
BJP MLA Ajay Chandrakar: छत्तीसगढ़ की राजनीति में बयानों का दौर तेज हो गया है। NIA स्पेशल कोर्ट में झीरम घाटी मामले की सुनवाई को लेकर कांग्रेस द्वारा दिए गए बयानों पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ विधायक एवं पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। चंद्राकर ने चुटकी लेते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं को अगर अदालत की प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है, तो वे खुद ही जज बन जाएं और कांग्रेस भवन में बैठकर फैसला सुना दें। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को मामले की सच्चाई से कोई सरोकार नहीं है और वह इस संवेदनशील विषय पर केवल राजनीति कर रही है।
कांग्रेस तो महिला और महिला पुत्र के इर्द-गिर्द सिमटी हुई है।: अजय चंद्राकर
विश्व आदिवासी दिवस न मनाने के मुद्दे पर कांग्रेस द्वारा 15 जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पर चंद्राकर ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने 90 देश के समर्थन में 1984 में जो प्रस्ताव पारित किया वह इंटरनेशनल डे ऑफ द वर्ल्ड इंडीजीनस पीपल इसका अर्थ है “विश्व के मूल निवासियों का अंतरराष्ट्रीय दिवस” इस प्रस्ताव को कांग्रेस को पढ़ लेना चाहिए इस शब्दावली को जान लेना चाहिए नहीं जानते तो अकल वालों से पूछ लेना चाहिए जो भी अकल वाले देश में हैं उनसे। “कांग्रेस में अक्ल की कमी है।” कांग्रेस में अंधानुकरण है जिसे छत्तीसगढ़ी में भेड़ियाधसान कहते है कांग्रेस की यही स्थिति है। चंद्राकर ने कहा कि बीजेपी को कांग्रेस से मार्गदर्शन लेने की आवश्यकता नहीं है।
पार्षद पति व्यवस्था पर प्रतिषेध को बताया महिला सशक्तिकरण का अहम कदम
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नगरीय निकायों में ‘पार्षद पति’ व्यवस्था पर रोक लगाने संबंधी राजपत्र जारी किए जाने का अजय चंद्राकर ने स्वागत किया। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम करार दिया। चंद्राकर ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर इस निर्णय का समर्थन किया जाना चाहिए। निकायों में महिलाओं को 33 प्रतिशत और पंचायतों में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, और इस नए नियम से निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों को वास्तव में अपने अधिकारों का इस्तेमाल करने का अवसर मिलेगा।
मजदूरों के पलायन और नई उद्योग नीति पर रखा अपना पक्ष
छत्तीसगढ़ से मजदूरों के पलायन के कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए बीजेपी विधायक ने कहा कि आज के समय में ‘पलायन’ शब्द आज की परिदृश्य में उचित शब्द नहीं है दुनिया बहुत छोटी हो गई है लोग अच्छे काम के लिए बाहर जाते हैं उन्होंने कहा कि बेहतर रोजगार के अवसरों के लिए लोगों के बाहर जाने को राजनीतिक चश्मे से देखने के बजाय आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के रूप में देखा जाना चाहिए।
कर्रेगुट्टा में तिरंगा यात्रा से बस्तर में मजबूत होगी राष्ट्रीय भावना
कभी नक्सलियों का गढ़ रहे बस्तर के कर्रेगुट्टा इलाके में तिरंगा यात्रा निकाले जाने की योजना पर चंद्राकर ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि उग्रवादी विचारधारा आयातित थी और उनका भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में कोई विश्वास नहीं था। बीते चार दशकों से उस क्षेत्र में जो स्थितियां थीं, वे अब बदल रही हैं। बस्तर के आदिवासी, मूलनिवासी भी जानेंगे कि हमारा देश कब आजाद हुआ कैसे आजाद हुआ कैसे हम अपने देश को चलाएंगे कैसे हम अपने बारे में सोचेंगे और निर्णय करेंगे यह बात इस तिरंगा यात्रा से प्रज्वलित होगी।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयानों और कांग्रेस के सदस्यता अभियान पर पलटवार
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा पंचायतों में टैक्स और आत्मानंद स्कूलों में फीस वसूलने के आरोपों पर चंद्राकर ने चुनौती दी कि वे हवा में बात करने के बजाय आंकड़ों को सार्वजनिक करें। उन्होंने कहा कि एक पूर्व मुख्यमंत्री को तथ्यों और तर्कों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए। वहीं कांग्रेस द्वारा सदस्यता अभियान के नाम पर महिलाओं और युवाओं से शुल्क लिए जाने पर उन्होंने कहा कि पार्टी केवल कागजों तक सीमित रह गई है और अपना वजूद बचाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है।



