CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें भिलाई में सीबीआई की रेड कमजोर जनजाति विकास विधानसभा सचिवालय में 7 मार्शलों की बैकडोर एंट्री स्वतंत्रता दिवस पर मदरसों और मस्जिदों में तिरंगा बीरगांव नगर निगम चुनाव चमोली टनल हादसे में छत्तीसगढ़ के मजदूरों की मौt नेपाल से कॉस्मेटिक सामान की तस्करी छत्तीसगढ़ आवारा मवेशी समस्या शुद्धीकरण के विरोध में कांग्रेस समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे

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भिलाई में सीबीआई की रेड, रेलवे अफसर रिश्वत लेते गिरफ्तार

Crime Update: भिलाई रेलवे पीपी यार्ड में सीबीआई की अचानक दबिश से पूरे रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया है, जहां सीनियर डीएमई अनमोल उइके को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप किया गया। यह पूरी कार्रवाई गुरुवार शाम को की गई जब दिल्ली, रायपुर और दुर्ग से आए करीब 10 अधिकारियों के दल ने ठेकेदार दीपक वर्मा की शिकायत पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। अनमोल उइके पर नया ठेका देने और पुराने काम के बिल पास कराने के एवज में रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप है, जिसके बाद सीबीआई ने केमिकल लगे नोटों के साथ उन्हें दबोचा और उनके हाथों की जांच में केमिकल के निशान भी मिले। इस मामले के सामने आने के बाद सीबीआई ने न केवल आरोपी अफसर के कार्यालय को अपने कब्जे में लिया बल्कि टेंडर की फाइलें, पुराने काम के रिकॉर्ड, बिल, रजिस्टर, मोबाइल और लैपटॉप की भी बारीकी से छानबीन की है। कार्रवाई यहीं नहीं रुकी बल्कि टीम ने रायपुर की डब्ल्यूआरएस कॉलोनी स्थित उनके आवास पर भी दबिश दी और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज व डिजिटल सबूत अपने कब्जे में लिए। इसके बाद आरोपी अफसर को रायपुर की सीबीआई स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें तीन दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है। इस बड़ी कार्रवाई से रायपुर रेल मंडल में हड़कंप मच गया है और ठेके तथा बिल भुगतान से जुड़े तमाम कामों पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं, वहीं आगे की पूछताछ से और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

कमजोर जनजाति विकास अभिकरणों में अध्यक्षों की नियुक्ति

Government: छत्तीसगढ़ सरकार ने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों यानी पीवीटीजी के विकास को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है, जिसके तहत प्रदेश के 16 विकास अभिकरणों और प्रकोष्ठों में नए अध्यक्षों और सदस्यों का मनोनयन किया गया है। आदिम जाति विकास विभाग द्वारा की गई इन नियुक्तियों का मुख्य उद्देश्य जनजातीय परिवारों तक सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना और उनकी जमीनी समस्याओं को सीधे सरकार तक पहुंचाना है। खास बात यह है कि इन सभी महत्वपूर्ण संस्थाओं की कमान संबंधित जनजातीय समुदायों के स्थानीय लोगों को ही सौंपी गई है ताकि उन्हें अपनी संस्कृति और समस्याओं की बेहतर समझ के आधार पर त्वरित निर्णय लेने का अवसर मिल सके। गरियाबंद के कमार विकास अभिकरण की कमान मैतुराम कमार को सौंपी गई है, जबकि धमतरी, महासमुंद और कांकेर में भी स्थानीय जनप्रतिनिधियों को अध्यक्ष बनाया गया है इसी तरह कबीरधाम, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, एमसीबी और मुंगेली में बैगा विकास अभिकरणों के लिए नए चेहरे सामने आए हैं, और जशपुर, सरगुजा तथा कोरबा में पहाड़ी कोरवा व बिरहोर प्रकोष्ठों की जिम्मेदारी तय की गई है। इन नियुक्तियों के बाद अब इन मनोनीत अध्यक्षों और सदस्यों के सामने शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार और पेयजल से जुड़े मुद्दों को जमीन पर उतारने की बड़ी परीक्षा होगी। सरकार की इन योजनाओं के जरिए यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि दूरस्थ जंगलों में निवास करने वाले सबसे कमजोर परिवारों की जिंदगी में वास्तविक बदलाव आ सके और वे मुख्यधारा से जुड़ सकें।

