
CG Liquor Shops Cashless News: छत्तीसगढ़ में मदिरा प्रेमियों और मदिरा प्रेमियों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। प्रदेश की प्रीमियम शराब दुकानों में बोतलों पर अंकित एमआरपी से अधिक दाम वसूलने की शिकायतों के बाद आबकारी विभाग ने कड़ा फैसला लिया है। अब इन दुकानों पर नकद लेनदेन को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। विभाग ने पारदर्शी बिक्री सुनिश्चित करने और ग्राहकों से होने वाली अवैध वसूली पर लगाम लगाने के लिए प्रदेश की सभी प्रीमियम शराब दुकानों को पूरी तरह डिजिटल बनाने का आदेश जारी कर दिया है।
अधिक कीमत वसूलने की शिकायतों के बाद विभाग ने उठाया कदम
CG Excise Department Decision: प्रदेश के विभिन्न जिलों में संचालित प्रीमियम शराब दुकानों में तय कीमत से ज्यादा पैसे लिए जाने के मामले लगातार सामने आ रहे थे। ग्राहकों की तरफ से ओवररेटिंग को लेकर आबकारी विभाग और स्थानीय प्रशासन तक कई शिकायतें पहुंच रही थीं। इस मनमानी पर रोक लगाने के उद्देश्य से आबकारी आयुक्त कार्यालय ने संज्ञान लेते हुए नगद भुगतान व्यवस्था को समाप्त करने का निर्णय लिया है। इस कदम से ओवररेटिंग की गुंजाइश खत्म होगी और पूरी बिक्री का हिसाब रिकॉर्ड में दर्ज रहेगा।
केवल यूपीआई और क्यूआर कोड के जरिए होगा ऑनलाइन पेमेंट
Online Payment Liquor Shops CG: जारी नए निर्देशों के मुताबिक अब प्रदेश की किसी भी प्रीमियम शराब दुकान पर कैश स्वीकार नहीं किया जाएगा। ग्राहकों को मदिरा खरीदने के बाद केवल ऑनलाइन माध्यम से ही भुगतान करना होगा। इसके लिए सभी प्रीमियम दुकानों के काउंटरों पर क्यूआर कोड स्टैंड लगाए जा रहे हैं। ग्राहक अपने स्मार्टफोन से क्यूआर कोड स्कैन करके यूपीआई, नेट बैंकिंग या अन्य डिजिटल वॉलेट के जरिए तुरंत भुगतान कर सकेंगे।
1 अक्टूबर से प्रदेश की 49 प्रीमियम दुकानों में लागू होगी व्यवस्था
आबकारी विभाग द्वारा तैयार की गई यह नई कैशलेस प्रणाली 1 अक्टूबर से पूरे राज्य में एक साथ लागू कर दी जाएगी। शुरुआती चरण में यह आदेश प्रदेश भर में संचालित सभी 49 प्रीमियम शराब दुकानों के लिए जारी किया गया है। 1 अक्टूबर के बाद इन दुकानों के काउंटर पर नगद पैसे देकर शराब खरीदना संभव नहीं होगा।


बिक्री में पारदर्शिता और ओवररेटिंग पर लगेगी पूरी तरह रोक
CG Liquor Price Overrate Action: आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था का मुख्य ध्येय शराब बिक्री में पूर्ण पारदर्शिता लाना है। डिजिटल पेमेंट अनिवार्य होने से हर लेनदेन का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा, जिससे सेल्समैन ग्राहकों से तय कीमत से एक भी रुपया अधिक नहीं वसूल सकेंगे। यदि कोई सेल्समैन कैश की मांग करता है या ऑनलाइन पेमेंट लेने से इंकार करता है, तो उसके खिलाफ सीधी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।



