
Mahtari Vandan Yojana Fraud: छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना में धांधली और अनियमितताओं के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। योजना की शुरुआत में बॉलीवुड अभिनेत्री ‘सनी लियोन’ के नाम पर फर्जी आवेदन और राशि स्वीकृत होने का मामला भारी चर्चा में रहा था। बिलासपुर जिले के बिल्हा ब्लॉक में शासकीय पदों पर कार्यरत कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य अपात्र होने के बावजूद योजना का लाभ उठा रहे थे। बाल विकास परियोजना की जांच में 11 ऐसे शिक्षकों और बाबुओं की पहचान हुई है जिन्होंने नियमों का उल्लंघन कर सरकार से राशि प्राप्त की। मामला उजागर होने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है और विकास खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) के माध्यम से अवैध रूप से ली गई राशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
1.24 लाख रुपये की गलत निकासी, महिला एवं बाल विकास विभाग की जांच में खुली पोल
Bilha BEO Order Mahtari Vandan Fraud: राज्य सरकार के नियमानुसार शासकीय सेवा में कार्यरत कर्मचारी या उनके आश्रित महतारी वंदन योजना के लिए पात्र नहीं हैं। इसके बावजूद बिल्हा ब्लॉक के शिक्षा विभाग में पदस्थ कुछ महिला शिक्षकों, बाबुओं और पुरुष कर्मचारियों की पत्नियों के खातों में हर महीने एक हजार रुपये की राशि ट्रांसफर हो रही थी। एकीकृत बाल विकास परियोजना बिल्हा ने जब इस मामले की बारीकी से जांच की, तो 11 अपात्र लाभार्थियों के नाम सामने आए। जांच में पाया गया कि इन खातों में अब तक कुल 1,24,000 रुपये की सरकारी राशि गलत तरीके से भेजी जा चुकी है।
फर्जीवाड़े में शामिल अपात्र लाभार्थियों की सूची हुई सार्वजनिक
Mahtari Vandan Scheme Illegal Beneficiaries: जांच में जिन अपात्र लाभार्थियों की पहचान की गई है, उनमें रत्ना क्षत्री, गंगा बाई, रमा वर्मा, दिनेश्वरी कुर्रे, कुसुम यादव, गोदावरी कौशिक, रामेश्वरी साहू, कीर्ति पाटले, सविता कुर्रे, अमर ज्योति शांडिल्य और लक्ष्मी शामिल हैं। ये सभी या तो स्वयं शिक्षक ग्रेड 1, ग्रेड 2, सहायक शिक्षक और बाबू के पद पर कार्यरत हैं या फिर उनके पति शासकीय सेवा में पदस्थ हैं। विभाग ने इन सभी चिन्हांकित कर्मचारियों की विस्तृत जानकारी बीईओ कार्यालय को सौंप दी है ताकि रिकवरी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
बीईओ भूपेंद्र कौशिक ने जारी किया वसूली आदेश, राशि जमा न करने पर वेतन से कटेगा पैसा
Mahtari Vandan Yojana: मामले की गंभीरता को देखते हुए बिल्हा बीईओ भूपेंद्र कौशिक ने संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी कर दी गई राशि तुरंत सरकारी खजाने में जमा कराने के निर्देश दिए हैं। बीईओ ने स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित कर्मचारी तय समय-सीमा के भीतर राशि जमा नहीं करते हैं, तो उनके मासिक वेतन से रिकवरी की जाएगी। प्रशासन के इस कड़े कदम के बाद से ही विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। राज्य सरकार अब अन्य जिलों में भी ऐसे अपात्र लाभार्थियों की पहचान के लिए जांच अभियान चलाने की तैयारी कर रही है।



