
Bhilai Ward Reservation List:भिलाई नगर पालिक निगम चुनाव 2026 को लेकर प्रशासनिक स्तर पर वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। आरक्षण सूची जारी होते ही शहर के राजनीतिक गलियारों में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। नई व्यवस्था के तहत कई मौजूदा पार्षदों और बड़े राजनीतिक चेहरों के वर्तमान वार्ड आरक्षित वर्ग में चले गए हैं। इस वजह से कई दिग्गज नेताओं के लिए अपने ही गृह क्षेत्र से चुनाव लड़ने की राह मुश्किल हो गई है। आरक्षण के इस बदले गणित का सीधा असर निगम के कई जोन अध्यक्षों समेत वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों के सियासी समीकरणों पर पड़ा है।
ओबीसी वर्ग के लिए 23 वार्डों को किया गया आरक्षित
Bhilai Local Body Election: भिलाई नगर निगम के कुल वार्डों में से 23 वार्ड अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित किए गए हैं। इन 23 आरक्षित सीटों में से 8 वार्डों को ओबीसी महिला श्रेणी में रखा गया है, जबकि 15 वार्ड ओबीसी सामान्य वर्ग के लिए तय किए गए हैं। इसके अलावा अन्य श्रेणियों के लिए भी सीट आवंटन के साथ महिला आरक्षण के नियम लागू किए गए हैं। इस फैसले के बाद कई सामान्य सीटों के समीकरण बदल गए हैं और नए प्रत्याशियों के मैदान में उतरने का रास्ता साफ हुआ है।
महापौर नीरज पाल और दया सिंह के वार्डों का बदला गणित
Bhilai Municipal Corporation: आरक्षण की नई सूची का सबसे ज्यादा असर भिलाई निगम के उपनेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता दया सिंह के वार्ड पर पड़ा है। उनका वर्तमान क्षेत्र अब ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित हो गया है, जिसके कारण उन्हें अब किसी अन्य सामान्य सीट की तलाश करनी होगी। इसी तरह महापौर नीरज पाल के वार्ड में भी आरक्षण का नया गणित लागू होने से उन्हें भी नए चुनावी ठिकाने की रणनीति बनानी पड़ सकती है। दोनों प्रमुख नेताओं के समर्थकों के बीच अब नए वार्डों से दावेदारी को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
भिलाई नगर निगम के 23 ओबीसी आरक्षित वार्डों की सूची
Bhilai Ward Reservation List: ओबीसी श्रेणी के तहत आरक्षित किए गए सभी 23 वार्डों का विवरण इस प्रकार है, जिसमें महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों को भी स्पष्ट किया गया है:
| वार्ड क्रमांक | वार्ड का नाम | आरक्षण श्रेणी |
| 02 | स्मृति नगर | ओबीसी |
| 03 | मॉडल टाउन | ओबीसी |
| 04 | नेहरू नगर | ओबीसी |
| 06 | प्रियदर्शिनी परिसर | ओबीसी महिला |
| 07 | राधिका नगर | ओबीसी महिला |
| 10 | लक्ष्मी नगर | ओबीसी |
| 19 | राजीव नगर कोहका | ओबीसी |
| 21 | कैलाश नगर कुरूद | ओबीसी |
| 26 | रामनगर मुक्तिधाम | ओबीसी महिला |
| 27 | शास्त्री नगर | ओबीसी |
| 37 | संत रविदास नगर | ओबीसी महिला |
| 38 | सोनिया गांधी नगर | ओबीसी महिला |
| 39 | चंद्रशेखर आजाद नगर | ओबीसी |
| 40 | शहीद चुम्मन यादव नगर छावनी | ओबीसी |
| 42 | गौतम नगर खुर्सीपार | ओबीसी |
| 44 | लक्ष्मीनारायण वार्ड | ओबीसी |
| 45 | बालाजी नगर खुर्सीपार | ओबीसी महिला |
| 46 | दुर्गा मंदिर खुर्सीपार | ओबीसी |
| 49 | सुभाष मार्केट | ओबीसी |
| 54 | सेक्टर-1 दक्षिण | ओबीसी महिला |
| 56 | सेक्टर-2 पश्चिम | ओबीसी |
| 66 | सेक्टर-7 पूर्व | ओबीसी महिला |
| 68 | सेक्टर-8 | ओबीसी |
राजनीतिक दलों के सामने बढ़ी नए प्रत्याशियों के चयन की चुनौती
वार्डों के आरक्षण का नया खाका सामने आने के बाद कांग्रेस और भाजपा दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों के सामने नए सिरे से व्यूहरचना तैयार करने की चुनौती आ गई है। जिन पार्षदों के वार्ड अन्य श्रेणियों में चले गए हैं, वे अब पड़ोसी वार्डों से अपनी दावेदारी पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं आरक्षित सीटों पर संबंधित वर्गों के नए और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को टिकट देने के लिए मंथन शुरू हो गया है। आने वाले दिनों में टिकट के दावेदारों की भागदौड़ और नए क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान में तेजी देखने को मिलेगी।



