CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें भोपाल-रायपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य छत्तीसगढ़ में अवैध कॉलोनियों पर सख्त कार्रवाई महतारी वंदन योजना में अपात्र महिलाओं से वसूली शुरू चित्रकोट जलप्रपात का पानी लाल होने पर चिंता दुर्ग में कांवड़ यात्रा के दौरान तेजाब हमला अंबिकापुर में इंटर्न डॉक्टरों का अनोखा प्रदर्शन भारतमाला प्रोजेक्ट की सड़क पहली बारिश में क्षतिग्रस्त अंबिकापुर अक्षत अग्रवाल हत्याकांड में उम्रकैद बस्तर के 124 जर्जर स्कूलों में पढ़ाई का संकट कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय में भर्ती फर्जीवाड़ा समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे
भोपाल-रायपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य
Infrastructure Update: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। भोपाल से रायपुर के बीच ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनाने की योजना पर मध्य प्रदेश सरकार काम कर रही है, जिसकी कुल अनुमानित लागत करीब 15 हजार करोड़ रुपये है। प्रस्तावित कॉरिडोर भोपाल से शुरू होकर सागर, दमोह, जबलपुर और मंडला से होते हुए छत्तीसगढ़ सीमा तक पहुंचेगा, जिसके बाद इसे कवर्धा, बेमेतरा और सिमगा के रास्ते रायपुर से जोड़ा जाएगा। इस नए एक्सप्रेस-वे के बन जाने से दोनों राज्यों के बीच की दूरी तय करने में लगने वाला समय 15-16 घंटे से घटकर काफी कम हो जाएगा और रायपुर से जबलपुर का सफर भी 8 घंटे से कम समय में पूरा हो सकेगा। योजना के तहत जबलपुर से छत्तीसगढ़ सीमा तक मौजूदा सड़क को सिक्सलेन करने का प्रस्ताव भी शामिल है, जिस पर लगभग 2500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस परियोजना से व्यापार, माल परिवहन और कान्हा-किसली जाने वाले पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है, और फिलहाल इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
छत्तीसगढ़ में अवैध कॉलोनियों पर सख्त कार्रवाई
Government Action: छत्तीसगढ़ में बिना अनुमति और अवैध तरीके से कॉलोनियां विकसित करने वाले कॉलोनाइजरों और बिल्डरों पर राज्य सरकार ने शिकंजा कस दिया है। नियमों का उल्लंघन करने पर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों को 3 से 7 साल तक की जेल और कम से कम 1 लाख रुपये का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है, जिसके लिए छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 339-ग के तहत सख्त प्रावधान लागू किए गए हैं। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है और प्लॉट या मकान खरीदने से पहले केवल विज्ञापनों पर भरोसा करने के बजाय कॉलोनाइजर का पंजीयन, विकास अनुमति और स्वीकृत ले-आउट जैसे दस्तावेजों की जांच करने को कहा है। नगरपालिका या नगर पंचायत क्षेत्रों में जमीन को छोटे-छोटे भूखंडों में बांटकर बेचने के लिए पंजीयन कराना अनिवार्य है और कॉलोनाइजर का पंजीयन पांच साल के लिए मान्य होता है। इसके अलावा आवासीय कॉलोनियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी ईडब्ल्यूएस के लिए 15 प्रतिशत जमीन आरक्षित रखने और कुछ भूखंड नगरपालिका के पास बंधक रखने का भी नियम है, ताकि विकास कार्य तय समय पर पूरे हो सकें।
महतारी वंदन योजना में अपात्र महिलाओं से वसूली शुरू
Politics: छत्तीसगढ़ में महिलाओं के लिए चलाई जा रही महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक खुलासा सामने आया है। योजना के तहत 54 हजार से अधिक अपात्र महिलाओं को गलती से करीब 18 करोड़ रुपये की राशि बांटे जाने का मामला प्रकाश में आया है, जिसके बाद अब सरकार ने इन पैसों की रिकवरी का अभियान शुरू कर दिया है। मार्च 2024 से शुरू हुई इस योजना के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक सरकारी नौकरी, आयकरदाता, अविवाहित या 21 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं समेत विभिन्न कारणों से अयोग्य पाई गई 19,964 महिलाओं से अब तक छह करोड़ रुपये से अधिक की राशि वसूल की जा चुकी है। बीजेपी सरकार द्वारा मोदी की गारंटी के तहत शुरू की गई इस योजना में शुरुआत में 70 लाख से अधिक महिलाओं को लाभान्वित किया गया था, लेकिन समय-समय पर हुई पड़ताल में अपात्रों के शामिल होने की बात सामने आने पर प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। सरकार अभी भी शेष 10 करोड़ से अधिक की राशि को वापस लेने के लिए गहन जांच कर रही है और अपात्र लाभार्थियों की सूची के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है।
