
Chhattisgarh BJP Big News: छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी के संगठन में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के सड़क हादसे में घायल होने के बाद पार्टी में कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर मंथन तेज हो गया है। इसी सिलसिले में केंद्रीय राज्य मंत्री और बिलासपुर सांसद तोखन साहू को अचानक दिल्ली बुलाया गया है। इस घटनाक्रम के बाद तोखन साहू को राज्य में बीजेपी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने की अटकलों ने जोर पकड़ लिया है। दिल्ली रवानगी के दौरान तोखन साहू ने कहा कि वे पार्टी के एक निष्ठावान कार्यकर्ता हैं और हाईकमान जो भी जिम्मेदारी देगा, उसे पूरा करेंगे।
किरण सिंह देव के घायल होने से सीमित हुई सांगठनिक गतिविधियां
CG BJP Working President: बीजेपी के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के सड़क हादसे में चोटिल होने के कारण संगठन की दैनिक गतिविधियों पर असर पड़ा है। डॉक्टरी सलाह के चलते उनकी सक्रियता फिलहाल सीमित हो गई है। आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों और संगठनात्मक कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए पार्टी नेतृत्व जल्द से जल्द एक कार्यकारी प्रमुख की नियुक्ति करना चाहता है। यही वजह है कि केंद्रीय नेतृत्व ने आपात स्थिति में विकल्पों पर विचार करना शुरू कर दिया है।
कार्यकारी अध्यक्ष की दौड़ में तोखन साहू समेत कई बड़े नाम शामिल
CG BJP President Race: हालांकि इस पद की रेस में केवल तोखन साहू ही इकलौता चेहरा नहीं हैं। बीजेपी के अंदर कई अन्य अनुभवी नेताओं के नामों की भी जोर-शोर से चर्चा चल रही है। इनमें पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, कुरुद से विधायक अजय चंद्राकर, राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय और रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। हालांकि, संगठन की अंतिम मोहर नई दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व के स्तर पर ही लगेगी।
तोखन साहू के नाम के पीछे ओबीसी समीकरण और साहू समाज का प्रभाव
BJP Politics Today: तोखन साहू के नाम को प्राथमिकता दिए जाने के पीछे राज्य का राजनीतिक और सामाजिक समीकरण सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। छत्तीसगढ़ की आबादी में साहू समाज और ओबीसी वर्ग की बड़ी हिस्सेदारी है। तोखन साहू खुद इसी वर्ग से आते हैं और बिलासपुर से सांसद होने के साथ केंद्र में मंत्री भी हैं। पार्टी उन्हें यह जिम्मेदारी देकर प्रदेश के एक बड़े वोट बैंक को साधने की रणनीति पर काम कर सकती है।
बिलासपुर संभाग में संगठन को मजबूत करने पर पार्टी का ध्यान
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी की पकड़ बस्तर और सरगुजा संभाग में काफी मजबूत मानी जाती है। इसके मुकाबले बिलासपुर संभाग में संगठन को और अधिक सक्रिय और मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। यदि तोखन साहू को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी जाती है, तो बिलासपुर और आसपास के जिलों में पार्टी का जनाधार बढ़ाने में मदद मिलेगी।



