CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें सुप्रीम कोर्ट की डीजीपी पर टिप्पणी, इंस्टाग्राम अभद्र टिप्पणी मामला, 24 करोड़ का नहर घोटाला, गौधाम योजना की धीमी रफ्तार, भूपेश बघेल की याचिका खारिज, इंडिगो एयरलाइंस पर जुर्माना, नए धर्मांतरण नियम, अटल प्रतिमा विवाद, 68 साल पुराने मृत व्यक्ति की जमीन रजिस्ट्री और वीआईपी रोड मलबा कार्रवाई समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे

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सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ डीजीपी पर की कड़ी टिप्पणी

Politics: छत्तीसगढ़ में कस्टोडियल डेथ के एक गंभीर मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य पुलिस की कार्यप्रणाली पर बेहद कड़ी आपत्ति जताई है। न्यायालय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े राज्य पुलिस के मुखिया यानी डीजीपी अरुणदेव गौतम की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्हें ‘अक्षम अधिकारी’ करार दिया और अंग्रेजी में ‘यू आर टोटली इनकंपिटेंट’ जैसी सख्त टिप्पणी की। यह पूरा मामला वर्ष 2024 का है, जिसमें एक युवक की पुलिस हिरासत में सिर पर गंभीर चोट लगने से मौत हो गई थी, लेकिन नियमानुसार इसकी न्यायिक जांच नहीं कराई गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई कि हिरासत में हुई मौतों के मामले में पुलिस प्रशासन द्वारा पारदर्शिता और जवाबदेही नहीं बरती जा रही है, जो नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन है। अदालत ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से पूछा है कि इस मामले में अब तक क्या-क्या ठोस कानूनी कार्रवाई की गई है और जांच का स्तर फिलहाल कहां तक पहुंचा है। सुप्रीम कोर्ट की इस सख्त टिप्पणी से प्रदेश के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है, और यह मामला देश भर में पुलिस जवाबदेही व मानवाधिकारों की बहस के केंद्र में आ गया है।

अंबेडकर पर इंस्टाग्राम टिप्पणी: हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका

Crime Update: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में फंसी एक महिला को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने महिला की उस याचिका को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें उसके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी और आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने की मांग की गई थी। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ के समक्ष इस मामले की सुनवाई चल रही थी, जिसमें अभियोजन पक्ष ने स्पष्ट किया कि आरोपी महिला ने इंस्टाग्राम पर बेहद आपत्तिजनक पोस्ट साझा की थी। इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोप पत्र पेश किया था। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि शुरुआती जांच और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर मामले में पहली नजर में पर्याप्त संज्ञेय अपराध बनता है, इसलिए मुकदमे की पूरी सुनवाई निचली अदालत में जारी रहेगी। इस कानूनी कदम को सोशल मीडिया पर धार्मिक या वैचारिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले तत्वों के खिलाफ एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।

4 एसडीएम समेत 11 अफसरों ने किया नहर में भ्रष्टाचार

Government: छत्तीसगढ़ के राजस्व और जल संसाधन विभाग के अंतर्गत एक बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है, जहां बिलासपुर की महत्वपूर्ण अरपा भैंसाझार नहर परियोजना में नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए 24 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त मुआवजा बांट दिया गया। इस परियोजना के जरिए लगभग 25 हजार हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों ने इसमें बड़ा खेल कर दिया। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ कि अधिकारियों ने तीन अलग-अलग तरीकों से यह भारी भ्रष्टाचार किया है, जिसमें नहर के एलाइनमेंट में न आने वाली जमीन पर पांच करोड़ से अधिक, असिंचित भूमि को सिंचित बताकर छह करोड़ और कम जमीन को ज्यादा दर्शाकर लगभग बारह करोड़ रुपये का अवैध मुआवजा बांट दिया गया। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने इस बात को स्वीकार किया है कि भ्रष्टाचार हुआ है और दोषियों से वसूली की जाएगी। इस बहुचर्चित घोटाले में चार अनुविभागीय अधिकारियों यानी एसडीएम समेत कुल 11 अधिकारियों और कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें से कई को निलंबित कर दिया गया है जबकि कुछ के खिलाफ ईओडब्ल्यू की जांच प्रक्रियाधीन है। सरकार के इस कदम से भ्रष्ट प्रशासनिक अमले में भारी खलबली मच गई है।

