
CG Naxal Area Development: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी विकास को गति देने और मुख्यधारा से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की है। मंत्रालय में आयोजित गृह विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बस्तर अंचल के लिए कई बड़े दिशा-निर्देश जारी किए। सरकार ने तय किया है कि जो गांव अब नक्सलवाद के प्रभाव से पूरी तरह मुक्त हो चुके हैं, वहां आने वाले 15 अगस्त को व्यापक स्तर पर तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी और ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य इन क्षेत्रों में राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना और स्थानीय ग्रामीणों की सहभागिता बढ़ाना है।
प्रथम चरण में सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर के 50 गांवों का चयन
सरकार ने नक्सल मुक्त हो चुके गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए विशेष विकास राशि देने का निर्णय लिया है। इसके तहत चुने गए प्रत्येक गांव को विकास कार्यों के लिए 1-1 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी। पहले चरण में तीन सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों के कुल 50 गांवों को इस योजना में शामिल किया गया है। इसमें सुकमा जिले के 20 गांव, बीजापुर जिले के 20 गांव और नारायणपुर जिले के 10 गांव शामिल हैं। इस राशि से इन दूरदराज के इलाकों में सड़क, बिजली, पानी और स्कूल जैसी आवश्यक सुविधाओं को सुधारा जाएगा।
जेलों में बंद पूर्व नक्सलियों के मामलों की होगी साप्ताहिक समीक्षा
बैठक में उपमुख्यमंत्री ने एक और संवेदनशील मुद्दे पर बड़ा निर्देश देते हुए कहा कि जो पूर्व नक्सली जेलों में बंद हैं, उनकी रिहाई के लिए कानूनी तौर पर मामलों की दोबारा समीक्षा की जाएगी। इसके लिए विधि विभाग की मदद से अभियोजन अधिकारियों और सरकारी वकीलों की एक विशेष टीम गठित होगी। यह टीम अलग-अलग मामलों का कानूनी अध्ययन करेगी और संबंधित जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में हर सप्ताह इन प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी ताकि नियमानुसार योग्य पाए जाने वाले व्यक्तियों की रिहाई की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
नक्सल पीड़ित और आत्मसमर्पण करने वाले परिवारों को मिलेंगे पक्के मकान
पुनर्वास नीति को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकार नक्सली हिंसा से प्रभावित लोगों और आत्मसमर्पण कर चुके परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराएगी। इन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के विशेष प्रावधानों के अंतर्गत पक्के मकान दिए जाएंगे। इसके साथ ही सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि नक्सली हिंसा में शहीद हुए जवानों और जान गंवाने वाले आम नागरिकों के आश्रितों को शासन की ओर से मिलने वाली सभी आर्थिक और सामाजिक सहायता तय समय सीमा के भीतर दी जाए ताकि उनके परिवारों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
हिंसा प्रभावित प्रमुख स्थानों पर बनाए जाएंगे सामुदायिक स्मारक
ग्रामीणों की यादों और ऐतिहासिक संदर्भों को संजोने के लिए सरकार उन प्रमुख स्थानों पर सामुदायिक स्मारकों का निर्माण कराएगी जो कभी नक्सली हिंसा से गंभीर रूप से प्रभावित रहे हैं। ये स्मारक न केवल शांति की बहाली के प्रतीक होंगे बल्कि स्थानीय समाज को एकजुट करने के केंद्र के रूप में भी काम करेंगे। गृह विभाग के अधिकारियों को इन सभी घोषणाओं पर जमीन पर काम शुरू करने और तय समय के भीतर योजनाओं का लाभ लक्षित वर्गों तक पहुंचाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है।



