
Korba Crime News: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक बेहद अनोखी चोरी की घटना सामने आई है, जहां महंगी बाइक चलाने के शौक ने तीन दोस्तों को चोर बना दिया। हालांकि चोरी करने के बाद की गई एक जल्दबाजी भरी गलती के कारण आरोपी सीधे पुलिस के शिकंजे में आ गए। बांकीमोंगरा क्षेत्र से स्पोर्ट्स बाइक चुराने के बाद आरोपी उसकी डुप्लीकेट चाबी बनवाने के लिए दुकान पहुंचे थे। चाबी बनाने वाला कोई और नहीं बल्कि बाइक मालिक का करीबी रिश्तेदार निकला, जिसकी सूझबूझ से यह गिरोह पकड़ा गया।

बांकीमोंगरा से गायब हुई थी 50 हजार की पल्सर बाइक
Korba News: घटना 5 सितंबर की रात की है, जब कुदरीपारा निवासी देव कुमार अहिरवार ने अपनी पल्सर RS 200 बाइक (CG 12 BT 6722) दुकान के सामने लॉक करके खड़ी की थी। अगली सुबह करीब 7 बजे जब वे पहुंचे तो गाड़ी गायब थी। पीड़ित की शिकायत पर बांकीमोंगरा थाना पुलिस ने 6 सितंबर को धारा 303(2) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की मदद से आरोपियों का सुराग जुटा रही थी।

चाबी दुकान पर खुला राज, दुकानदार निकला मालिक का रिश्तेदार
चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मोनेन्द्र कुमार उर्फ मोनू अपने दो नाबालिग साथियों के साथ बाइक की डुप्लीकेट चाबी बनवाने टीपी नगर कोरबा स्थित एक दुकान पर पहुंचा। किस्मत का खेल ऐसा रहा कि जिस दुकान पर वे गए, उसका संचालक बाइक मालिक का रिश्तेदार ही निकला। गाड़ी को पहचानते ही चाबी बनाने वाले को संदेह हुआ। उसने बिना कोई भनक लगे तुरंत डायल 112 को इसकी सूचना दी और आरोपियों को मौके पर ही रोक कर रखा, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।
पूछताछ में एक्टिवा स्कूटी चोरी का भी हुआ खुलासा
Korba Police Action: पुलिस हिरासत में आने के बाद जब मुख्य आरोपी मोनेन्द्र कुमार निवासी भिलाईबाजार से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपने दोनों नाबालिग साथियों के साथ मिलकर न केवल बांकीमोंगरा से पल्सर बाइक चुराई थी, बल्कि कुसमुंडा क्षेत्र से एक एक्टिवा स्कूटी (CG 12 BU 7208) भी पार की थी। पुलिस ने आरोपियों के मेमोरेंडम कथन के आधार पर दोनों वाहन और घटना में इस्तेमाल मोबाइल जब्त कर लिया।

महंगे शौक ने बनाया चोर, आरोपी भेजे गए जेल
पुलिस की पूछताछ में मुख्य आरोपी ने बताया कि उन्हें महंगी गाड़ियां चलाने का काफी शौक था। पैसे न होने के कारण उन्होंने चोरी की योजना बनाई थी। पुलिस ने 8 सितंबर 2026 को 19 वर्षीय मोनेन्द्र कुमार को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं मामले में शामिल दो अन्य नाबालिग सहयोगियों को बाल सुधार गृह भेजने के लिए किशोर न्याय बोर्ड कोरबा के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।



