
Snake Bite Treatment: बरसात के मौसम की शुरुआत के साथ ही ग्रामीण और मैदानी इलाकों में सांपों के निकलने की घटनाएं तेजी से बढ़ने लगी हैं। इस स्थिति को देखते हुए छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश स्तर पर विशेष तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने राज्य के सभी 33 जिलों में सांप काटने की दवा यानी एंटी स्नेक वेनम (ASV) की उपलब्धता को लेकर जरूरी निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे सर्पदंश की स्थिति में किसी भी तरह के अंधविश्वास या झाड़-फूंक के चक्कर में पड़कर समय बर्बाद न करें, बल्कि मरीज को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल लेकर जाएं।
छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में 1 लाख से अधिक एंटी स्नेक वेनम का स्टॉक सुरक्षित
स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, मॉनसून के दौरान आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए राज्य भर में कुल 1,00,960 वायल एंटी स्नेक वेनम का पर्याप्त स्टॉक जमा कर लिया गया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर इलाज मुहैया कराना है, क्योंकि राज्य की एक बड़ी आबादी खेती-किसानी के काम से जुड़ी हुई है जो इस मौसम में सबसे ज्यादा खेतों में सक्रिय रहती है। दवा की इस उपलब्धता से सर्पदंश के कारण होने वाली जनहानि को काफी हद तक रोकने में मदद मिलेगी।

रायगढ़, बलरामपुर और जशपुर समेत इन संवेदनशील जिलों को मिली सबसे ज्यादा दवाएं
विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक, जिन जिलों में बारिश के दिनों में सांप काटने के मामले ज्यादा सामने आते हैं, वहां दवाओं की बड़ी खेप भेजी गई है। इसमें रायगढ़ जिले को सबसे अधिक 6,401 वायल दिए गए हैं। इसके बाद बलरामपुर में 6,280, जशपुर में 6,063 और सूरजपुर में 6,002 वायल का सुरक्षित स्टॉक रखा गया है। इसके अलावा कोरबा में 4,847, दुर्ग में 4,351, कवर्धा में 4,286, अंबिकापुर में 4,269, बीजापुर में 4,049, महासमुंद में 3,656 और कांकेर में 3,547 वायल पहुंचाए जा चुके हैं ताकि किसी भी केंद्र में अचानक शॉर्टेज न हो।
सांप काटने पर अंग को काटना या कसकर रस्सी बांधना साबित हो सकता है जानलेवा
चिकित्सा विशेषज्ञों ने सर्पदंश के प्राथमिक उपचार को लेकर एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। अक्सर लोग जागरूकता की कमी के कारण सांप काटने वाली जगह पर चीरा लगा देते हैं या जहर फैलने से रोकने के लिए अंग को रस्सी या कपड़े से बेहद कसकर बांध देते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसा करना मरीज के लिए और ज्यादा खतरनाक हो सकता है। इससे उस हिस्से में रक्त संचार पूरी तरह बंद हो जाता है और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। सांप काटने पर प्रभावित हिस्से को स्थिर रखना चाहिए और बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
इन गंभीर लक्षणों के दिखते ही तुरंत 108 एंबुलेंस सेवा की लें मदद
यदि किसी व्यक्ति को सांप ने काट लिया है और उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही हो, पलकें भारी होकर बार-बार झुक रही हों या फिर काटे गए स्थान पर बहुत तेज सूजन और लाली आ रही हो, तो ये जहरीले सर्पदंश के स्पष्ट संकेत हैं। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल 108 नंबर पर कॉल करके मुफ्त सरकारी एंबुलेंस सेवा की मदद लेनी चाहिए। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने किसानों को खेतों में काम करते समय पैरों में ऊंचे गमबूट पहनने और अपने घरों के आसपास की झाड़ियों व मलबे को साफ रखने की सलाह दी है।
स्वास्थ्य केंद्रों को दवाओं की निरंतर आपूर्ति बनाए रखने के सख्त निर्देश
प्रशासनिक स्तर पर इस पूरी व्यवस्था की निगरानी को मजबूत किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों ने सभी जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं की दैनिक उपलब्धता की समीक्षा करें। स्थानीय अस्पतालों को भी हिदायत दी गई है कि स्टॉक खत्म होने से पहले ही नए बैच की मांग भेज दें, ताकि बरसात के पूरे सीजन में मरीजों को बिना किसी रुकावट के निशुल्क एंटी स्नेक वेनम का इंजेक्शन लगाया जा सके।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. छत्तीसगढ़ में बारिश के मौसम में सांप काटने की घटनाओं से बचने के लिए सरकार की मुख्य सलाह क्या है?
सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि सर्पदंश के बाद झाड़-फूंक या घरेलू नुस्खों में वक्त न गंवाएं। मरीज को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाएं, जहां एंटी स्नेक वेनम का इंजेक्शन देकर उसकी जान बचाई जा सके।
2. वर्तमान में पूरे छत्तीसगढ़ में इलाज के लिए कितनी मात्रा में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध कराया गया है?
स्वास्थ्य विभाग के दावों के अनुसार, वर्तमान में राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को मिलाकर कुल 1,00,960 वायल एंटी स्नेक वेनम का स्टॉक उपलब्ध कराया गया है।
3. राज्य के किन जिलों में सांप काटने की दवा का सबसे अधिक स्टॉक भेजा गया है?
सर्पदंश के लिहाज से संवेदनशील जिलों में अधिक मात्रा में दवाएं भेजी गई हैं। इसमें रायगढ़ में 6,401, बलरामपुर में 6,280, जशपुर में 6,063 और सूरजपुर में 6,002 वायल का स्टॉक सुरक्षित किया गया है।
4. अगर किसी दूरदराज के गांव में सांप काट ले तो आपातकालीन सहायता के लिए क्या व्यवस्था है?
आपातकालीन स्थिति में मरीज को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने के लिए सरकार की 108 एंबुलेंस सेवा पूरी तरह सक्रिय है। इस नंबर पर कॉल करके तुरंत मदद बुलाई जा सकती है।
5. सांप काटने पर आम तौर पर की जाने वाली कौन सी गलतियां मरीज के लिए खतरनाक हो सकती हैं?
सांप काटने के बाद उस घाव पर ब्लेड या चाकू से चीरा लगाना, मुंह से जहर चूसने की कोशिश करना या काटे गए स्थान के ऊपर कपड़े या रस्सी को अत्यधिक कसकर बांधना मरीज की जान के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।



