
CG BJP Political Update: छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश संगठन में आने वाले दिनों में बड़े संगठनात्मक बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं। प्रदेश अध्यक्ष किरणदेव की स्वास्थ्य स्थिति और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को देखते हुए पार्टी नेतृत्व के भीतर नए सिरे से फेरबदल पर विचार शुरू हो गया है। हालांकि पार्टी के वरिष्ठ नेता फिलहाल आधिकारिक स्तर पर प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने की किसी भी संभावना से साफ इनकार कर रहे हैं।
सड़क हादसे के बाद से दिल्ली में इलाज
Chhattisgarh Politics: झांसी-ललितपुर हाईवे पर हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए प्रदेश अध्यक्ष किरणदेव का इलाज पहले झांसी मेडिकल कॉलेज और बाद में गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में किया गया था। डॉक्टरों द्वारा पैर और कमर के निचले हिस्से का ऑपरेशन किए जाने के बाद वे बीते कुछ हफ्तों से नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ निवास में विश्राम कर रहे हैं। हाल ही में उनके ऑपरेशन के टांके खोले जाने की जानकारी सामने आई है, जिससे इसी महीने उनके रायपुर लौटने की उम्मीद जताई जा रही है।
पूर्ण स्वस्थ होने में लग सकता है समय
BJP State President: चिकित्सकों और पार्टी सूत्रों के अनुसार किरणदेव को पूरी तरह से चलकर मैदान में लौटने और सक्रिय राजनीति संभालने में अभी समय लग सकता है। चूंकि आगामी विधानसभा चुनाव में अब लगभग दो साल का ही समय बचा है, इसलिए पार्टी आलाकमान संगठन को पूरी क्षमता के साथ मैदान में उतारने की रणनीति पर काम कर रहा है।
सक्रियता न लौटने पर नए चेहरे पर विचार
भाजपा के अंदरूनी खेमे में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि यदि किरणदेव पूर्ण रूप से शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं हो पाते हैं और स्वास्थ्य कारणों से कुछ और समय मांगते हैं, तो पार्टी नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति पर गंभीरता से फैसला ले सकती है। चुनावी मोड में आने के लिए संगठन को ऐसा नेतृत्व चाहिए जो राज्यभर के दौरों और रैलियों में बिना रुकावट सक्रिय रह सके।
कार्यवाहक अध्यक्ष की परंपरा नहीं
पार्टी के संगठनात्मक ढांचे के जानकारों का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी में कार्यवाहक या कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बनाने का नियम या परंपरा नहीं रही है। राष्ट्रीय स्तर पर सांगठनिक चुनावों के बाद राज्य स्तर पर मोर्चा और प्रकोष्ठों की कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया भी पूरी की जानी है। पार्टी की योजना है कि दिसंबर तक सभी लंबित नियुक्तियां निपटा ली जाएं ताकि नई चुनावी रणनीति को समय पर गति मिल सके।
‘एक व्यक्ति, एक पद’ का नियम
संगठन में केवल अध्यक्ष पद ही नहीं, बल्कि कई अन्य पदों को लेकर भी बदलाव की राह देखी जा रही है। महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद सांसद रूपकुमारी चौधरी के प्रदेश उपाध्यक्ष पद छोड़ने को लेकर चर्चा जारी है। इसके अतिरिक्त सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के को राष्ट्रीय स्तर पर सोशल मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी मिलने के बाद पार्टी के ‘एक व्यक्ति, एक पद’ के सिद्धांत के तहत नए चेहरों को जिम्मेदारी दी जा सकती है।
उपाध्यक्ष का खाली पद भरने की तैयारी
वर्तमान में प्रदेश संगठन में उपाध्यक्ष का एक पद पहले से ही रिक्त चल रहा है। हालांकि संगठन में कुल छह उपाध्यक्ष पद होने के कारण कामकाज पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है, लेकिन आगामी चुनाव के मद्देनजर पार्टी इस पद को ज्यादा दिनों तक खाली नहीं रखना चाहती। उपाध्यक्षों को अलग-अलग जिलों और विधानसभा क्षेत्रों का प्रभार सौंपा जाता है, जिससे जमीनी पकड़ मजबूत होती है।
आलाकमान की स्थिति पर कड़ी नजर
हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित हुई राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष की गैरमौजूदगी में प्रदेश उपाध्यक्ष ने छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया था। वर्तमान में पार्टी का केंद्रीय और राज्य नेतृत्व किरणदेव के स्वास्थ्य में हो रहे सुधार और उनके दोबारा सक्रिय होने की क्षमता पर बारीक नजर बनाए हुए है। फिलहाल संगठन के भीतर व्यापक बदलाव की सुगबुगाहट जरूर है, लेकिन अंतिम निर्णय आलाकमान की आधिकारिक घोषणा के बाद ही सामने आएगा।



