Raipur Central Jail: रायपुर सेंट्रल जेल में कैदियों तक नशा पहुंचाने की अनोखी तरकीब, प्याज में गांजा और नमकीन के पैकेट में सिगरेट जब्त, जानिए प्रशासन ने क्या लिया फैसला

Raipur Central Jail Drugs Smuggling: रायपुर के केंद्रीय जेल परिसर में बंदियों तक प्रतिबंधित नशीले पदार्थ पहुंचाने का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। कड़े सुरक्षा इंतजामों और जेल प्रशासन की सख्त चेकिंग के बावजूद कैदियों से मिलने आने वाले रिश्तेदार और करीबी नए-नए तरीकों से नशा अंदर भेजने की कोशिश कर रहे थे। जेल कर्मियों की सतर्कता से चेकिंग के दौरान सब्जी और रोजमर्रा के सामान में छिपाकर लाया जा रहा गांजा, सिगरेट और नशीली गोलियां जब्त कर ली गई हैं। मामले का खुलासा होने के बाद जेल प्रबंधन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए कई कड़े कदम उठाए हैं।

प्याज को काटकर अंदर भरा जा रहा था गांजा

जेल में नशीले पदार्थ भेजने के लिए तस्करों ने सब्जी का सहारा लिया। बंदियों से मुलाकात करने आए लोगों ने साबुत प्याज के अंदरूनी हिस्से को काटकर खोखला कर दिया। इसके बाद उस खाली जगह में गांजा और नशीली गोलियां भरकर कटे हुए टुकड़े को दोबारा इस तरह चिपका दिया गया कि प्याज बाहर से बिल्कुल सामान्य दिखे। पहली नजर में या सामान्य जांच में इस पर संदेह होना मुश्किल था, लेकिन जेल प्रहरियों ने गहन तलाशी के दौरान इस चालाकी को पकड़ लिया।

साबुन की टिकिया में छिपाकर भेजी गईं नशीली गोलियां

प्याज के अलावा तंबाकू और प्रतिबंधित दवाओं को अंदर पहुंचाने के लिए साबुन की टिकिया का इस्तेमाल किया गया। नहाने के साबुन को बीच से काटकर उसके अंदर छोटी सी जगह बनाई जाती थी। उस जगह में तंबाकू के पाउच और नशीली गोलियां रखकर साबुन के दोनों हिस्सों को फेविकॉल या अन्य तरीकों से वापस जोड़ दिया जाता था। इस काम को इतनी सफाई से अंजाम दिया जाता था कि ऊपर से देखने पर साबुन पूरी तरह से नया और सीलबंद नजर आता था।

चिप्स और नमकीन के पैकेटों में मिली सिगरेट

मुलाकात के दौरान कैदियों के लिए लाए जाने वाले खाद्य पदार्थों के पैकेट भी जांच के घेरे में आ गए। चेकिंग टीम ने पाया कि बाजार से लाए गए चिप्स, भुजिया और नमकीन के पैकेटों को नीचे से काटकर उनके अंदर सिगरेट के पैकेट छिपाए गए थे। इसके बाद पैकेट को दोबारा री-सील कर दिया जाता था ताकि किसी को शक न हो। तलाशी के दौरान जब पैकेटों को खोलकर देखा गया, तो उनके अंदर से खाने की चीजों के साथ सिगरेट और माचिस बरामद हुईं।

परिजनों और करीबियों के जरिए हो रही थी सप्लाई

प्रारंभिक जांच में साफ हुआ है कि कैदियों तक नशे की यह सप्लाई बाहरी नेटवर्क के जरिए हो रही थी। बंदियों से मुलाकात करने आने वाले उनके परिजन और परिचित ही सामान देने के बहाने इन प्रतिबंधित वस्तुओं को भीतर भेजने का काम कर रहे थे। इस खुलासे के बाद जेल में मिलने आने वाले सभी मुलाकातियों की सूची और उनके द्वारा लाए जा रहे सामान की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि इसमें शामिल लोगों की पहचान की जा सके।

जेल प्रशासन का बड़ा फैसला, बाहरी सामान पर लगी रोक

मामले की गंभीरता को देखते हुए सेंट्रल जेल प्रशासन ने तुरंत कड़े प्रशासनिक फैसले लिए हैं। जेल परिसर में बंदियों के लिए बाहर से आने वाले पैकेटबंद और दैनिक उपयोग के सामान पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। कैदियों की दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए अब सारा जरूरी सामान जेल के अंदर संचालित कैंटीन के माध्यम से ही उपलब्ध कराया जाएगा। केवल आवश्यक और स्वीकृत वस्तुएं ही कड़ी सुरक्षा जांच से गुजरने के बाद भीतर ले जाने दी जाएंगी।

जेल सुरक्षा तंत्र को और अधिक मजबूत करने के निर्देश

इस घटना के बाद जेल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई है। मुख्य द्वार पर तलाशी की प्रक्रिया को और अधिक कड़ा बना दिया गया है। मुलाकात कक्ष में तैनात कर्मचारियों को विशेष हिदायत दी गई है कि वे किसी भी तरह के सामान को बिना पूरी जांच के अंदर न जाने दें। इसके साथ ही संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की कोशिशों को रोका जा सके।

Also Read: Dhamtari Ganja Smuggler Escaped: धमतरी में पुलिस की निगरानी से मेडिकल जाँच के दौरान गांजा तस्कर फरार: एसपी सूरज सिंह परिहार ने 4 पुलिसकर्मियों को किया सस्पेंड, नाकेबंदी कर तलाश जारी

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button