विधानसभा सचिवालय में 7 मार्शलों की बैकडोर एंट्री का मामला

Politics: छत्तीसगढ़ विधानसभा सचिवालय में मार्शल भर्ती का मामला पिछले 25 वर्षों से लगातार अटका हुआ है, जिससे न्याय की आस लगाए बैठे चयनित अभ्यर्थियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। साल 2001 में इस भर्ती के तहत लिखित परीक्षा और फिजिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद 7 पदों की फाइनल चयन सूची जारी कर दी गई थी, लेकिन चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिलने से पहले ही सत्ता परिवर्तन हो गया और कथित तौर पर बैकडोर के माध्यम से दूसरे लोगों को नौकरी पर रख लिया गया। इसके बाद यह मामला कानूनी लड़ाई में उलझ गया और लगभग 17 वर्षों तक लंबी चली कोर्ट की प्रक्रिया के बाद आखिरकार अवैध रूप से नियुक्त किए गए लोगों को नौकरी से बाहर का रास्ता देखना पड़ा। बैकडोर नियुक्तियों को हटाने के बाद भी 2001 के मूल चयनित अभ्यर्थियों की राह आसान नहीं हुई क्योंकि विधानसभा सचिवालय ने उन्हें नियुक्ति देने के बजाय ऑल इंडिया स्तर पर महज 5 पदों के लिए एक नई भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी, जो अब पूरी भी हो चुकी है। वर्षों पहले परीक्षा पास कर मेरिट में आने वाले ये अभ्यर्थी आज जीवन के एक अलग पड़ाव पर पहुंच चुके हैं और उनका पूरा करियर इस लंबे इंतजार की भेंट चढ़ गया है। अभ्यर्थियों का सीधा और कड़ा सवाल यह है कि जब चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी तो उनके दावों पर विचार क्यों नहीं किया गया और इस लंबी प्रशासनिक व कानूनी लड़ाई के बीच उनके हुए नुकसान की भरपाई कौन करेगा। वर्तमान में कुछ पीड़ित अभ्यर्थियों ने एक बार फिर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिससे सरकारी नौकरियों की चयन प्रक्रिया और मेरिट की विश्वसनीयता पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

स्वतंत्रता दिवस पर मदरसों और मस्जिदों में तिरंगा फहराने के निर्देश

Social Update: छत्तीसगढ़ में इस बार स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर मदरसों, मस्जिदों और दरगाहों में देशभक्ति का एक अनूठा और भव्य रंग देखने को मिलेगा, क्योंकि राज्य वक्फ बोर्ड ने प्रदेशभर के मुतवल्लियों और संस्थाओं को ध्वजारोहण के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के 10 अगस्त 2026 के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए वक्फ बोर्ड ने यह सुनिश्चित किया है कि इन संस्थानों में राष्ट्रीय पर्व गरिमा, उल्लास और पूरे उत्साह के साथ मनाया जाए, जिसमें राष्ट्रीय गान के साथ-साथ राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का गान भी अनिवार्य रूप से शामिल होगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस के आयोजनों में वक्फ संस्थाओं और अल्पसंख्यक बहुल शिक्षण संस्थानों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करना है ताकि राष्ट्रीय एकता की भावना को और अधिक मजबूत किया जा सके। बोर्ड द्वारा जारी किए गए इन निर्देशों की प्रतियां प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और संबंधित विभागों को भी भेज दी गई हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक समन्वय के साथ कार्यक्रम संपन्न हो सकें। केंद्रीय दिशा-निर्देशों के तहत राज्य, जिला और पंचायत स्तर पर सुबह 9 बजे के बाद ध्वजारोहण का प्रोटोकॉल तय किया गया है, जिसके साथ ही स्वच्छता अभियान और बड़े पैमाने पर पौधरोपण कार्यक्रम चलाने के भी निर्देश दिए गए हैं। राजभवनों में आयोजित होने वाले पारंपरिक एट होम कार्यक्रम में दिव्यांगजनों, कोविड वॉरियर्स, पर्यावरणविदों और मेधावी छात्रों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा। अब पूरे प्रदेश की नजर इस बात पर टिकी हुई है कि 15 अगस्त को इन तमाम दिशा-निर्देशों का पालन मदरसों और दरगाहों में किस स्तर पर होता है।

