CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें छत्तीसगढ़ में जड़ी-बूटी की आड़ में नक्सलियों को विस्फोटक सप्लाई करने पर पति-पत्नी समेत 3 को सजा, सरगुजा में करोड़ों की चिटफंड ठगी पर ED के छापे, नक्सल हिंसा के 109 शहीदों के भव्य स्मारक और QR कोड इतिहास, बिलासपुर संभाग में लू से हुई मौतों के आंकड़ों पर मुआवजा घोटाले की आशंका, 12 अगस्त से पाट जात्रा के साथ विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा का ऐतिहासिक आगाज, महतारी वंदन योजना में ढाई साल में सवा लाख से अधिक महिलाओं की मौत का खुलासा, रायपुर नगर निगम की बिना पार्किंग वाले प्रतिष्ठानों और अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई, रोजगार कार्यालयों में 178 पद खाली होने से भटक रहे युवा, बस्तर के 1497 प्राथमिक स्कूलों में बहुभाषी शिक्षा मॉडल लागू, तथा रायपुर स्काईवॉक प्रोजेक्ट की डेडलाइन खत्म होने पर उच्चस्तरीय बैठक तय समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे

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ड़ी-बूटी की आड़ में नक्सलियों को विस्फोटक सप्लाई करने वाले पति-पत्नी समेत 3 को सजा

Crime Update: नारायणपुर जिले में जड़ी-बूटी बेचने के बहाने प्रतिबंधित माओवादियों तक विस्फोटक सामग्री पहुंचाने के मामले में राज्य अन्वेषण अभिकरण (SIA) की विशेष अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए कड़ा कारावास सुनाया है। यह सनसनीखेज मामला 19 मार्च 2024 का है जब पुलिस ने तारागांव के पास संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर जांच शुरू की थी। उमरिया, मध्य प्रदेश के रहने वाले रवि मरकाम और उनकी पत्नी चमेली बाई के कब्जे से चार डेटोनेटर, सात बोरी पोटेशियम नाइट्रेट और सात मीटर लाल कार्डेक्स वायर बरामद किए गए थे। इस गिरोह का पर्दाफाश तब हुआ जब पुलिस और एसआईए ने तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स की मदद से नारायणपुर के कोसरू वड्डे को गिरफ्तार किया। अदालत ने विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4 और 5 के तहत तीनों दोषियों को सात-सात साल का सश्रम कारावास और एक-एक हजार रुपए का अर्थदंड सुनाया है। इसके साथ ही, प्रतिबंधित आतंकवादी व माओवादी गतिविधियों से जुड़े अन्य कानूनों के तहत भी उन्हें दो से पांच साल तक की सजा दी गई है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य माओवादियों तक हथियार और विस्फोटक पहुंचाने वाली सप्लाई चेन को पूरी तरह से ध्वस्त करना है। जांच एजेंसियां अब मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगालने में जुटी हैं ताकि इस सिंडिकेट के अन्य चेहरों बेनकाब किया जा सके।

सरगुजा के हजारों लोगों से करोड़ों की ठगी, पूर्व विधायक की चिटफंड कंपनी पर ED के बड़े छापे

Investigation: छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में हुए बहुचर्चित चिटफंड घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विशाखापट्टनम और हैदराबाद स्थित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापे मारे। विशाखापट्टनम के पूर्व विधायक मल्ला विजय प्रसाद की कंपनी वेलफेयर बिल्डिंग्स एंड एस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड (WBEPL) द्वारा छत्तीसगढ़ के भोले-भाले ग्रामीणों को पांच साल में पैसा दोगुना करने का लालच दिया गया था। ED की भुवनेश्वर जोनल टीम द्वारा की गई इस कार्रवाई में 1.01 करोड़ रुपए नकद, दर्जनों संपत्ति के दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है। इसके अलावा, कंपनी के 182 बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं और 6 लग्जरी गाड़ियां भी अपने कब्जे में ले ली गई हैं। यह घोटाला साल 2007 से 2016 के बीच अंबिकापुर और नमनाकला इलाकों में सक्रिय रहकर अंजाम दिया गया था जहां एजेंटों ने गरीब मजदूरों, आदिवासियों और छोटे किसानों को अपना शिकार बनाया। अकेले सरगुजा जिले में ही लगभग 9 से 17 करोड़ रुपए की ठगी की बात सामने आई है जबकि इसका कुल दायरा 1250 करोड़ रुपए से ऊपर का है। कई परिवार अपनी जीवनभर की जमापूंजी गंवाकर भुखमरी और कर्ज के संकट में फंस गए हैं। अब ED की इस बड़ी कार्रवाई के बाद छत्तीसगढ़ के पीड़ित परिवारों में न्याय मिलने की एक नई उम्मीद जागी है, और वे प्रशासन से यह मांग कर रहे हैं कि जब्त संपत्तियों को बेचकर उनका डूबा हुआ पैसा वापस लौटाया जाए।

