“माफिया छत्तीसगढ़ की संस्कृति नहीं है” –माफियाराज को बढ़ावा देने वालों पर हो सख्त कार्रवाई! जानिए अजय चंद्राकर के इस बयान के क्या हैं मायने?

रायपुर, 17 जून 2025: छत्तीसगढ़ में अवैध खनन और माफियाराज को लेकर राजनीतिक माहौल गर्माया हुआ है। इसी बीच बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर का बयान सामने आया है। मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि छत्तीसगढ़ में यदि कोई माफियाराज को पनपाने की कोशिश करता है, तो उस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। अजय चंद्राकर के इस बयान ने एक बार फिर राज्य में माफियाराज के संरक्षण और उस पर हो रही कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रदेश में खनन माफिया का बेलगाम

राज्य में एक बार फिर खनन माफियाओं का आतंक खुलकर सामने आने लगा है। अन्य प्रदेशों से छत्तीसगढ़ में आकर रेत और अन्य खनिजों के अवैध खनन के आरोप लगातार लगते रहे हैं। हाल ही में बलरामपुर में एक पुलिस जवान की हत्या और राजनांदगांव में अवैध खनन को लेकर हुए गोलीकांड ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है।

चंद्राकर ने कार्रवाई को बताया जरूरी

मीडिया ने जब अजय चंद्राकर से प्रदेश में बढ़ते खनन माफियाओं के आतंक पर सवाल पूछा, तो उन्होंने कहा कि सरकार निश्चित तौर पर कार्रवाई कर रही है, लेकिन और कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि-

माफिया छत्तीसगढ़ की संस्कृति नहीं है और यदि कोई व्यक्ति माफियाराज को बढ़ावा देने की कोशिश करता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

अवैध खनन के पीछे किसका हाथ?

छत्तीसगढ़ में माफियारा कोई नई बात नही है। इससे पूर्व भी कांग्रेस सरकार में खनन माफियाओं का आतंक पूरे प्रदेश ने देखा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यहीं है कि आखिर इन माफियाओं को पनपाने की कोशिश पूर्ववर्ती सरकार के लोग कर रहे है या फिर मौजूदा सरकार के अफसर और नेताओं की भी भूमिका संदिग्श है ? जब भी अवैध खनन पर कार्रवाई की बात आती है, तो खनिज विभाग पर अक्सर माफिया यह दावा करते हैं कि उन्हें मंत्रियों और विधायकों का संरक्षण प्राप्त है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार ऐसे अफसरों और नेताओं के खिलाफ भी कार्रवाई करेगी?

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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