
CG Heavy Rainfall Alert: छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून का असर अब पूरी तरह से दिखाई देने लगा है. प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में बादलों के डेरा डालने के बाद वर्षा की गतिविधियों में तेजी आई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों के लिए अगले 24 से 48 घंटों का विशेष पूर्वानुमान जारी किया है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस अवधि में कई जिलों में मूसलाधार से लेकर अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका बनी हुई है. इस दौरान तेज हवाएं चलने, बिजली चमकने और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर भी प्रशासन ने आम नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं.
इन जिलों में बरस सकती है आफत की कशिश
Monsoon 2026: रायपुर मौसम केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार आगामी 24 घंटों के भीतर गरियाबंद, धमतरी, नारायणपुर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कांकेर जिलों के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है. इसके साथ ही प्रादेशिक राजधानी रायपुर, महासमुंद, दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बस्तर और सुकमा जिलों में भी मध्यम से भारी वर्षा का दौर देखने को मिल सकता है. इन क्षेत्रों में सुबह से ही आसमान में घने काले बादल छाए हुए हैं और रुक-रुक कर बौछारें पड़ रही हैं.
दूसरे दिन भी नहीं मिलेगी राहत, 48 घंटे का पूर्वानुमान भी गंभीर
CG Weather Update: मौसम विभाग का अनुमान है कि बारिश का यह क्रम केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इसके बाद के 24 घंटों में भी स्थिति वैसी ही बनी रहेगी. दूसरे दिन दंतेवाड़ा, नारायणपुर और बीजापुर जिलों में कुछ स्थानों पर बहुत अधिक पानी गिरने के आसार हैं. इसके अलावा गरियाबंद, धमतरी, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, दुर्ग, बालोद, बस्तर, कोंडागांव, सुकमा और कांकेर जिलों के लिए भी भारी वर्षा की चेतावनी को बरकरार रखा गया है. लगातार होने वाली इस बारिश से नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है.
मौसम विभाग के चेतावनी वाले इन चार रंगों का असली मतलब समझें
CG Weather News Today: मौसम की गंभीरता को आम जनता तक आसानी से पहुंचाने के लिए मौसम विभाग चार अलग-अलग रंगों के अलर्ट का उपयोग करता है. इसमें सबसे पहला लाल (Red) रंग होता है जिसका सीधा मतलब यह है कि स्थिति बेहद खराब है और आपको तुरंत सुरक्षात्मक कदम उठाने चाहिए. दूसरा नारंगी (Orange) रंग होता है जो आने वाले खराब मौसम के लिए पहले से तैयार रहने और सतर्कता बरतने की ओर इशारा करता है. तीसरा पीला (Yellow) रंग केवल ताजा अपडेट पर नजर रखने और सचेत रहने के लिए होता है जबकि चौथा हरा (Green) रंग यह दर्शाता है कि वहां फिलहाल मौसम को लेकर कोई खतरा नहीं है.

जलभराव और कम दृश्यता को लेकर मौसम वैज्ञानिकों की जरूरी सलाह
लगातार होने वाली तेज बारिश के कारण शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में कई तरह की परेशानियां खड़ी हो सकती हैं. मौसम केंद्र ने आम लोगों से अपील की है कि वे इस मौसम में बहुत आवश्यक न होने पर लंबी यात्राओं से परहेज करें. भारी बारिश की वजह से सड़कों पर पानी भरने, रास्तों में फिसलन बढ़ने और दृश्यता काफी कम होने की समस्या पैदा होती है. इसके अतिरिक्त निचले रिहायशी इलाकों में पानी घुसने की आशंका रहती है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है.

उफनते नदी-नालों और रपटों को पार न करने की सख्त हिदायत
प्रशासन ने ग्रामीण अंचलों में रहने वाले लोगों के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है. अक्सर देखा जाता है कि लोग थोड़े से साहसिक कदम के चक्कर में उफनते हुए छोटे पुलों, रपटों या एनिकट को पार करने का जोखिम उठा लेते हैं. मौसम विभाग ने साफ कहा है कि पानी के तेज बहाव में ऐसे रास्तों पर वाहन ले जाना जानलेवा साबित हो सकता है. जब तक जलस्तर सामान्य न हो जाए तब तक संयम बरतें और स्थानीय प्रशासन द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स का पालन करें.
बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान और पेड़ों से दूरी बनाना आवश्यक
बरसात के दिनों में आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) से होने वाली जनहानि को रोकने के लिए पुख्ता हिदायत दी गई है. मौसम खराब होने या कड़कड़ाहट की आवाज सुनाई देने पर खुले खेतों, बड़े पेड़ों के नीचे, तालाबों के किनारे और बिजली के खंभों के आसपास बिल्कुल न खड़े हों. ऐसी स्थिति में किसी पक्के मकान या सुरक्षित शेड के भीतर शरण लेना ही सबसे बेहतर उपाय है. बदले हुए मौसम को देखते हुए सभी जिला कलेक्टरों को अपने-अपने क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन की टीमों को मुस्तैद रखने के लिए कह दिया गया है.