नक्सल हिंसा के 109 शहीदों के बनेंगे भव्य स्मारक, अब QR कोड से मिलेगा इतिहास

Government: छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सल हिंसा के खिलाफ लोहा लेते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले 109 सुरक्षा बल के जवानों और नागरिकों की स्मृति में भव्य स्मारक बनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इन स्मारकों को केवल पाषाण तक सीमित न रखते हुए डिजिटल तकनीक से जोड़ा जाएगा ताकि आने वाली पीढ़ियां शहीदों के बलिदान को आसानी से जान सकें। हर शहीद स्मारक पर एक विशेष QR कोड चस्पा किया जाएगा जिसे मोबाइल से स्कैन करते ही संबंधित शहीद की पूरी जीवनी, घटना की तारीख, स्थान और उनके शौर्य की गाथा डिजिटल रूप में सामने आ जाएगी। राज्य सरकार ने शहीदों के सम्मान में सरकारी भवनों, स्कूलों और प्रमुख चौक-चौराहों का नामकरण उनके नाम पर करने की प्रक्रिया को भी तेज कर दिया है। नवा रायपुर के महानदी भवन में हुई उच्चस्तरीय बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नक्सल प्रभावित परिवारों के लंबित मामलों, अनुकंपा नियुक्तियों और पुनर्वासित युवाओं के कानूनी प्रकरणों का समयबद्ध निपटारा किया जाए। जिन पीड़ित परिवारों तक अब तक सरकारी सहायता या मुआवजा नहीं पहुंचा है, उनकी पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस पहल से न केवल शहीदों के परिवारों को संबल मिलेगा बल्कि मुख्यधारा में लौटे युवाओं का जीवन भी पटري पर लौट सकेगा।

बिलासपुर संभाग में लू से हुई मौतों के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता, मुआवजा घोटाले की आशंका

Weather Alert: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान राजस्व विभाग द्वारा प्रस्तुत किए गए आंकड़ों ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। आंकड़ों के मुताबिक पिछले 5 वर्षों में राज्यभर में लू (Heatstroke) से कुल 93 मौतें दर्ज की गई हैं जिनमें से 90 मामलों में मुआवजा राशि बांटी जा चुकी है। चौंकाने वाली बात यह है कि इन 90 मामलों में से 85 मौतें अकेले बिलासपुर संभाग से जुड़ी हैं, यानी राज्य की कुल मौतों का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा इसी एक संभाग में दर्ज किया गया है। अकेले बिलासपुर जिले में ही 2021 से 20 जून 2025 के बीच 45 लोगों की मौत लू से होना बताकर चार-चार लाख रुपए की सरकारी सहायता वितरित की गई है। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने इन आंकड़ों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए पिछली सरकार के कार्यकाल में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा और मुआवजा घोटाले की आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर जिले में जिस तरह पहले बहुचर्चित सर्पदंश मुआवजा घोटाला पकड़ा गया था और दो दर्जन से अधिक लोगों को जेल भेजा गया था, उसी तर्ज पर लू मुआवजा वितरण की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इस मामले में बढ़ते राजनीतिक दबाव को देखते हुए बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी स्तर पर प्रशासनिक अनियमितता या फर्जी दस्तावेज के जरिए मुआवजा लेने का मामला पाया गया तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा का 12 अगस्त से होगा भव्य आगाज, पाट जात्रा से शुरू होगी रस्में

