
छत्तीसगढ़ के सरकारी काम-काज में पारदर्शिता लाने और फाइलों के अटके रहने की परंपरा को खत्म करने के लिए मंत्रालयों में ई-ऑफिस सिस्टम लागू किया गया है। अब इस डिजिटल व्यवस्था के नतीजे सामने आने लगे हैं। जून महीने की रिपोर्ट से साफ हो गया है कि कौन सा मंत्रालय जनता से जुड़े काम कितनी तेजी से निपटा रहा है। ई-ऑफिस में हर फाइल की डिजिटल एंट्री होती है, जिससे यह साफ पता चल जाता है कि किस अफसर या विभाग की मेज पर फाइल कितने समय तक रुकी रही।
स्वास्थ्य विभाग ने मारी बाजी, सबसे तेज काम
जून की परफॉर्मेंस रिपोर्ट में स्वास्थ्य विभाग ने पहला स्थान हासिल किया है। इस मंत्रालय ने फाइलों के निपटारे में सबसे ज्यादा फुर्ती दिखाई है। यहाँ अधिकारियों ने किसी भी फाइल को बेवजह रोक कर नहीं रखा। रिपोर्ट के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग में औसतन महज 9 घंटे 28 मिनट के भीतर फाइलों को आगे बढ़ा दिया गया या उन पर फैसला ले लिया गया।
गृह विभाग रहा दूसरे स्थान पर
सुरक्षा और व्यवस्था से जुड़े मामलों में गृह विभाग ने भी बेहतर काम किया है। रैंकिंग में गृह विभाग को दूसरा स्थान मिला है। यहाँ किसी भी फाइल के निराकरण में औसतन 11 घंटे 18 मिनट का समय दर्ज किया गया है।
वन विभाग तीसरे पायदान पर कायम
रफ्तार के मामले में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने भी अपनी स्थिति सुधारी है। यह विभाग इस सूची में तीसरे पायदान पर रहा। यहाँ के अफसरों ने भी फाइलों का काम अटकाने के बजाय तय समय सीमा के भीतर निपटाने पर ध्यान दिया।
ऊर्जा विभाग की चाल सबसे सुस्त
जहाँ एक तरफ कई विभाग घंटों में काम पूरा कर रहे हैं, वहीं ऊर्जा विभाग का प्रदर्शन सबसे निराशाजनक रहा। ऊर्जा विभाग इस रैंकिंग में सबसे निचले पायदान पर आया है। यहाँ एक फाइल का निपटारा करने में औसतन 6 दिन 29 मिनट लग गए।
खाद्य विभाग में भी लगा चार दिन से ज्यादा समय
आम जनता के राशन और आपूर्ति से जुड़े खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की चाल भी काफी धीमी दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार इस विभाग में एक फाइल को आगे खिसकने में औसतन 4 दिन से ज्यादा का वक्त लग गया।
विधि और जल संसाधन विभाग भी पीछे
कानूनी मामलों से जुड़ा विधि विभाग और विकास योजनाओं से जुड़ा जल संसाधन विभाग भी रफ्तार के मामले में पिछड़ गए। इन दोनों ही विभागों में एक फाइल को क्लियर होने में कम से कम 3 दिन या उससे अधिक का समय दर्ज किया गया है।
सामान्य प्रशासन विभाग ने निपटाईं सबसे ज्यादा फाइलें
अगर बात फाइलों की कुल संख्या की करें, तो सामान्य प्रशासन विभाग यानी GAD सबसे आगे रहा। जून के महीने में इस विभाग ने कुल मिलाकर 13,000 से अधिक फाइलों का निराकरण किया, जो राज्य के सभी मंत्रालयों में सबसे अधिक है।
वित्त और नगरीय प्रशासन का प्रदर्शन भी बेहतर
निपटाई गई फाइलों की संख्या के मामले में GAD के बाद वित्त विभाग और नगरीय प्रशासन विभाग का नंबर आता है। इन दोनों विभागों ने भी बड़ी संख्या में लंबित पड़े कागजातों और फाइलों का निपटारा किया।
ई-ऑफिस से विभागों में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा
मंत्रालय में ई-ऑफिस सिस्टम लागू होने के बाद अब विभागों की ढिलाई छुपना नामुमकिन हो गया है। रैंकिंग सार्वजनिक होने से अब सभी मंत्रालयों पर बेहतर प्रदर्शन करने का दबाव बनेगा। आने वाले महीनों में देखना होगा कि पिछड़े हुए विभाग अपनी चाल सुधारने के लिए क्या कदम उठाते हैं।



