
BJP City Mandal 111 Members Resignation: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में स्थित डोंगरगढ़ में भारतीय जनता पार्टी को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। यहां डोंगरगढ़ शहर भाजपा मंडल के 111 सदस्यों ने एक साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। इस अचानक हुए घटनाक्रम के बाद जिले के राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है और पार्टी संगठन के भीतर की गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है।
मंडल अध्यक्ष के रवैये से उपजी नाराजगी
सामूहिक इस्तीफे के पीछे मुख्य वजह डोंगरगढ़ शहर मंडल अध्यक्ष की कार्यप्रणाली और उनके रवैये को बताया जा रहा है। विरोध दर्ज कराने वाले कार्यकर्ताओं ने राजनांदगांव जिला भाजपा अध्यक्ष को संबोधित एक संयुक्त पत्र भेजा है, जो सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हो रहा है। इस पत्र में सभी 111 कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट रूप से भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अलग होने की घोषणा की है।

स्थानीय राजनीति पर पड़ेगा बड़ा असर
एक साथ 111 सक्रिय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के सामूहिक इस्तीफे की खबर के बाद स्थानीय स्तर पर भाजपा की स्थिति कमजोर मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषक इसे पार्टी के लिए बड़ा नुकसान मान रहे हैं। अब देखना यह होगा कि भाजपा का शीर्ष संगठन इस अंदरूनी कलह को शांत करने और नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने के लिए क्या कदम उठाता है।
इस्तीफा पत्र में लगाए गए गंभीर आरोप
जिलाध्यक्ष को भेजे गए इस पत्र में नाराज कार्यकर्ताओं ने लिखा है कि शहर मंडल में जब से जसमीत सिंह बन्नौआना को अध्यक्ष बनाया गया है, वे निष्पक्ष होकर काम नहीं कर रहे हैं। आरोप लगाया गया है कि वे पूर्व विधायक व प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रामजी भारती और शहर के चार प्रमुख व्यापारी नेताओं के प्रभाव में निर्णय ले रहे हैं। वरिष्ठ और समर्पित कार्यकर्ताओं के प्रति उनका व्यवहार लगातार अनुचित रहा है।
निष्ठावान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का मुद्दा
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि मंडल अध्यक्ष अपने चहेते कार्यकर्ताओं के लिए एक से अधिक पदों की सिफारिश करते रहे हैं। इसके विपरीत, जो निष्ठावान कार्यकर्ता हर चुनाव में पार्टी के लिए दिन-रात मेहनत करते आए हैं, उन्हें जानबूझकर दरकिनार कर दिया गया है। निष्ठावान कार्यकर्ताओं को उपेक्षित कर घर बैठने पर मजबूर किया जा रहा है।
परिवारवाद और गुटबाजी से आहत होकर छोड़ा पद
आंदोलित कार्यकर्ताओं ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि परिवारवाद की देन बने शहर मंडल अध्यक्ष जसमीत बन्नौआना डोंगरगढ़ में गुटबाजी को शह दे रहे हैं। लंबे समय से हो रही उपेक्षा और भेदभावपूर्ण काम करने के तरीके से व्यथित होकर अंततः सभी कार्यकर्ताओं ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा देने का कड़ा फैसला लिया है।