चित्रकोट जलप्रपात का पानी लाल होने पर चिंता
Environment News: बस्तर का विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात मानसून के दौरान अपने लाल पानी के कारण पर्यटकों को आकर्षित तो करता है, लेकिन यह इंद्रावती नदी में गंभीर मिट्टी कटाव का एक बड़ा संकेत भी है। केंद्रीय जल आयोग यानी सीडब्ल्यूसी की रिपोर्ट के अनुसार बारिश के दिनों में प्रति लीटर पानी के साथ लगभग 1.97 ग्राम उपजाऊ मिट्टी बह जाती है, जिससे बस्तर के खेतों की ऊपरी परत नष्ट हो रही है और कृषि उपज पर बुरा असर पड़ रहा है। नदी के तटों के इस लगातार क्षरण को रोकने और जलीय पारिस्थितिकी को बचाने के लिए अब इंद्रावती बचाओ अभियान जैसे जनआंदोलनों ने आवाज उठानी शुरू कर दी है। अभियान के सदस्यों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर नदी के दोनों किनारों पर 80 हजार पौधे लगाने की मांग की है, ताकि वैज्ञानिक तरीकों से ग्रीन बेल्ट विकसित किया जा सके। जानकारों का मानना है कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि वन विभाग की निगरानी में स्थानीय प्रजातियों के पेड़ों को संरक्षित करना जरूरी है ताकि भविष्य में बस्तर की इस जीवनरेखा और कृषि तंत्र को सुरक्षित रखा जा सके।
दुर्ग में कांवड़ यात्रा के दौरान तेजाब हमला
Crime Update: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के नंदिनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत कांवड़ यात्रा में शामिल एक महिला पर अज्ञात बाइक सवार युवकों द्वारा तेजाब फेंकने की दर्दनाक घटना सामने आई है। अरसनारा और रेवलीडीह के बीच सुनसान रास्ते पर हुई इस अचानक हुई वारदात में महिला का चेहरा गंभीर रूप से झुलस गया, जबकि उसके साथ चल रहे दोनों बच्चे भी इस रासायनिक हमले की चपेट में आकर घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है। पुलिस ने मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके और उनके भागने के रास्तों का पता लगाया जा सके। अभी तक हमले की असल वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है, और पुलिस पुरानी रंजिश या अन्य पहलुओं को ध्यान में रखते हुए गहनता से तस्दीक कर रही है।
अंबिकापुर में इंटर्न डॉक्टरों का अनोखा प्रदर्शन
Education News: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सामने इंटर्न डॉक्टरों ने अपना स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर एक अनोखा विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। पिछले 12 दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे इन डॉक्टरों ने अस्पताल के बाहर ‘एमबीबीएस चायवाला’ के नाम से एक स्टॉल लगाया और राहगीरों को चाय बेचकर अपना दर्द बयां किया। डॉक्टरों का कहना है कि 12 घंटे की कठिन ड्यूटी के बाद उन्हें रोजाना केवल 530 रुपये मिलते हैं, जो कि एक आम चायवाले की दैनिक कमाई से भी बहुत कम है। वे अपने स्टाइपेंड को मौजूदा 15 हजार 900 रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की मांग कर रहे हैं ताकि वे पड़ोसी राज्यों के समकक्ष आ सकें और अपने परिवार का खर्च आसानी से चला सकें। इस अनूठे प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों ने आपातकालीन सेवाओं के साथ ओपीडी और आईसीयू पर भी ध्यान केंद्रित करने की बात कही है, लेकिन चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और भी तीव्र किया जाएगा।
भारतमाला प्रोजेक्ट की सड़क पहली बारिश में क्षतिग्रस्त
Government: छत्तीसगढ़ में रायपुर-विशाखापट्टनम भारतमाला इकोनॉमिक कॉरिडोर के तहत बनाई गई करोड़ों की सड़क पहली ही मानसूनी बारिश में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। लगभग 106 किलोमीटर के इस नवनिर्मित हिस्से में 20 से अधिक स्थानों पर गहरी दरारें और कांकेर जिले के दुधावा से धनोरा मार्ग पर सड़क का बेस धंसने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। चार हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के गंभीर आरोप लग रहे हैं, जिसके कारण कई जगहों पर डामर उखड़ चुका है और वाहनों को ग्रामीण इलाकों की संकरी सड़कों से गुजरना पड़ रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि भारी बारिश के कारण मिट्टी कटने की समस्या उत्पन्न हुई है और क्षतिग्रस्त हिस्सों की तुरंत मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। स्थानीय नागरिकों और चालकों को हो रही इस भारी असुविधा के बाद परियोजना की निर्माण गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं और आने वाले दिनों में इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग भी उठ सकती है।
