AI Skill Mission: 1 करोड़ युवाओं को मिलेगी AI की ट्रेनिंग, PM मोदी ने बताया क्यों जरूरी है युवाओं के लिए AI ट्रेनिंग

AI Training 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए तकनीक और आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार आने वाले एक वर्ष में देश के 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ट्रेनिंग प्रदान करेगी। इसके साथ ही छात्रों की पढ़ाई को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन कोचिंग की नई व्यवस्था शुरू करने की घोषणा भी की गई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नए जमाने की तकनीक से जोड़कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

एक साल के भीतर 1 करोड़ युवाओं को मिलेगी एआई की ट्रेनिंग

Artificial Intelligence Training 2026: प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि आने वाले 12 महीनों के भीतर देश के 1 करोड़ युवाओं को एआई स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम से जोड़ा जाएगा। इस योजना के तहत युवाओं को डेटा, कोडिंग और डिजिटल टूल्स के इस्तेमाल की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इस ट्रेनिंग से युवाओं को आईटी सेक्टर और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में सीधे काम मिलने में आसानी होगी।

भारत में तेजी से बढ़ रहे डेटा सेंटर, गूगल और मेटा कर रहे बड़ा निवेश

PM Modi Speech AI Skill Mission: देश में टेक्नोलॉजी के बढ़ते बुनियादी ढांचे का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत तेजी से डेटा सेंटर हब के रूप में उभर रहा है। आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में गूगल अपना विशाल डेटा सेंटर विकसित कर रहा है। वहीं गुजरात में मेटा और रिलायंस मिलकर डेटा सेंटर स्थापित करने जा रहे हैं। इन वैश्विक कंपनियों के निवेश से देश में हजारों नए तकनीकी रोजगार पैदा होने की उम्मीद जताई गई है।

चैटबॉट से आगे बढ़कर होम अप्लायंसेज और कारों तक पहुंची एआई तकनीक

AI Scheme 2026: दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दायरा बहुत तेजी से फैल रहा है। अब यह तकनीक सिर्फ कंप्यूटर या मोबाइल चैटबॉट तक सीमित नहीं रह गई है। स्मार्टफोन्स के अलावा होम अप्लायंसेज जैसे एयर कंडीशनर, वाशिंग मशीन और आधुनिक गाड़ियों में भी एआई फीचर्स का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है। तकनीक के इस तेजी से होते विस्तार के कारण बाजार में स्किल्ड युवाओं की मांग बहुत तेजी से बढ़ी है।

भारत में एआई सेवाओं का विस्तार, लेखन से लेकर कोडिंग तक में इस्तेमाल

Data Center in India: वर्तमान समय में ओपनएआई, मेटा और एंथ्रोपिक जैसी वैश्विक टेक कंपनियां भारत में अपनी सेवाएं दे रही हैं। आज एआई टूल्स का उपयोग कंटेंट लिखने, रिसर्च करने, भाषा अनुवाद, सॉफ्टवेयर कोडिंग और ग्राफिक्स डिजाइन करने में किया जा रहा है। यहां तक कि साधारण टेक्स्ट प्रॉम्प्ट देकर वीडियो भी तैयार किए जा रहे हैं। इसी बढ़ती जरूरत को देखते हुए भारतीय युवाओं को समय रहते इस तकनीक में निपुण बनाने की तैयारी की जा रही है।

ऑनलाइन कोचिंग से जुड़ेंगे छात्र, युवाओं के लिए खुलेंगे नए रास्ते

तकनीकी ट्रेनिंग के अलावा सरकार छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा भी शुरू करने जा रही है। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को भी प्रतियोगी परीक्षाओं और तकनीकी शिक्षा के लिए बेहतर मार्गदर्शन मिल सकेगा। एआई ट्रेनिंग और ऑनलाइन कोचिंग का यह नया खाका देश के युवाओं को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करने में मददगार साबित होगा।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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