PM Fasal Bima Yojana: छत्तीसगढ़ में कम बारिश की चिंता के बीच किसानों के लिए सुरक्षा कवच, फसल खराब होने पर 72 घंटे में देनी होगी सूचना, शुरू हुआ फसल बीमा का पंजीयन, जानें आखिरी तारीख

PM Fasal Bima Yojana: छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए जरूरी खबर है। राज्य में खरीफ फसलों की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मौसम विभाग की तरफ से इस साल मौसम में उतार-चढ़ाव और कम बारिश की आशंका जताई गई है। ऐसे में किसी भी प्राकृतिक आपदा या सूखे जैसी स्थिति में आर्थिक नुकसान से बचने के लिए किसानों के पास अपनी फसल का बीमा कराने का यह बेहतरीन मौका है।

अनियमित मानसून की आशंका के बीच फसलों को सुरक्षा देगी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन 2026 के लिए फसल बीमा का पंजीयन 12 जुलाई से शुरू हो चुका है। इस साल मौसम विभाग ने एल नीनो के असर की वजह से कम या असमान बारिश की चेतावनी जारी की है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की इस अनिश्चितता के बीच किसानों की फसल और उनकी लागत को सुरक्षित रखने में यह योजना बेहद मददगार साबित होगी।

फसल खराब होने पर 72 घंटे के भीतर देनी होगी सूचना, वरना अटक सकता है क्लेम

फसल बीमा का लाभ लेने के लिए सरकार ने एक बेहद जरूरी नियम बनाया है। यदि किसी प्राकृतिक आपदा, ओलावृष्टि, या खेतों में पानी भरने से फसल को कोई नुकसान पहुंचता है, तो किसान को इसकी जानकारी 72 घंटे के अंदर देनी होगी। तय समय के बाद जानकारी देने पर बीमा दावा मिलने में परेशानी हो सकती है। नुकसान की सूचना केंद्र सरकार के टोल-फ्री नंबर 14447 पर कॉल करके दी जा सकती है। इसके अलावा किसान अपने नजदीकी कृषि विभाग, बैंक या बीमा कंपनी से भी संपर्क कर सकते हैं।

धान, मक्का और सोयाबीन सहित इन प्रमुख फसलों को मिलेगा बीमा योजना का लाभ

इस योजना के तहत राज्य की कई मुख्य फसलों को सुरक्षित किया गया है। इसमें सिंचित और असिंचित धान, मक्का, सोयाबीन, अरहर, मूंगफली, मूंग और उड़द जैसी फसलें शामिल हैं। इसके साथ ही कोदो, कुटकी और रागी जैसे मोटे अनाजों को भी बीमा सुरक्षा के दायरे में रखा गया है। खास बात यह है कि खेतों में बोनी रुकने, रोपण न हो पाने और फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान की स्थिति में भी किसानों को सुरक्षा कवर दिया जाएगा।

पंजीयन कराने की अंतिम तारीख 31 जुलाई, समय पर प्रक्रिया पूरी करना जरूरी

योजना के तहत आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना समय पर अपना पंजीयन पूरा करा लें ताकि बाद में सर्वर डाउन होने जैसी दिक्कतों से बचा जा सके। जिन किसानों ने बैंकों से कृषि ऋण ले रखा है, उनका बीमा संबंधित बैंक के माध्यम से सीधे तौर पर सुनिश्चित किया जाएगा।

ऋण मुक्त किसान इन आसान तरीकों से खुद भी कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन

ऐसे किसान जिन्होंने किसी भी बैंक से कृषि लोन नहीं लिया है, वे भी इस योजना का लाभ आसानी से उठा सकते हैं। गैर-ऋणी किसान अपने नजदीकी बैंक, लोक सेवा केंद्र या अधिकृत बीमा एजेंट के माध्यम से फॉर्म भर सकते हैं। इसके अलावा किसान खुद भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmfby.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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