
Silauti School Student Biting: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के एक सरकारी स्कूल से हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक छात्र ने क्लास में अचानक अजीब व्यवहार करते हुए अपने ही सहपाठियों को दांत से काटना शुरू कर दिया। इस अचानक हुए हमले से स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना में एक दर्जन से ज्यादा छात्र-छात्राएं जख्मी हुए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्कूल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग तुरंत एक्शन में आया और सभी घायल बच्चों के इलाज की व्यवस्था की गई।
एक दर्जन से ज्यादा बच्चों को काटा
यह पूरा मामला धमतरी जिले के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल सिलौटी का है। रोजाना की तरह स्कूल में कक्षाएं चल रही थीं कि तभी एक छात्र का व्यवहार अचानक पूरी तरह बदल गया। उसने बिना किसी वजह के अपने आसपास बैठे सहपाठियों पर हमला कर दिया और उन्हें दांत से काटने लगा। जब तक शिक्षक और अन्य लोग कुछ समझ पाते, तब तक वह एक दर्जन से अधिक बच्चों को काटकर घायल कर चुका था। स्कूल प्रबंधन ने तुरंत दखल देकर स्थिति को संभाला और आरोपी छात्र को अलग किया।
घायल छात्र-छात्राओं को तुरंत दिया गया प्राथमिक उपचार
इस अनोखी घटना के तुरंत बाद स्कूल प्रशासन ने सभी घायल बच्चों को प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई। चूंकि मामला इंसानी काटने का था, इसलिए स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों की सलाह पर एहतियात के तौर पर सभी प्रभावित छात्र-छात्राओं को रेबीज रोधी (एंटी-रेबीज) वैक्सीन लगानी शुरू कर दी गई है। स्कूल में ही कैंप बनाकर बच्चों का उपचार किया जा रहा है ताकि किसी भी तरह के संक्रमण फैलने के खतरे को समय रहते पूरी तरह खत्म किया जा सके।

तीन साल पहले छात्र को पागल कुत्ते ने काटा था
घटना के पीछे की वजहों को टटोलने पर एक पुरानी जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि हमला करने वाले छात्र को करीब तीन साल पहले एक रेबीज संक्रमित आवारा कुत्ते ने काट लिया था। उस समय परिजनों ने डॉक्टर की सलाह पर उसे रेबीज से बचाव के सभी जरूरी टीके लगवाए थे। स्कूल में हुए इस हादसे के बाद छात्र को डॉक्टरों की निगरानी में बेहतर शारीरिक और मानसिक जांच के लिए धमतरी जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्कूल पहुंचकर लिया जायजा
हादसे की खबर मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की एक विशेष टीम तुरंत सिलौटी गांव के स्कूल पहुंची। डॉक्टरों की टीम ने पूरी घटना की विस्तृत जानकारी ली और बच्चों की सेहत का मुआयना किया। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि अभी तक इस बात की वैज्ञानिक पुष्टि नहीं हुई है कि छात्र के इस अजीब व्यवहार का संबंध उसकी तीन साल पुरानी कुत्ते के काटने की घटना से है या इसके पीछे कोई दूसरा दिमागी कारण है। पूरी मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही असली वजह सामने आएगी।
प्रशासन ने अभिभावकों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की
इस अजीबोगरीब घटना के बाद इलाके के पालकों और ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। माहौल को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने क्षेत्र के लोगों और अभिभावकों से संयम बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि सोशल मीडिया या आसपास फैल रही किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें। स्कूल और बच्चों की स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।