बीरगांव नगर निगम चुनाव, लॉटरी से तय होंगे 40 वार्ड

Election News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगे बीरगांव नगर निगम चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है, जहां आगामी 18 अगस्त को कलेक्टोरेट परिसर में सभी 40 वार्डों का आरक्षण लॉटरी पद्धति के माध्यम से तय किया जाएगा। इस बार परिसीमन पूरी तरह बदल चुका है, जिसके कारण पुराने राजनीतिक समीकरण भी ध्वस्त होते नजर आ रहे हैं और अधिकांश दिग्गज नेताओं के वार्ड बदलने की पूरी संभावना जताई जा रही है। बीरगांव में महापौर का पद पहले ही सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया जा चुका है, इसलिए इस बार चुनाव मैदान में महिला नेतृत्व को लेकर राजनीतिक दलों के बीच जबरदस्त खींचतान और रणनीतिक तैयारियां देखने को मिल रही हैं। वार्ड आरक्षण की इस प्रक्रिया के ठीक पहले बीरगांव के राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं और कई संभावित उम्मीदवारों ने अपनी पत्नियों के नाम से दस्तावेज तैयार कराना शुरू कर दिए हैं ताकि सीट महिला आरक्षित होने की स्थिति में वे खुद चुनावी मैदान में उतर सकें। वार्डों में स्वतंत्रता दिवस की बधाई देने वाले पोस्टरों और होर्डिंग्स के जरिए दावेदारों ने अपनी पैठ बनानी शुरू कर दी है, जिससे पूरा शहर चुनावी रंग में रंग गया है। बीरगांव के अलावा भिलाई, भिलाई-चरौदा और रिसाली निगमों में भी चुनाव होने हैं, जहां ओबीसी और एससी वर्ग के लिए महापौर की सीटें पहले ही तय की जा चुकी हैं। इन सभी शहरी निकायों में राजनीतिक दलों के बीच टिकट की रेस और भीतरघात से बचने के लिए अभी से जोड़-तोड़ का दौर शुरू हो चुका है।

चमोली टनल हादसे में छत्तीसगढ़ के मजदूरों की मौत

Tragedy Update: उत्तराखंड के चमोली जिले में पीपलकोटी के पास विष्णुगाड पीपलकोटी पनबिजली परियोजना की निर्माणाधीन टनल में हुए एक भीषण हादसे में छत्तीसगढ़ और झारखंड के 7 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई है। गुरुवार शाम को अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा ढहने के कारण भारी मात्रा में मलबा और पानी टनल के अंदर घुस गया, जिससे वहां काम कर रहे मजदूरों को संभलने का बिल्कुल भी मौका नहीं मिला और कुछ ही सेकंड में चीख-पुकार मच गई। इस भीषण हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कड़ी मशक्कत के बाद 22 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पतालों में प्राथमिक उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। इस दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने वाले 11 मजदूरों में झारखंड, बिहार, पंजाब, हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के मजदूर भी शामिल हैं, जिनका इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में चल रहा है। टनल के भीतर फंसे अन्य 6 मजदूरों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार युद्ध स्तर पर जारी है, जिसमें भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने और पानी निकालने का काम किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के रहने वाले घायल मजदूर सुनील दीवान ने इस भयानक मंजर को याद करते हुए बताया कि कैसे चारों तरफ पानी और कीचड़ भर जाने से भगदड़ मच गई थी। इस परियोजना में पहले भी इस तरह के हादसे हो चुके हैं, जिसके चलते निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

नेपाल से कॉस्मेटिक सामान की तस्करी, रायपुर में दो करोड़ की खेप पकड़ी

Business & Crime: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत राज्य के कई बड़े शहरों में नेपाल से बिहार के रास्ते लाई गई करीब दो करोड़ रुपए की अवैध कॉस्मेटिक सामग्री की बड़ी खेप पकड़ी गई है, जिसे स्वतंत्रता दिवस की सेल में भारी टैक्स चोरी कर खपाने की साजिश रची जा रही थी। तस्करों ने नेपाल और भारत की मुद्रा के अंतर का फायदा उठाते हुए सीमावर्ती जिलों से सामान बिहार और फिर दिल्ली-नागरपुर के रास्ते छत्तीसगढ़ के बाजारों में डंप किया था, जिस पर 12 से 18 प्रतिशत तक की जीएसटी चोरी की जा रही थी। इन प्रोडक्ट्स की पैकेजिंग और ब्रांडिंग बिल्कुल असली कंपनियों जैसी थी, जिसके चलते खुले बाजार में इनकी पहचान करना और टैक्स चोरी साबित करना वाणिज्यिक कर विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ था। वाणिज्यिक कर विभाग की विशेष टीमों ने इस अवैध कारोबार का भंडाफोड़ करते हुए रायपुर और अन्य जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है, जिससे व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। हालांकि, जांच टीम के पहुंचते ही कई कारोबारी अपने बही-खाते पेन ड्राइव, डायरी और मोबाइल फोन नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि पुख्ता सबूत हाथ न लग सकें, फिर भी विभाग ने ऐसे संदिग्ध कारोबारियों की पूरी सूची तैयार कर ली है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शॉपिंग मॉल और खुदरा दुकानों पर मिलने वाली भारी छूट का लाभ उठाकर इस अवैध स्टॉक को बिना बिल के बाजार में बेचने की योजना थी, जिस पर अब विभाग ने कड़ा शिकंजा कसते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।

