
Ajay Chandrakar Viral Video: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर का भ्रामक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर करने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। धमतरी की सिटी कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले से दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बीजेपी के एक पुराने वीडियो को ऐप के जरिए एडिट कर उसमें तिरंगे का प्रतीक जोड़ा था और उसे स्वतंत्रता दिवस की घटना बताकर इंटरनेट पर फैला दिया था।
22 मार्च 2026 के पुराने वीडियो को एडिट कर फैलाया भ्रम
धमतरी पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय के निर्देशन में शुरू हुई जांच में यह बात साफ हुई कि वायरल वीडियो 15 अगस्त का नहीं था। असल में 22 मार्च 2026 को कुरुद स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित एक प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने पार्टी का झंडा फहराया था। आरोपियों ने इसी मूल वीडियो को उठाकर फर्जी टाइटल और तिरंगे के चित्र के साथ री-एडिट किया। इसके बाद इसे इंस्टाग्राम और फेसबुक पर यह कहकर पोस्ट किया कि स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे की जगह बीजेपी का झंडा फहराया जा रहा है।
न्यूज बनाओ ऐप का इस्तेमाल कर तैयार की गई थी भ्रामक क्लिप
सिटी कोतवाली पुलिस की जांच में आरोपियों के मोबाइल से डिजिटल फॉरेंसिक सबूत मिले हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने इंटरनेट से मूल वीडियो डाउनलोड किया था। इसके बाद ‘न्यूज बनाओ’ नामक मोबाइल एप्लीकेशन की मदद से उसमें भ्रामक टाइटल और ग्राफिक्स जोड़े। वीडियो के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई थी कि स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज का अनादर किया जा रहा है।
इंस्टाग्राम के रीसेंटली डिलीटेड सेक्शन से पुलिस को मिले अहम सबूत
मामला दर्ज होने और विवाद बढ़ने के बाद आरोपियों ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स से वह एडिटेड वीडियो हटा दिया था। हालांकि, जब धमतरी पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धाराओं के तहत नोटिस देकर उनसे पूछताछ की और उनके फोन की जांच की, तो इंस्टाग्राम के ‘रीसेंटली डिलीटेड’ फोल्डर से डिलीट किया गया वीडियो बरामद हो गया। पुलिस ने इन सभी डिजिटल साक्ष्यों का पंचनामा तैयार कर उन्हें केस में शामिल कर लिया है।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ के रहने वाले हैं गिरफ्तार आरोपी भुनेश्वर और राकेश निराला
पर्याप्त सबूत मिलने के बाद धमतरी पुलिस ने 18 अगस्त को दबिश देकर दोनों आरोपियों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान 25 वर्षीय भुनेश्वर निराला और उसके बड़े भाई 32 वर्षीय राकेश निराला के रूप में हुई है। दोनों आरोपी सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सारंगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जिल्दी के निवासी हैं। पुलिस ने इनके पास से अपराध में इस्तेमाल किए गए दो स्मार्टफोन जब्त किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 45 हजार रुपये बताई जा रही है।
बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज, आरोपियों को भेजा गया जेल
धमतरी पुलिस ने इस मामले में प्रार्थी की शिकायत पर धारा 336(4) और 353(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने दोनों भाइयों को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर माहौल बिगाड़ने और भ्रामक तथ्य फैलाने वालों के खिलाफ इसी तरह सख्त वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।
सोशल मीडिया यूजर्स को पुलिस की चेतावनी, बिना पुष्टि शेयर न करें खबरें
इस पूरी कार्रवाई के बाद धमतरी पुलिस ने आम जनता से सोशल मीडिया के सतर्क इस्तेमाल की अपील की है। पुलिस प्रशासन ने कहा है कि किसी भी फोटो, वीडियो या खबर को बिना उसकी सत्यता जांचे आगे फॉरवर्ड या शेयर न करें। किसी भी एडिटेड, फर्जी या भ्रामक सामग्री को फैलाना कानूनन अपराध है और ऐसा करने पर संबंधित यूजर के खिलाफ साइबर क्राइम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