Culture: एशिया के सबसे लंबे और अनोखे 75 दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव के रूप में ख्याति प्राप्त विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा का औपचारिक शुभारंभ बुधवार, 12 अगस्त 2026 को हरेली अमावस्या के पावन अवसर पर होगा। जगदलपुर स्थित बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के मंदिर प्रांगण में पारंपरिक ‘पाट जात्रा’ पूजा विधान के साथ इस ऐतिहासिक पर्व की शुरुआत की जाएगी। इस पहले दिन पारंपरिक मांझी-चालकी, पुजारी, पटेल, नाईक-पाईक और सेवादार एकत्रित होकर विशाल रथ निर्माण के लिए लकड़ी के औजारों की पूजा करने की ‘ठुरलू खोटला’ रस्म निभाएंगे। बस्तर दशहरा समिति द्वारा जारी विस्तृत शेड्यूल के अनुसार यह सांस्कृतिक महापर्व अक्टूबर के अंत तक चलेगा। आगामी 24 सितंबर को डेरी गड़ाई, 10 अक्टूबर को काछनगादी, 11 अक्टूबर को कलश स्थापना और 12 अक्टूबर को जोगी बिठाई की रस्म अदा की जाएगी। इसके बाद 13 से 18 अक्टूबर तक प्रतिदिन नवरात्रि पूजा एवं भव्य रथ परिक्रमा का आयोजन होगा। पर्व के अंतिम दौर में 20 अक्टूबर को कुंवारी पूजा और मावली परघाव, 21-22 अक्टूबर को भीतर व बाहर रैनी रथ परिक्रमा, 23 अक्टूबर को काछन जात्रा और मुरिया दरबार तथा 27 अक्टूबर को मां देवी की डोली की भावुक विदाई के साथ इस भव्य लोकोत्सव का समापन होगा।

महतारी वंदन योजना के आंकड़े हैरान करने वाले, ढाई साल में सवा लाख से अधिक महिलाओं की मौत

Governance: छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी और लोकप्रिय ‘महतारी वंदन योजना’ के संचालन को लेकर चौंकाने वाले प्रशासनिक आंकड़े सामने आए हैं। राज्य में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना से पिछले ढाई वर्षों में डेढ़ लाख से अधिक महिलाओं के नाम काटे जा चुके हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री राजवाड़े द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार योजना से बाहर होने वाली महिलाओं में सबसे बड़ा आंकड़ा मौतों का है, जहाँ कुल 1 लाख 21 हजार 401 लाभार्थियों की पिछले कुछ महीनों में मृत्यु हो चुकी है। इस योजना के तहत शुरुआत में 70 लाख 9 हजार से अधिक महिलाओं को पात्र मानकर पहली किस्त जारी की गई थी, लेकिन जून 2026 तक यह संख्या घटकर 68 लाख 54 हजार के आसपास पहुंच गई है। मृत महिलाओं के अलावा अपात्र पाई गई महिलाओं और नियमों का पालन न करने वाली लगभग 23 हजार अन्य महिलाओं के आवेदन भी या तो निरस्त किए गए हैं या प्रक्रियाधीन हैं। हर महीने लगभग 700 करोड़ रुपए के वित्तीय भार वाली इस योजना में पारदर्शिता बनाए रखने और मृत लाभार्थियों के नाम हटाने के लिए प्रशासन लगातार डेटाबेस का सत्यापन कर रहा है ताकि केवल जरूरतमंद महिलाओं तक की सरकारी सहायता निर्बाध रूप से पहुंचती रहे।

रायपुर नगर निगम की सख्त कार्रवाई, बिना पार्किंग वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर चलेगा बुलडोजर

Urban News: रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे की अध्यक्षता में निगम मुख्यालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में शहर के विकास और व्यवस्था को लेकर कई कड़े फैसले लिए गए हैं। बैठक में प्रमुख मार्गों पर लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार बिना पार्किंग के संचालित हो रहे व्यावसायिक संस्थानों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, शहर के विभिन्न वार्डों में अवैध रूप से खड़े किए गए निर्माण कार्यों और अतिक्रमण को हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई तेज करने के आदेश सभी जोन कमिश्नरों को दिए गए हैं। नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए महापौर ने प्रत्येक वार्ड में 10 लाख रुपए तक के नए विकास कार्यों के प्रस्ताव तत्काल तैयार करने को कहा है, जिसमें स्थानीय पार्षदों की सलाह को प्राथमिकता दी जाएगी। कॉलोनी विकास अनुमति (Completion Certificate) के मामलों में बेवजह विलंब करने वाले अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि पर्याप्त पेयजल और बुनियादी ढांचे की पुष्टि के बाद ही फाइलें आगे बढ़ाई जाएं। साथ ही, शहर की जल निकासी व्यवस्था सुधारने और जोन-8 समेत अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों में संपत्ति कर की वसूली के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि निगम की राजस्व आय में सुधार हो सके।

