीतर एक बेहद आक्रामक, ऊर्जावान और मजबूत जनाधार वाले नेता के रूप में देखा जाता है। छात्र राजनीति से मुख्यधारा की राजनीति में आए यादव की युवाओं पर अच्छी पकड़ है। संगठन की राष्ट्रीय टीम में भी उनके संपर्कों को देखते हुए उनके नाम पर भी लॉबिंग करने वाले नेता सक्रिय हैं।

वर्तमान अध्यक्ष दीपक बैज की दावेदारी को कमजोर आंकना जल्दबाजी

इन नए नामों की चर्चा के बीच वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज को भी इस दौड़ से पूरी तरह बाहर नहीं माना जा सकता। बस्तर अंचल से आने वाले बैज की आदिवासी समाज और अंदरूनी इलाकों में मजबूत पैठ है। विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने पूरे प्रदेश का दौरा कर संगठन को जीवंत बनाए रखने का प्रयास किया है। उनका सरल स्वभाव और सबको साथ लेकर चलने की नीति उनके पक्ष में जाती है, जिससे वे दोबारा भी हाईकमान की पसंद बन सकते हैं।

आगामी चुनावों को देखते हुए संगठन को धार देने की बड़ी चुनौती

भले ही छत्तीसगढ़ में अगले विधानसभा चुनाव में अभी काफी लंबा समय बचा हो, लेकिन कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व राज्य में अभी से अपने सांगठनिक ढांचे को चुस्त-दुरुस्त कर लेना चाहता है। मुख्य विपक्षी दल के रूप में सरकार को घेरने और कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने के लिए एक मजबूत रणनीतिकार की जरूरत है। अब देखना यह होगा कि क्या दिल्ली में बैठा नेतृत्व पुराने और अनुभवी हाथों पर दांव लगाता है या फिर किसी युवा चेहरे को आगे कर नई शुरुआत करता है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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