
CG PDS Distribution: छत्तीसगढ़ के लाखों राशन कार्डधारकों के लिए सरकार ने राहत भरा कदम उठाया है। राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत सितंबर माह में ही हितग्राहियों को सितंबर और अक्टूबर दोनों महीनों का चावल एक साथ दिया जाएगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय ने इस संबंध में प्रशासनिक आदेश जारी कर दिया है। यह सुविधा केवल एपीएल श्रेणी के कार्डधारकों को छोड़कर अन्य सभी पात्र हितग्राहियों को मिलेगी।
दो महीने का कोटा
CG Govt Big Decision: खाद्य विभाग के अवर सचिव भूपेंद्र सिंह राजपूत ने इस संबंध में सभी जिला कलेक्टरों और नागरिक आपूर्ति निगम को दिशा-निर्देश भेज दिए हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि माह शुरू होने से पहले ही राज्य की सभी उचित मूल्य दुकानों में दो महीने के राशन का अग्रिम भंडारण पूरा कर लिया जाए। समय से पहले स्टॉक उपलब्ध होने से हितग्राहियों को वितरण के दौरान कतारों और अव्यवस्था का सामना नहीं करना पड़ेगा।
योजना के पात्र हितग्राही
PDS Ration Scheme Update: दो महीने का खाद्यान्न एक साथ प्राप्त करने की सुविधा सीमित वर्ग तक ही उपलब्ध रहेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि एपीएल राशन कार्डधारकों को इस व्यवस्था से अलग रखा गया है। उन्हें नियमित प्रक्रिया के तहत ही राशन का आवंटन होगा। इसके अलावा प्राथमिकता, अन्त्योदय और अन्य चिन्हित वर्ग के हितग्राही सितंबर में ही अपने दोनों महीनों का निर्धारित कोटा दुकान से प्राप्त कर सकेंगे।
विक्रेताओं के कमीशन में वृद्धि
राशन वितरण व्यवस्था के साथ-साथ सरकार ने विक्रेताओं के लाभांश में भी बदलाव किया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत उचित मूल्य दुकान संचालकों को मिलने वाले कमीशन में बढ़ोतरी की गई है। अब विक्रेताओं को प्रति क्विंटल खाद्यान्न वितरण पर 100 रुपये का कमीशन मिलेगा, जो पहले 90 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित था। इसके साथ ही ई-पॉश मशीन के जरिए अनाज बांटने पर मिलने वाली अतिरिक्त मार्जिन राशि में भी इजाफा किया गया है।
राशन विक्रेता संघ असंतुष्ट
कमीशन में हुई 10 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को राशन विक्रेता संघ ने अपर्याप्त करार दिया है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि दुकानों के संचालन, बिजली बिल और कर्मचारियों के मानदेय को देखते हुए यह वृद्धि काफी कम है। संघ की मांग है कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों के हिसाब से कम से कम 60 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की जानी चाहिए थी। विक्रेताओं ने सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।
दुकानों में अग्रिम स्टॉक
आदेश लागू होते ही खाद्य विभाग ने वितरण नेटवर्क को सक्रिय कर दिया है। अगस्त समाप्त होने से पहले ही सभी उचित मूल्य दुकानों के गोदामों में चावल की आवश्यक खेप पहुंचाई जा रही है। इस अग्रिम व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सितंबर की शुरुआत में ही हितग्राही बिना किसी रुकावट के अपने दोनों महीनों का राशन प्राप्त कर सकें।
समय पर पारदर्शी वितरण
सरकार की मंशा है कि त्योहारों और मानसूनी सीजन के दौरान नागरिकों को राशन के लिए बार-बार चक्कर न काटने पड़ें। अग्रिम आवंटन से जहां ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के परिवारों को समय पर खाद्य सुरक्षा मिलेगी, वहीं पीडीएस प्रणाली में पारदर्शिता भी बनी रहेगी। विभाग ने जिला स्तर के अधिकारियों को वितरण प्रक्रिया की सख्त निगरानी करने के निर्देश जारी किए हैं।