छत्तीसगढ़ के रोजगार कार्यालयों में कर्मचारियों का अकाल, 377 में से 178 पद पड़े हैं खाली

Education News: छत्तीसगढ़ के जिला रोजगार कार्यालय इन दिनों भारी स्टाफ संकट से जूझ रहे हैं जिसके कारण नौकरी की तलाश में भटकने वाले युवाओं की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक प्रदेशभर के रोजगार दफ्तरों में स्वीकृत कुल 377 पदों में से 178 पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं और वर्तमान में केवल 199 कर्मचारी ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं। राजधानी रायपुर के जिला रोजगार कार्यालय की स्थिति सबसे अधिक दयनीय है जहां 21 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 9 कर्मचारी ही तैनात हैं और 12 पद खाली पड़े हैं। कर्मचारियों की भारी कमी के कारण युवाओं का पंजीयन, करियर काउंसलिंग, दस्तावेजों का सत्यापन और प्लेसमेंट ड्राइव की रफ्तार बेहद धीमी हो गई है। स्थिति इतनी गंभीर है कि रायपुर जिले की उपसंचालक को एक साथ तीन-तीन जिलों का अतिरिक्त प्रभार संभालना पड़ रहा है, जिससे प्रशासनिक कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। राज्यभर के शिक्षित बेरोजगार युवाओं ने सरकार से मांग की है कि रोजगार कार्यालयों में रिक्त पड़े प्रथम से चतुर्थ श्रेणी के सभी पदों पर जल्द से जल्द नई भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए ताकि उन्हें करियर से जुड़ी सहायता के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

बस्तर के 1497 स्कूलों में बहुभाषी शिक्षा मॉडल लागू, अब स्थानीय बोलियों में होगी पढ़ाई

Education News: बस्तर संभाग के आदिवासी बहुल इलाकों में बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को अधिक सुगम और सरल बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने एक अनूठी और सराहनीय पहल की है। जिले के लगभग 1500 प्राथमिक विद्यालयों में बहुभाषी शिक्षा मॉडल को सफलतापूर्वक लागू कर दिया गया है जिससे अब बच्चे अपनी मातृभाषा यानी हल्बी, भतरी और गोंडी बोलियों में शुरुआती ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी के अनुसार जिले की कुल 1524 प्राथमिक शालाओं में से 1497 स्कूलों में स्थानीय और मिश्रित बोलियों के माध्यम से शिक्षण कार्य कराया जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार अकेले हल्बी माध्यम में 15,423 और भतरी माध्यम में 9,201 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं जबकि शेष स्कूलों में गोंडी और अन्य स्थानीय बोलियों का प्रयोग हो रहा है। इस व्यवस्था को धरातल पर मजबूत बनाने के लिए शिक्षकों और भाषा विशेषज्ञों के विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। शिक्षा विभाग अब आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एक नया और उन्नत बहुभाषी मॉड्यूल तैयार करने में जुट गया है, जिससे आदिवासी बच्चों की विद्यालय के प्रति झिझक पूरी तरह समाप्त होगी और प्राथमिक शिक्षा के स्तर में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा।

रायपुर स्काईवॉक प्रोजेक्ट की डेडलाइन खत्म, केवल 40% काम पूरा होने पर उच्चस्तरीय बैठक तय

Infrastructure: राजधानी रायपुर का बहुचर्चित और 77 करोड़ रुपए की लागत वाला 1500 मीटर लंबा स्काईवॉक प्रोजेक्ट अपनी तय अप्रैल 2026 की डेडलाइन गुजर जाने के बाद भी अधूरा पड़ा हुआ है। कलेक्टोरेट, जिला अदालत, डीकेएस और आंबेडकर अस्पताल जैसे व्यस्त इलाकों को जोड़ने वाले इस प्रोजेक्ट का अब तक केवल 40 प्रतिशत निर्माण ही पूरा हो पाया है जबकि 60 प्रतिशत काम अभी भी बाकी है। हाल ही में रायपुर पश्चिम के विधायक राजेश मूणत द्वारा लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों और ठेका एजेंसी की समीक्षा बैठक ली गई जिसमें निर्माण कार्य की सुस्त रफ्तार पर कड़ी नाराजगी जताई गई।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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