कुरूद के इस ग्राम पंचायत में कांग्रेस समर्थित महिला सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित, पंचों ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप, गई सरपंच की कुर्सी!

छत्तीसगढ़ के कुरूद विकासखंड से बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। ग्राम पंचायत जोरातराई (सिलौटी) की कांग्रेस समर्थित महिला सरपंच प्रीति जयप्रकाश साहू के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव भारी बहुमत से पारित हो गया है। जनपद पंचायत कुरूद के सभागार में आयोजित विशेष सम्मेलन में गुप्त मतदान कराया गया, जिसमें सरपंच के पक्ष में केवल 2 और विरोध में 9 मत पड़े। इसके साथ ही सरपंच अपनी कुर्सी गंवा बैठी हैं।

जनपद पंचायत कुरूद सभागार में हुआ गुप्त मतदान, तहसीलदार बने पीठासीन अधिकारी

अविश्वास प्रस्ताव को लेकर प्रशासनिक स्तर पर पूरी तैयारी की गई थी। जनपद पंचायत कुरूद के सभाकक्ष में तहसीलदार सूरज बंछोर को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया था। छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 21 के तहत पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई गई। मतदान पूरी तरह से गुप्त रखा गया था ताकि निष्पक्षता बनी रहे। परिणाम आते ही अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले पंचों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई।

जानिए मतदान का पूरा ब्योरा और वोटों का गणित

जोरातराई ग्राम पंचायत में कुल 11 मतदाता थे, जिनमें 1 सरपंच और 10 निर्वाचित पंच शामिल हैं। अविश्वास प्रस्ताव को पास कराने के लिए आवश्यक बहुमत से अधिक वोट विरोध में पड़े।

विवरणसंख्या
कुल मतदाताओं की संख्या11 (1 सरपंच + 10 पंच)
अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष (सरपंच के विरोध) में पड़े वोट9
अविश्वास प्रस्ताव के विरोध (सरपंच के समर्थन) में पड़े वोट2
अंतिम परिणामअविश्वास प्रस्ताव बहुमत से पारित

सीसी रोड निर्माण, टैक्स वसूली और विकास कार्यों में मनमानी के आरोप

सरपंच प्रीति साहू के खिलाफ पंचों ने लंबे समय से मोर्चा खोल रखा था। पंचों ने उपविभागीय अधिकारी (एसडीएम) नभसिंह कोसले से शिकायत की थी कि सरपंच पंचायत के विकास कार्यों में मनमानी कर रही हैं। इसके अलावा सीसी रोड निर्माण में वित्तीय अनियमितता, शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही और पंचायत टैक्स वसूली में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए गए थे।

मनरेगा कार्यों में पक्षपात और बिना सहमति के बिल पास कराने की शिकायत

अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद उपसरपंच गयाराम साहू समेत अन्य पंचों ने अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि पंचायत में कोई भी फैसला पंचों को विश्वास में लिए बिना लिया जाता था। मनरेगा के तहत मिलने वाले काम में ग्रामीणों के साथ भेदभाव किया जाता था और 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को काम देने से मना किया जाता था। साथ ही पंचायत सामग्री की खरीदारी में मनमाने बिल लगाकर राशि निकालने के आरोप भी लगाए गए।

जोरातराई में अब प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत नए सरपंच का होगा चुनाव

अविश्वास प्रस्ताव के वैधानिक रूप से पारित होने के बाद प्रीति जयप्रकाश साहू का सरपंच पद समाप्त हो गया है। अब नियमानुसार जिला प्रशासन और राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जोरातराई ग्राम पंचायत में नए सरपंच के चुनाव की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस घटनाक्रम के बाद से पूरे कुरूद ब्लॉक के ग्रामीण इलाकों में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। निवर्तमान सरपंच का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्राथमिकता से रखा जाएगा।

Also Read: Dhamtari Conversion Controversy: धर्मांतरण के आरोप पर श्मशान का रास्ता किया बंद, धमतरी के ग्राम श्यामतराई में तीन घंटे चला हंगामा

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button