IGKV Paper Leak Case: गुरु ही निकला गुनहगार: प्रोफेसर ने रचा पेपर लीक का खतरनाक खेल, 6 लोग गिरफ्तार, जानिए कैसे हुआ पर्चा लीक

रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। तेलीबांधा थाना पुलिस और विशेष जांच टीम ने महज 36 घंटे के भीतर कड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया समेत 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि शासकीय परीक्षाओं की गोपनीयता से खिलवाड़ कर प्रश्नपत्र को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था। इस मामले में शामिल दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

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परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले वायरल हुआ प्रश्नपत्र, ई-मेल और व्हाट्सएप से हुआ खुलासा

यह मामला 20 अगस्त 2026 का है, जब सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी 28 कृषि महाविद्यालयों में B.Sc. कृषि द्वितीय वर्ष के एंटोमोलॉजी (कीटशास्त्र) विषय की परीक्षा निर्धारित थी। परीक्षा शुरू होने से ठीक दो घंटे पहले सुबह 8:41 बजे कवर्धा कृषि कॉलेज के ई-मेल पर प्रश्नपत्र लीक होने की पहली सूचना मिली। इसके तुरंत बाद छात्रों और छात्र प्रतिनिधियों ने भी व्हाट्सएप पर वायरल हो रहे प्रश्नों के स्क्रीनशॉट अधिकारियों को भेजे। जांच में प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि होते ही विश्वविद्यालय प्रशासन के निर्देश पर मामला दर्ज कराया गया।

दुर्ग के अनुज मिंज से जुड़ा पहला सुराग, पुलिस टीमों ने पांच जिलों में मारा छापा

वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एन.आर. रंगारे की शिकायत पर तेलीबांधा थाने में अपराध दर्ज करने के बाद रायपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की। सबसे पहले दुर्ग निवासी अनुज मिंज का नाम सामने आया, जिसे हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की गई। अनुज से मिले सुरागों के आधार पर बिलासपुर, कबीरधाम, दुर्ग, रायपुर और जशपुर में अलग-अलग पुलिस टीमें रवाना की गईं। लगातार 36 घंटे चले इस ऑपरेशन के बाद पुलिस पूरी साजिश का पर्दाफाश करने में सफल रही।

मुख्य आरोपी निकला भारती कॉलेज का प्रोफेसर, 2019 से संस्थान में था पदस्थ

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड योगेश सोनकेसरिया (38) है। वह वर्ष 2019 से भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है। पिछले एक साल से उसे अपने कॉलेज की उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने और आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र विश्वविद्यालय से प्राप्त कर कॉलेज तक सुरक्षित पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसी अधिकार और पहुंच का फायदा उठाकर उसने इस घिनौने अपराध को अंजाम दिया।

सुई से लिफाफा छेदकर बनाई वीडियो रिकॉर्डिंग, घर ले जाकर रची साजिश

जांच में आरोपी की चालाकी का खौफनाक तरीका सामने आया है। 17 अगस्त को योगेश उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने जोरा स्थित कृषि महाविद्यालय रायपुर पहुंचा था। वहां से उसने आगामी परीक्षाओं के सील बंद प्रश्नपत्र प्राप्त किए। नियमानुसार सभी लिफाफे कॉलेज के लॉकर में रखे जाने थे, लेकिन 20 अगस्त को होने वाले कीटशास्त्र विषय के लिफाफे को वह चुपके से अपने घर ले गया। घर पर उसने सुई और नुकीले औजार की मदद से लिफाफे में छोटा सा छेद किया और मोबाइल का कैमरा अंदर डालकर पूरे प्रश्नपत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली।

11 हजार रुपये में बिक गया 1200 छात्रों का भविष्य, व्हाट्सएप ग्रुपों के जरिए फैला पेपर

वीडियो रिकॉर्डिंग से प्रश्नपत्र की नकल तैयार करने के बाद प्रोफेसर ने इसे अपने ही कॉलेज के छात्र अजय नायक को बेच दिया। इस सौदे के बदले प्रोफेसर ने 11 हजार रुपये नकद लिए। इसके बाद अजय ने यह प्रश्नपत्र अपने साथी छात्रों त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू तक पहुंचा दिया। इन छात्रों ने परीक्षा से ठीक पहले इसे अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुपों में शेयर कर दिया, जिससे कुछ ही देर में यह प्रदेश भर के परीक्षार्थियों तक पहुंच गया।

पुलिस की गिरफ्त में आए 6 आरोपी, डिजिटल डिवाइस और औजार भी बरामद

प्रकरण में पुलिस ने अब तक मुख्य साजिशकर्ता समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में मुख्य आरोपी योगेश सोनकेसरिया (सिवनी, म.प्र.), छात्र अजय नायक (बलौदाबाजार), त्रिदेव पटेल (महासमुंद), नितिन पाण्डेय (बस्तर), अनुज मिंज (जशपुर) और आदित्य साहू (बालोद) शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से 11 हजार रुपये नकद, 6 स्मार्ट फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस, केबल, सुई, फेविकोल और अन्य उपकरण जब्त किए हैं।

विश्वविद्यालय ने रद्द की एंटोमोलॉजी की परीक्षा, सितंबर के पहले हफ्ते में दोबारा होंगे पर्चे

पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय प्रशासन ने 20 अगस्त को हुई एंटोमोलॉजी विषय की परीक्षा को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। इस निर्णय से प्रदेश के 27 कॉलेजों में नामांकित लगभग 1200 छात्रों की मेहनत पर असर पड़ा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रद्द की गई परीक्षा सितंबर 2026 के प्रथम सप्ताह में दोबारा आयोजित की जाएगी, जिसके लिए नया टाइमटेबल जल्द जारी होगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कड़ा रुख, परीक्षाओं की पवित्रता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने उच्च शिक्षा और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि दोषियों के खिलाफ ऐसी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए जो मिसाल बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में किसी भी शैक्षणिक या प्रतियोगी परीक्षा की पारदर्शिता और शुचिता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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