Vijay Sharma Challenges Bhupesh Baghel: ‘एक महीने की तैयारी कर लें’, झीरम घाटी मामले पर विजय शर्मा की भूपेश बघेल को नई चुनौती

Vijay Sharma Challenges Bhupesh Baghel: छत्तीसगढ़ की राजनीति में प्रधानमंत्री आवास योजना के मुद्दे पर हुई बहुचर्चित बहस के बाद अब एक और बड़े सियासी संग्राम की पृष्ठभूमि तैयार हो गई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को झीरम घाटी मामले के हालिया न्यायिक फैसले को लेकर खुली सार्वजनिक बहस की चुनौती दी है। शर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि बघेल चाहें तो बहस की तैयारी के लिए पूरा एक महीने का समय ले सकते हैं। एनआईए अदालत के फैसले के बाद से ही कांग्रेस और भूपेश बघेल जांच की निष्पक्षता और न्याय की प्रक्रिया पर लगातार सवाल खड़े कर रहे हैं, जिसके जवाब में यह नई चुनौती आई है।

विशेष अदालत ने सुनाई 10 दोषियों को मौत की सजा

Vijay Sharma vs Bhupesh Baghel: झीरम घाटी हत्याकांड मामले में विशेष एनआईए अदालत ने 2013 के इस भयावह हमले में शामिल 10 आरोपियों को दोषी ठहराया था। इसके बाद अदालत ने सभी 10 दोषियों को फांसी की सजा सुना दी। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद कांग्रेस पार्टी ने जांच के दायरे, राजनीतिक षड्यंत्र की थ्योरी और वास्तविक न्याय को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए थे। इसी बिंदु पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने मोर्चा संभालते हुए पूर्व मुख्यमंत्री को सीधे मंच पर आकर चर्चा करने को कहा है। शर्मा का कहना है कि अगर भूपेश बघेल को जांच पर कोई आपत्ति है तो वे तथ्यों के साथ बहस में शामिल हों।

तैयारी के लिए दिया एक महीने का समय

CG Politics Jhiram Debate: विजय शर्मा ने भूपेश बघेल को स्पष्ट कहा कि वे अपनी पूरी तैयारी के साथ मैदान में आएं। उन्होंने कहा कि बघेल को जितना समय चाहिए, वे ले लें और एक महीने बाद इस संवेदनशील विषय पर आमने-सामने बैठकर बात करें। उल्लेखनीय है कि हाल ही में 15 सितंबर को रायपुर प्रेस क्लब में पीएम आवास योजना को लेकर दोनों नेताओं के बीच करीब 80 मिनट तक तीखी बहस हुई थी। उस बहस के दौरान दोनों पक्षों ने अपने-अपने आंकड़ों के दम पर दावों की झड़ी लगा दी थी। अब झीरम कांड पर दी गई इस नई चुनौती ने सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।

अनर्गल बयानबाजी बंद करने की दी सलाह

गृहमंत्री ने झीरम मामले पर आ रहे राजनीतिक बयानों पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि मीडिया में अनर्गल और भ्रामक बयानबाजी करने से किसी का कोई भला नहीं होने वाला है। शर्मा ने आरोप लगाया कि नक्सलवाद जैसे गंभीर मुद्दे पर केवल घड़ियाली आंसू बहाने से काम नहीं चलेगा। कांग्रेस नेताओं को यह साफ करना चाहिए कि वे आखिर किस तरह के न्याय की उम्मीद कर रहे हैं और उनके पास क्या नए तथ्य मौजूद हैं।

जेब से सबूत न निकलने पर कसा तंज

Jhiram Ghati Verdict Politics: पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल पर हमला बोलते हुए विजय शर्मा ने कहा कि भूपेश बघेल पांच साल तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे, लेकिन तब उनकी जेब से कोई ठोस सबूत बाहर नहीं निकल सका। वे अक्सर झीरम कांड के सबूत अपनी जेब में होने की बात कहा करते थे। शर्मा ने आगे कहा कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री के पास आज भी कोई प्रामाणिक साक्ष्य या दस्तावेज मौजूद हैं, तो उन्हें तुरंत राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के पास जाकर सौंप देने चाहिए ताकि सच सामने आ सके।

पीएम आवास के बाद अब झीरम पर संग्राम

Chhattisgarh Politics News: रायपुर प्रेस क्लब की बहस के बाद से ही दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग जारी है। भूपेश बघेल ने अदालत के फैसले के बाद एनआईए की जांच की सीमा और मुख्य साजिशकर्ताओं तक न पहुंचने का मुद्दा उठाया था। विजय शर्मा की इस नई चुनौती के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति का तापमान एक बार फिर बढ़ गया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भूपेश बघेल इस एक महीने की बहस की चुनौती को स्वीकार करते हैं या अपनी ओर से कोई नया दांव चलते हैं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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