
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इस वीडियो को शेयर करते हुए यह दावा किया जा रहा है कि 15 अगस्त के दिन उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे की जगह बीजेपी का झंडा फहरा दिया। सोशल मीडिया पर कई लोगों और विपक्षी नेताओं ने इसे राष्ट्रध्वज का अपमान बताते हुए निशाना साधा। हालांकि, पड़ताल में यह दावा पूरी तरह से भ्रामक और गलत साबित हुआ है।
एक्स पर शेयर हुआ वीडियो, भ्रामक खबर फैलाने पर बढ़ा विवाद
यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक्स पर एक यूजर और छत्तीसगढ़ कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज से यह वीडियो साझा किया गया। पोस्ट में दर्शाया गया कि विधायक अजय चंद्राकर स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान तिरंगे की जगह अपनी पार्टी का झंडा फहरा रहे हैं। इस पोस्ट के सार्वजनिक होते ही यूजर्स ने इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दिया और राजनीतिक गलियारे में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
विधायक के सोशल मीडिया पोस्ट से खुली भ्रामक दावे की पोल
सच की पड़ताल करने पर अजय चंद्राकर के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से सच्चाई सामने आई। 15 अगस्त 2026 को वे धमतरी के एकलव्य खेल मैदान में आयोजित जिला स्तरीय मुख्य स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल हुए थे, जहां उन्होंने विधिवत तिरंगा फहराया। वायरल वीडियो और स्वतंत्रता दिवस समारोह की तस्वीरों को मिलाने पर उनके कपड़ों का अंतर साफ नजर आता है। वायरल वीडियो में वे नीले रंग की जैकेट पहने दिख रहे हैं, जबकि धमतरी के कार्यक्रम में वे मैरून रंग की जैकेट में मौजूद थे।
धमतरी के मुख्य समारोह में अजय चंद्राकर ने फहराया था तिरंगा
अजय चंद्राकर ने धमतरी के एकलव्य खेल मैदान में आयोजित स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह की तस्वीरें खुद साझा की हैं। उन्होंने तिरंगे को देश की आन, बान और शान बताते हुए कार्यक्रम में ध्वजारोहण की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने परेड का निरीक्षण भी किया और मार्च पास्ट की सलामी ली। इससे स्पष्ट होता है कि वायरल हो रहा वीडियो 15 अगस्त के कार्यक्रम का है ही नहीं।
फर्जी खबर पर भड़के अजय चंद्राकर, विपक्ष को दिया करारा जवाब
मामला तूल पकड़ने के बाद अजय चंद्राकर ने एक वीडियो जारी कर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि व्यूज पाने की होड़ में पुराने वीडियो को नए संदर्भ में पेश कर भ्रम फैलाना पत्रकारिता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिसे आज का बताकर फैलाया जा रहा है, वह दरअसल 22 मार्च 2026 को आयोजित बीजेपी के प्रशिक्षण वर्ग का वीडियो है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि राजनीतिक एजेंडे के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करना गलत है।
बीजेपी संगठन ने थाने में दर्ज कराई शिकायत
पुराने वीडियो को भ्रामक दावे के साथ फैलाए जाने पर बीजेपी संगठन ने सख्त कदम उठाया है। पार्टी पदाधिकारियों ने पुलिस थाने पहुंचकर भ्रामक खबर चलाने वाले चैनलों और कांग्रेस के सोशल मीडिया पेज व कांग्रेस नेताओं के खिलाफ लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई है। बीजेपी ने पुलिस से मांग की है कि फर्जी खबरें बनाकर माहौल खराब करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।




