छत्तीसगढ़ में बदरा बरसते ही खेतों में बढ़ी हलचल: खरीफ सीजन का 10 फीसदी बोनी का काम पूरा, सीएम साय ने दिए पुख्ता इंतजाम के निर्देश

छत्तीसगढ़ में मानसून के आगमन के साथ ही ग्रामीण अंचलों में खेती-किसानी के कामों ने रफ्तार पकड़ ली है. किसान अपने खेतों को तैयार कर फसलों की बुआई में जुट गए हैं. कृषि विभाग से मिली ताजा जानकारी के अनुसार राज्य में अब तक 4.77 लाख हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में बोनी का काम संपन्न हो चुका है, जो कि इस सीजन के कुल निर्धारित लक्ष्य का लगभग 10 प्रतिशत है. राज्य सरकार ने इस साल खरीफ सीजन के दौरान कुल 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बोनी का बड़ा लक्ष्य तय किया है.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का सख्त आदेश, खाद और बीज की किल्लत पर होगी सीधी कार्रवाई

किसानों को खेती के इस महत्वपूर्ण समय में किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसे लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रशासनिक अमले को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि सोसायटियों में किसानों की मांग के मुताबिक उत्तम गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज और खाद की उपलब्धता हर हाल में बनी रहनी चाहिए. वितरण व्यवस्था में किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. कृषि मंत्री रामविचार नेताम के नेतृत्व में विभाग के आला अधिकारी जमीनी स्तर पर इसकी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं.

अब तक 7 लाख मीट्रिक टन से अधिक खाद और रिकॉर्ड मात्रा में बीज का हुआ वितरण

कृषि विभाग के मैदानी अफसरों ने बताया कि मानसूनी बौछारें पड़ने के बाद से ही सोसायटियों में किसानों की आमद बढ़ गई है. राज्य में अब तक किसानों को 7.28 लाख मीट्रिक टन रासायनिक व जैविक खाद का वितरण किया जा चुका है, जो कि कुल भंडारण का करीब 47 प्रतिशत है. इसी तरह सहकारी समितियों के माध्यम से 3.09 लाख क्विंटल प्रमाणित बीजों की आपूर्ति की जा चुकी है. पिछले साल इसी अवधि में केवल 2.67 लाख क्विंटल बीज बांटे गए थे, जिसकी तुलना में इस बार का आंकड़ा काफी बेहतर है.

धान से लेकर कोदो-कुटकी तक की बुआई शुरू, जानिए छत्तीसगढ़ में अब तक कितनी हुई बारिश

प्रदेश के विभिन्न जिलों में पारंपरिक धान के साथ-साथ मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली और रामतिल जैसी फसलों की बुआई का रकबा हर दिन बढ़ रहा है. मौसम के आंकड़ों की बात करें तो 2 जुलाई 2026 की स्थिति में छत्तीसगढ़ में अब तक 96.4 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है. गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ की औसत वार्षिक वर्षा का पैमाना 1246.3 मिलीमीटर है. आगामी दिनों में अच्छी बारिश की संभावना को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को कतारबद्ध बोनी करने की सलाह दी है.

उर्वरकों के भंडारण की स्थिति मजबूत, निजी और सहकारी क्षेत्रों में पर्याप्त स्टॉक मौजूद

इस साल खरीफ सीजन के लिए राज्य सरकार ने कुल 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य रखा है. इस बड़े लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए अब तक 13.16 लाख मीट्रिक टन विभिन्न खादों का भंडारण सहकारी और निजी क्षेत्र की दुकानों में पहले ही सुरक्षित कर लिया गया है. बीज विकास निगम ने भी 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का खाका तैयार किया था, जिसमें से 4.30 लाख क्विंटल का अग्रिम उठाव कर सोसायटियों तक पहुंचाया जा चुका है ताकि एन वक्त पर किसानों को भटकना न पड़े.

किसान क्रेडिट कार्ड से बांटे गए 5525 करोड़ के लोन, बीते साल का रिकॉर्ड भी टूटा

खेती-किसानी के शुरुआती खर्चों को पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने किसानों को वित्तीय मदद भी तेजी से पहुंचाई है. किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से सहकारी बैंकों द्वारा 30 जून की स्थिति में 5525 करोड़ रुपये का अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित किया जा चुका है. पिछले साल इसी समय तक किसानों को 4517 करोड़ रुपये का कर्ज मिला था. इस साल सरकार ने किसानों को ब्याज मुक्त या बेहद कम ब्याज दर पर कुल 8800 करोड़ रुपये का कृषि ऋण बांटने का लक्ष्य तय किया है, जिसे पूरा करने के लिए बैंक स्तर पर तेजी से काम चल रहा है.

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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