ढाई लाख बेसहारा गाय और पांच हजार का इंतजाम

Government: छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निराश्रित और घूमंतू मवेशियों के संरक्षण के उद्देश्य से शुरू की गई महत्वाकांक्षी ‘गौधाम योजना’ अपनी सुस्त रफ्तार के कारण लगातार सवालों के घेरे में आ रही है। योजना के तहत राज्यभर में कुल 1460 गौधाम बनाए जाने का बड़ा लक्ष्य रखा गया था, लेकिन एक साल का लंबा समय बीत जाने के बाद भी जमीनी स्तर पर केवल 42 गौधाम ही ठीक से संचालित हो पा रहे हैं। इन मौजूदा 42 गौधामों में बमुश्किल पांच हजार गायों को ही सुरक्षित आश्रय मिल पाया है, जबकि आज भी प्रदेशभर की सड़कों और राजमार्गों पर ढाई लाख से अधिक बेसहारा मवेशी खुलेआम घूम रहे हैं, जिनकी वजह से लगातार भीषण सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। सरकार ने पुराने गोठानों को ही उन्नत कर गौधाम बनाने की योजना बनाई है, जिसके तहत प्रत्येक गोठान के निर्माण के लिए पच्चीस लाख रुपये तक का अनुदान स्वीकृत किया गया है। पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम ने दावा किया है कि योजना के पहले चरण में राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है तथा आने वाले दो वर्षों में सभी निर्धारित लक्ष्यों को तेजी से पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि, वर्तमान में पशुओं की वास्तविक स्थिति और सरकारी आंकड़ों के बीच का भारी अंतर चिंता का विषय बना हुआ है।

भूपेश बघेल को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, हाईकोर्ट में ट्रायल

Politics: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पाटन विधानसभा सीट से विधायक भूपेश बघेल को सर्वोच्च न्यायालय से बड़ा झटका लगा है, क्योंकि अदालत ने उनकी उस विशेष याचिका को खारिज कर दिया जिसमें चुनाव याचिका की शुरुआती सुनवाई को रोकने की मांग की गई थी। इस अदालती फैसले के बाद प्रदेश की सियासत एक बार फिर पूरी तरह से गरमा गई है। यह पूरा विवाद वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव से जुड़ा हुआ है, जब मतदान से ठीक 48 घंटे पहले लागू ‘साइलेंस पीरियड’ के दौरान भूपेश बघेल द्वारा एक रोड शो निकाले जाने का आरोप उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी व भाजपा नेता विजय बघेल ने लगाया था। याचिकाकर्ता के अनुसार यह जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 का सीधा और स्पष्ट उल्लंघन था। पूर्व मुख्यमंत्री की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी कि इस घटना का चुनाव के अंतिम परिणामों पर कोई असर नहीं पड़ा था और बघेल ने बीस हजार से अधिक मतों से जीत दर्ज की थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि परिणाम प्रभावित हुआ या नहीं, यह तथ्य का प्रश्न है और इसका निर्धारण हाईकोर्ट में नियमित ट्रायल के दौरान ही साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।

यात्री की फ्लाइट छूटी तो उपभोक्ता फोरम ने इंडिगो पर लगाया जुर्माना

Consumer News: राजधानी रायपुर के एक नागरिक के साथ दिल्ली एयरपोर्ट पर हुई भयंकर लापरवाही के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने इंडिगो एयरलाइंस को कड़े शब्दों में दोषी ठहराया है। आयोग ने एयरलाइंस की सेवा में गंभीर कमी मानते हुए कुल साठ हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना लगाया है, जिसे आगामी पैंतालीस दिनों के भीतर पीड़ित यात्री को भुगतान करना होगा। रायपुर के अधिवक्ता अमितेश पाठक अपने परिवार के साथ देहरादून से लौट रहे थे और उन्हें दिल्ली के टर्मिनल 3 से रायपुर की फ्लाइट पकड़नी थी, लेकिन एयरलाइंस द्वारा केवल समय बदलने का मैसेज दिया गया और टर्मिनल में हुए अचानक बदलाव की कोई आधिकारिक सूचना यात्री तक नहीं पहुंचाई गई। जब वे टर्मिनल 3 पहुंचे तो उन्हें पता चला कि विमान टर्मिनल 1 से उड़ान भरने वाला है। दोनों टर्मिनलों के बीच अत्यधिक दूरी होने के कारण वे समय पर दूसरे छोर पर नहीं पहुंच सके, जिसके चलते उनकी फ्लाइट छूट गई और पूरे परिवार को पूरी रात एयरपोर्ट के लाउंज में बितानी पड़ी तथा अगले दिन इक्कीस हजार रुपये खर्च कर नए टिकट खरीदने पड़े। उपभोक्ता आयोग ने इस मानसिक व आर्थिक प्रताड़ना के एवज में एयरलाइंस पर यह सख्त जुर्माना लगाया है।

