
PM Awas Yojana Urban 2.0: छत्तीसगढ़ के शहरी इलाकों में रहने वाले गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक अच्छी खबर है। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत राज्य में 11,477 नए पक्के मकानों के निर्माण को मंजूरी दे दी गई है। इस योजना के जरिए ऐसे लोगों को मदद दी जाएगी जिनके पास अब तक रहने के लिए खुद का पक्का मकान नहीं है। सरकार की इस पहल से झुग्गियों या किराए के मकानों में रहने वाले परिवारों को अपने घर की सौगात मिलेगी।
11 हजार से ज्यादा आवास मंजूर, कुल 2.82 लाख रुपये की मिलेगी मदद
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के लोगों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्का मकान देना है। इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ में स्वीकृत किए गए नए मकानों के लिए प्रत्येक पात्र परिवार को कुल 2,82,850 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस राशि से गरीब परिवार बिना किसी बड़े कर्ज के अपने रहने के लिए एक सुरक्षित आशियाना तैयार कर सकेंगे।
अलग-अलग किस्तों में जारी होगी सहायता राशि
हितग्राहियों को मकान बनाने के लिए मिलने वाली यह राशि एकमुश्त नहीं दी जाएगी। निर्माण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने और काम को समय पर पूरा कराने के लिए इसे चार चरणों में बांटा गया है। सबसे पहले नींव (फाउंडेशन) तैयार होने पर 1,00,000 रुपये दिए जाएंगे। इसके बाद दीवारें लिंटल स्तर तक पहुंचने पर 50,000 रुपये की दूसरी किस्त जारी होगी। मकान की छत ढलने के बाद 50,000 रुपये की तीसरी किस्त और फिनिशिंग समेत पूरा काम खत्म होने पर आखिरी 50,000 रुपये दिए जाएंगे। इस तरह कुल राशि का भुगतान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना के तहत मिलेगा बोनस
राज्य सरकार ने मकानों का काम तेजी से निपटाने के लिए एक विशेष प्रोत्साहन योजना भी जोड़ी है। यदि कोई हितग्राही अपने मकान का निर्माण कार्य शुरू होने के बाद 18 महीने के भीतर उसे पूरा कर लेता है, तो उसे ‘मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना’ के तहत लाभ दिया जाएगा। ऐसे परिवारों को तय राशि के अलावा 32,850 रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोनस दिया जाएगा। राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) ने सभी नगर निगमों और नगर पालिकाओं को इस नियम का कड़ाई से पालन करने को कहा है।
नियम टूटने पर रुक सकती है किस्त
इस योजना के तहत बनने वाले मकानों के लिए सरकार ने कुछ जरूरी तकनीकी मापदंड भी तय किए हैं। नियमों के मुताबिक, बनाए जा रहे मकान का कारपेट एरिया 30 से लेकर 45 वर्गमीटर के दायरे में ही होना चाहिए। इससे छोटे या बड़े मकानों को योजना से बाहर रखा जा सकता है। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन की टीमें समय-समय पर निर्माण स्थल का मुआयना करेंगी। अगर जांच में काम तय मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया, तो प्रशासन अगली किस्त की राशि पर रोक लगा सकता है।
जानिए कौन से लोग उठा सकते हैं इस योजना का लाभ
प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 का लाभ उठाने के लिए आवेदकों को कुछ जरूरी योग्यताएं पूरी करनी होंगी। योजना के नियम के अनुसार, आवेदक को उसी शहरी क्षेत्र का मूल निवासी होना चाहिए जहां वह आवेदन कर रहा है। इसके अलावा देश के किसी भी हिस्से में आवेदक या उसके परिवार के किसी सदस्य के नाम पर कोई दूसरा पक्का मकान नहीं होना चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि हितग्राही के पास उस जमीन के मालिकाना हक के दस्तावेज या वैध सरकारी पट्टा होना अनिवार्य है।
आवेदन के लिए इन जरूरी दस्तावेजों की होगी जरूरत
योजना का लाभ लेने के इच्छुक परिवारों को आवेदन फॉर्म के साथ कुछ अनिवार्य दस्तावेज जमा करने होंगे। इसमें पहचान और पते के सत्यापन के लिए आधार कार्ड, परिवार की सालाना कमाई का वैध आय प्रमाण पत्र, संबंधित भूखंड या पट्टे के मालिकाना हक के कागजात और बैंक खाते की पासबुक का विवरण शामिल है ताकि सहायता राशि सीधे खाते में भेजी जा सके। इसके अलावा स्थानीय नगर निकाय अपनी आवश्यकताओं के अनुसार कुछ अतिरिक्त प्रमाण पत्र भी मांग सकते हैं।
नए पक्के मकानों से सुधरेगा शहरी गरीबों का जीवन स्तर
राज्य में एक साथ 11,477 नए मकानों की मंजूरी मिलने से शहरी क्षेत्रों में रहने वाले हजारों परिवारों के रहन-सहन में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। मानसून और कड़कड़ाती ठंड में कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों को इस योजना से एक स्थाई ठिकाना मिलेगा। यह योजना न केवल गरीब परिवारों को एक छत मुहैया करा रही है, बल्कि समाज के सबसे निचले तबके को एक सुरक्षित वातावरण और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी प्रदान कर रही है।



