
CG Congress MLA Meeting: छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने से ठीक पहले सूबे की सियासत गरमा गई है। सत्तापक्ष को सदन के भीतर विभिन्न मुद्दों पर घेरने के लिए मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने अपनी कमर कस ली है। इस सिलसिले में आज यानी रविवार शाम पांच बजे कांग्रेस विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। यह बैठक नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के शासकीय निवास पर आयोजित होगी। बैठक में पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता और विधायक मौजूद रहेंगे, जहां पांच दिनों तक चलने वाले इस संक्षिप्त सत्र के दौरान सरकार के खिलाफ अपनाई जाने वाली रणनीति का खाका खींचा जाएगा।
कानून-व्यवस्था और नकटी गांव के मुद्दे पर तीखे तेवर अपनाएगा विपक्ष
सोमवार 13 जुलाई से शुरू हो रहे इस सत्र में विपक्ष के पास सरकार को कटघरे में खड़ा करने के लिए कई अहम मुद्दे हैं। कांग्रेस मुख्य रूप से नकटी गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकानों को तोड़े जाने के मामले को जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है। इसके अलावा राज्य की वर्तमान कानून-व्यवस्था, केंद्रीय व राजकीय जांच एजेंसियों के कथित राजनीतिक इस्तेमाल, किसानों को आ रही व्यावहारिक दिक्कतें और हाल ही में बढ़ाई गई बिजली दरों को लेकर विपक्ष सदन में हंगामा कर सकता है। महिलाओं की सुरक्षा और युवाओं की भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी जैसे विषय भी इस बार गूंजेंगे।
सदन में गूंजेंगे कुल 1033 सवाल, अपनों के घेरे में भी दिखेगी सरकार
इस बार का सत्र प्रशासनिक रूप से भी काफी व्यस्त रहने वाला है क्योंकि विधानसभा सचिवालय को विधायकों की तरफ से कुल 1033 प्रश्न प्राप्त हुए हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस बार केवल विपक्षी दल के विधायकों ने ही सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल नहीं दागे हैं, बल्कि सत्ताधारी दल यानी भाजपा के अपने विधायकों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को लेकर भारी संख्या में सवाल लगाए हैं। ऐसे में मंत्रियों के लिए अपनी ही पार्टी के सहयोगियों के तीखे सवालों का जवाब देना एक बड़ी चुनौती साबित होने वाला है।
पांच दिनों के संक्षिप्त सत्र में भारी हंगामे और टकराव के आसार
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भले ही यह मानसून सत्र केवल पांच दिनों का है, लेकिन कामकाज और तल्खी के लिहाज से यह बेहद हंगामेदार रहेगा। एक तरफ जहां कांग्रेस पूरी एकजुटता के साथ जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बैकफुट पर धकेलने का प्रयास करेगी, वहीं दूसरी तरफ साय सरकार भी विपक्ष के हर हमले का आक्रामक जवाब देने के लिए आंकड़े जुटा चुकी है। आज शाम होने वाली कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद यह साफ हो जाएगा कि सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष सबसे पहले किस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा की मांग करता है।