अंबिकापुर अक्षत अग्रवाल हत्याकांड में उम्रकैद
Crime Update: छत्तीसगढ़ के चर्चित अंबिकापुर अक्षत अग्रवाल हत्याकांड मामले में घटना के दो साल बाद जिला न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 21 अगस्त 2024 को अंबिका स्टील इंडस्ट्रीज के मालिक के 23 वर्षीय पुत्र अक्षत अग्रवाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिनका शव एक कार के भीतर मिला था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कंपनी के पूर्व कर्मचारी संजीव मंडल को गिरफ्तार किया था, जिसने अजीबोगरीब दावा किया था कि मृतक ने खुद अपनी हत्या की सुपारी दी थी और उसी ने ट्रिगर दबाया था। अदालत ने मामले में 33 गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, फॉरेंसिक सबूतों और पॉलीग्राफ तथा नार्को टेस्ट की रिपोर्ट्स का बारीकी से अध्ययन करने के बाद आरोपी के उस दावे को खारिज कर दिया। सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने संजीव मंडल को हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जिससे न्याय की आस लगाए बैठे परिजनों को राहत मिली है।
बस्तर के 124 जर्जर स्कूलों में पढ़ाई का संकट
Education News: बस्तर जिले के ग्रामीण और आंतरिक इलाकों में स्थित सरकारी स्कूलों के भवन इस समय बेहद दयनीय स्थिति में पहुंच चुके हैं, जिससे बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा पर बड़ा संकट मंडरा रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक जिले में कुल 124 स्कूल भवन अति जर्जर हो चुके हैं, जिनमें 76 प्राथमिक और 48 मिडिल स्कूल शामिल हैं, और कई जगहों पर छत टपकने या दीवारें दरकने के कारण कक्षाओं का संचालन पंचायत भवनों या कार्यालयों में करना पड़ रहा है। तोकापाल क्षेत्र के एर्राकोर्ट मिडिल स्कूल जैसे कई उदाहरण यह दर्शाते हैं कि कैसे जगह के अभाव में बच्चों को प्रधानाध्यापक के कमरे या अन्य वैकल्पिक स्थानों पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर होना पड़ रहा है। इस गंभीर स्थिति को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार पर तीखा तंज कसा है और शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की मांग की है। जिला शिक्षा अधिकारी ने जर्जर भवनों की पुष्टि करते हुए बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर पढ़ाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन स्थायी समाधान के रूप में नए भवनों के निर्माण की मांग अब जोर पकड़ती जा रही है।
कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय में भर्ती फर्जीवाड़ा
Education News: रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। नियमों की अनदेखी, अयोग्य अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में शामिल करने और अंकों के हेरफेर के गंभीर आरोपों के बाद बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह ने इस मामले की शिकायत सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की है। विश्वविद्यालय की चयन समिति और तत्कालीन कुलपति डॉ. सच्चिदानंद जोशी की भूमिका पर लोकायुक्त जांच के दौरान भी उंगलियां उठ चुकी हैं, जिसमें 80 प्रतिशत अकादमिक अंकों के मूल्यांकन और नियमों के पालन में कथित गड़बड़ी पाई गई थी। स्क्रूटनी कमेटी द्वारा अयोग्य घोषित किए जाने के बावजूद कुछ विशेष अभ्यर्थियों को इंटरव्यू में बुलाए जाने और चयन सूची में स्थान मिलने से पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवालिया निशान लग गए हैं। लोकायुक्त ने पहले ही मामले में दोबारा मेरिट सूची तैयार करने और दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की अनुशंसा की थी, जिसके बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन और उच्च शिक्षा विभाग की अगली कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।