छत्तीसगढ़ आवारा मवेशी समस्या, 110 मवेशी लेकर किसान पहुंचे कलेक्टर कार्यालय

Local News: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर कलेक्टोरेट परिसर में एक बेहद अनोखा और हैरान करने वाला नजारा देखने को मिला, जब लगभग 40 किसान अपनी बर्बाद होती फसलों से त्रस्त होकर 110 आवारा मवेशियों को खदेड़ते हुए सीधे दफ्तर के अंदर ले आए। किसानों ने स्थानीय नगर निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शहर के मवेशियों को गाड़ियों में भरकर ग्रामीण इलाकों और खेतों के पास छोड़ दिया जाता है, जिससे धान की फसल शुरुआती दौर में ही नष्ट हो रही है। दूसरी तरफ धमतरी जिले में नेशनल हाईवे-30 पर खपरी से अर्जुनी बाइपास के पास एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने सड़क पर बैठे चार दुधारू मवेशियों को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई। लगातार हो रहे हादसों और फसलों के नुकसान के बावजूद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के सख्त दिशा-निर्देशों का जमीनी स्तर पर असर नहीं दिख रहा है, जबकि अदालत की गाइडलाइन के अनुसार नेशनल हाईवे और शहर की मुख्य सड़कों से पशुओं को तुरंत हटाकर गौशालाओं में भेजना अनिवार्य है। सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने किसानों की इस अनोखी शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए आवारा पशुओं की समस्या के स्थायी समाधान के लिए अधिकारियों को ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। वहीं धमतरी की घटना के बाद प्रशासनिक अमले ने जेसीबी की मदद से मृत मवेशियों को दफनाया, लेकिन हाईवे पर मवेशियों का डेरा जमना अब भी एक बड़ा और जानलेवा खतरा बना हुआ है, जिस पर अंकुश लगाने के लिए सख्त प्रशासनिक निगरानी की सख्त आवश्यकता है।

रायपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा, कंप्लीशन सर्टिफिकेट पर रोक

Urban Development: नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर मीनल चौबे ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माणधीन और पूर्ण हो चुके मकानों की प्रगति तथा गुणवत्ता को लेकर निगम मुख्यालय में एक उच्चस्तरीय और बिंदुवार विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान महापौर ने कड़े तेवर दिखाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि जब तक आवासों में पानी, नाली और ड्रेनेज जैसी मूलभूत बुनियादी अधोसंरचनाओं की भौतिक और तकनीकी जांच पूरी तरह संतोषजनक नहीं पाई जाती, तब तक किसी भी स्थिति में कोई पूर्णता प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाएगा। हाल ही में कचना के फॉर्च्यून रिसोर्स फेज-1 व 2 के साथ-साथ दलदल सिवनी और लाभांडी की बीएसयूपी साइटों के निरीक्षण के दौरान गंभीर खामियां सामने आई थीं। समीक्षा के दौरान अभियंताओं ने स्वीकार किया कि कई प्रमुख प्रोजेक्ट्स में निर्माण पूरा होने के बाद भी नाली निकासी की समस्या, चैंबरों की खराबी, पुट्टी-प्लास्टर उखड़ने, सीपेज, बाउंड्रीवॉल का अभाव और सीवर लाइन की गंभीर शिकायतें लगातार मिल रही हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महापौर ने इन सभी तकनीकी और निर्माण संबंधी कमियों को तय समय सीमा के भीतर दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए हैं ताकि गरीबों के आशियाने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इस सख्त प्रशासनिक रुख से निगम के अधिकारियों और लापरवाह एजेंसियों में खलबली मच गई है, और यह माना जा रहा है कि अब शहर के सभी पीएम आवास प्रोजेक्ट्स की गुणवत्ता में सुधार के लिए औचक निरीक्षणों का दौर और अधिक तेज किया जाएगा।

हल्द्वानी में खड़गे के मंच शुद्धीकरण के विरोध में कांग्रेस का सत्याग्रह

Political Protest: उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद उनके मंच के तथाकथित शुद्धीकरण के विरोध में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कांग्रेस पार्टी ने जोरदार और तीखा विरोध प्रदर्शन किया। रायपुर के राजीव गांधी चौक से लेकर संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक बड़ा पैदल मार्च निकाला और जोरदार नारेबाजी करते हुए सत्याग्रह किया। इस प्रदर्शन के दौरान लगातार तीसरे दिन प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई और वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ भी कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन पूरी ताकत के साथ जारी रहा, जिसमें पार्टी के तमाम दिग्गज नेता शामिल हुए।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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