
Mahatari Vandan Yojana Portal Open Date VIDEO: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस देखने को मिली। कांग्रेस विधायकों ने पहली किस्त जारी होने के बाद बड़ी संख्या में महिलाओं के नाम सूची से हटाए जाने का मामला प्रमुखता से उठाया। इसके साथ ही नए आवेदनों के लिए पोर्टल बंद होने को लेकर भी सरकार को घेरा। महिला एवं बाल विकास मंत्री ने इस पर सरकार का रुख साफ किया, लेकिन जवाब से नाराज होकर विपक्षी सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
विधानसभा में गूंजा महतारी वंदन योजना का मुद्दा
Monsoon session of Chhattisgarh Legislative Assembly: सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने महतारी वंदन योजना का मामला उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब योजना की शुरुआत हुई थी, तब बड़ी संख्या में महिलाओं को पहली किस्त जारी की गई थी। लेकिन इसके बाद अचानक हजारों पात्र महिलाओं के नाम सूची से गायब कर दिए गए। विपक्ष ने पूछा कि जिन महिलाओं को शुरुआत में लाभ मिला, उन्हें बाद में किस आधार पर अपात्र घोषित कर दिया गया और उनकी आर्थिक सहायता क्यों रोक दी गई।
विधायक उमेश पटेल ने पूछे तीखे सवाल, एक लाख महिलाओं की राशि रोकने की वजह मांगी
पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने सरकार के सामने आंकड़ों के साथ अपनी बात रखी। उन्होंने पूछा कि आखिर क्या वजह है कि लगभग एक लाख से अधिक महिलाओं को योजना की पात्रता सूची में होने के बावजूद नियमित लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने उन महिलाओं की सुध लेने की मांग की जो तकनीकी दिक्कतों के कारण दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं। पटेल ने सरकार से नए पंजीयन की तारीख स्पष्ट करने को कहा।
ई-केवाईसी और अपात्रता के कारण रोकी गई राशि
विपक्ष के तीखे सवालों का जवाब देते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने सदन को बताया कि राज्य में करीब 1 लाख 55 हजार 655 हितग्राहियों की ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है, जिसके कारण अस्थाई रूप से राशि रोकी गई है। इसके अलावा जांच के दौरान जो हितग्राही मृत पाए गए या जो परिवार आयकरदाता और शासकीय सेवा की श्रेणी में आते हैं, उन्हें नियमानुसार अपात्र मानकर सूची से बाहर किया गया है।
पोर्टल दोबारा खोलने के सवाल पर बोलीं मंत्री
जब विपक्ष ने लगातार यह सवाल दोहराया कि नए पात्र हितग्राहियों के लिए महतारी वंदन योजना का ऑनलाइन पोर्टल दोबारा कब खोला जाएगा, तो मंत्री ने आश्वस्त किया कि सरकार इस दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यह विष्णुदेव साय का सुशासन है और किसी भी पात्र महिला के साथ अन्याय नहीं होगा। प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होते ही पोर्टल को नए सिरे से आवेदन लेने के लिए खोल दिया जाएगा।
पहली किस्त के बाद 27 हजार से ज्यादा मिले अपात्र
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि पहली किस्त के वितरण के बाद स्क्रूटनी की गई, जिसमें 27 हजार से अधिक ऐसे लोग मिले जो योजना के मापदंडों को पूरा नहीं करते थे। उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष केवल राजनीति कर रहा है। जिस योजना का वादा कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में किया था, उसे वह कभी लागू नहीं कर पाई, जबकि वर्तमान भाजपा सरकार ने सरकार बनने के महज दो महीने के भीतर इसे लागू करके दिखा दिया।
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेसी विधायकों ने की नारेबाजी, सदन की कार्यवाही से किया वॉकआउट
सरकार द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण से विपक्षी दल के सदस्य बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हुए। कांग्रेस विधायकों का कहना था कि सरकार तकनीकी कमियों का बहाना बनाकर गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को उनके अधिकार से वंचित कर रही है। नए आवेदनों के बंद होने से राज्य की लाखों महिलाएं परेशान हैं। इस मुद्दे पर असंतोष जताते हुए कांग्रेस सदस्यों ने सदन के भीतर सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और विरोध स्वरूप सदन से बाहर चले गए।