छत्तीसगढ़ धर्मांतरण नियम: 90 दिन पहले देनी होगी कलेक्टर को सूचना

Government: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में धार्मिक स्वतंत्रता को विनियमित करने और अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने के उद्देश्य से कड़े ‘छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य नियम 2026’ के प्रावधानों को आधिकारिक रूप से लागू कर दिया है। इस नए कानून के तहत अब राज्य में धर्म परिवर्तन की पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और प्रशासनिक निगरानी के दायरे में लाया गया है। नए नियमों के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन करना चाहता है, तो उसे संभावित तिथि से पूरे 90 दिन पहले जिले के कलेक्टर को एक लिखित घोषणा पत्र सौंपना अनिवार्य होगा। वहीं दूसरी ओर, अपने मूल या पैतृक धर्म में ‘घर वापसी’ करने वाले नागरिकों के लिए प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया गया है, जिसकी जांच मात्र 15 दिनों के भीतर पूरी कर ली जाएगी। इसके अतिरिक्त अंतर-धार्मिक विवाह के मामलों में विवाह से 60 दिन पहले सूचना देना जरूरी होगा जिस पर तीस दिनों तक आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी, जबकि नियमों का उल्लंघन करने पर सात से लेकर बीस साल तक की लंबी सजा और तीस लाख रुपये तक के भारी जुर्माने का कड़ा प्रावधान किया गया है।

कटघोरा में अटल प्रतिमा निर्माण में अनियमितता पर युवा कांग्रेस का प्रदर्शन

Politics: कटघोरा नगर पालिका क्षेत्र में स्थापित भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा के निर्माण कार्य में भारी वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसी के विरोध स्वरूप आज युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका परिसर के बाहर जमकर हंगामा किया और उग्र प्रदर्शन करते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता कड़कती ठंड और विरोधस्वरूप अर्धनग्न अवस्था में नगर पालिका कार्यालय पहुंचे, जहां भारी पुलिस बल ने उन्हें बैरिकेड्स लगाकर रोकने का प्रयास किया। कार्यकर्ताओं ने मुख्य गेट पर जमकर नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया। युवा कांग्रेस का मुख्य आरोप है कि इस पूरे घोटाले में केवल एक छोटे से उप-अभियंता को बलि का बकरा बनाकर पूरे मामले को रफा-दफा करने की सोची-समझी साजिश रची जा रही है। उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच समिति से कराई जाए तथा मुख्य नगरपालिका अधिकारी यानी सीएमओ और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

68 साल पहले मरे व्यक्ति को जिंदा कर हड़पी जमीन, 3 गिरफ्तार

Crime Update: सरगुजा जिले के अंबिकापुर शहर से एक अत्यंत सनसनीखेज और हैरान कर देने वाला जमीन धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जहां कोतवाली पुलिस ने 68 साल पहले मृत हो चुके एक व्यक्ति के नाम पर फर्जी दस्तावेज और आधार कार्ड तैयार कर बेशकीमती जमीन की रजिस्ट्री कराने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी रामनिवास गुप्ता उर्फ बोखा और उसके साथियों ने मां महामाया मंदिर के सामने स्थित करोड़ों रुपए मूल्य की जमीन को हड़पने के लिए एक अन्य जीवित व्यक्ति को मृत व्यक्ति की झूठी पहचान में खड़ा किया। इसके आधार पर फर्जी पहचान पत्र बनाए गए और कूटरचित विक्रय विलेख तैयार कर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी की गई। इस पूरे फर्जीवाड़े का मुख्य सरगना वर्षित उर्फ बंटी पटेल बताया जा रहा है, जो पहले से ही एक अन्य दुष्कर्म के मामले में पिछले कुछ दिनों से जेल में बंद है और जेल के अंदर से ही अपने आपराधिक नेटवर्क का संचालन कर रहा था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई फर्जी चेक, चेकबुक और दस्तावेज जब्त कर लिए हैं तथा अन्य फरार सहयोगियों की तलाश तेज कर दी है।

रायपुर वीआईपी रोड पर मलबा फेंकने पर कारोबारी पर 25 हजार का जुर्माना

Civic News: राजधानी रायपुर के पॉश इलाके वीआईपी रोड पर स्थित एक व्यावसायिक परिसर के पास खुलेआम सड़क किनारे निर्माण कार्य का मलबा फेंके जाने के मामले में नगर निगम प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। निगम के स्वास्थ्य विभाग ने औचक निरीक्षण के दौरान शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करते हुए पच्चीस हजार रुपये का भारी-भरकम ई-चालान जारी किया है। नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा को यह शिकायत मिली थी कि मुख्य सड़क मार्ग के किनारे बेबीलान टावर के पास भारी मात्रा में निर्माण मलबा और कचरा फेंका जा रहा है, जिससे न केवल क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था धूमिल हो रही है बल्कि आवागमन करने वाले आम राहगीरों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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