
Chhattisgarh Bajrang Dal: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां बजरंग दल से अलग होकर एक नए संगठन ‘छत्तीसगढ़ बजरंग दल’ के गठन की घोषणा की गई है। नए संगठन ने स्पष्ट किया है कि हिंदुत्व और समाज सेवा का कार्य किसी एक व्यक्ति या विशेष पद का मोहताज नहीं है। संगठन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि विश्व हिंदू परिषद (विहिप) से निष्कासित और हटाए गए सभी समर्पित कार्यकर्ताओं को इस नए संगठन में जोड़कर सम्मानजनक जिम्मेदारी दी जाएगी। प्रांत संरक्षक दीपक दुबे ने बताया कि हिंदू समाज के हित में किए जाने वाले कार्य बिना किसी बाधा के लगातार जारी रहेंगे।

विवाद के बाद बना नया संगठन
पूरा विवाद नकटी गांव मामले से शुरू हुआ। नकटी गांव के समर्थन में उतरे कार्यकर्ताओं पर मूल संगठन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया था। कार्यकर्ताओं ने नकटी गांव जाकर उन्हें खाना खिलाया था जिसपर उन्हें शीर्ष पदाधिकारियों द्वारा निष्काषित कर दिया गया।इसके आलाव भी कई मुद्दों पर उन्हें आवाज उठाने की अनुमति नहीं दी जाती थी इसके विरोध में आकर निष्कासित कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर नए संगठन की नींव रखी। नए संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि वे राज्य में सनातन धर्म की रक्षा, लव जिहाद और अवैध धर्मांतरण के खिलाफ अपनी मुहिम जारी रखेंगे। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में चाहे कोई भी राजनीतिक दल सत्ता में हो, यदि जनता के हितों के खिलाफ काम होता है तो उसका कड़ा विरोध किया जाएगा। संगठन ‘सेवा, सुरक्षा और संस्कार’ के मूल मंत्र पर काम करेगा।

नए संगठन में इन पदाधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
‘छत्तीसगढ़ बजरंग दल’ के सुचारू संचालन के लिए नई कार्यकारिणी का ऐलान भी कर दिया गया है। संगठन में तीन प्रांत संयोजक बनाए गए हैं, जिनमें रतन यादव, आशुतोष पांडे और दीपक दुबे शामिल हैं। इसके अलावा रमेश बैस को विभाग संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि रंजीत साहू को राजिम विभाग का मंत्री नियुक्त किया गया है। नए पदाधिकारियों का कहना है कि वे जल्द ही पूरे प्रदेश में अपने नेटवर्क का विस्तार करेंगे।



