
छत्तीसगढ़ में हरेली पर्व से पहले राज्य सरकार ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश जारी किया है। जिला प्रशासन ने प्रदेश के सभी किसानों, हिस्सेदारों और भूमि स्वामियों से 31 अगस्त 2026 तक एग्रीस्टैक पंजीयन अनिवार्य रूप से पूरा करने की अपील की है। एग्रीस्टैक पंजीयन के जरिए किसानों के भूमि रिकॉर्ड और कृषि संबंधी विवरण को पूरी तरह से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज किया जा रहा है।
सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ पाने के लिए अनिवार्य है पंजीयन
एग्रीस्टैक पंजीयन व्यवस्था आने वाले समय में राज्य और केंद्र सरकार की कृषि योजनाओं का आधार बनेगी। भविष्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, सब्सिडी वाले खाद एवं बीज की उपलब्धता और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी फ्लैगशिप योजनाओं का निर्बाध लाभ उठाने के लिए यह पंजीयन आवश्यक होगा। जो किसान तय समय सीमा के भीतर अपना पंजीयन पूरा नहीं कराएंगे, उन्हें शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और भुगतान में तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जांचें अपनी पंजीयन स्थिति
जिला प्रशासन ने किसानों से आग्रह किया है कि वे 31 अगस्त की अंतिम तिथि का इंतजार न करें। किसान तुरंत अपने पंजीयन की वर्तमान स्थिति की जानकारी लें और यदि किसी जानकारी में कोई त्रुटि या लंबित प्रक्रिया है, तो उसे समय रहते ठीक करा लें। समय पर प्रक्रिया पूरी होने से आगामी खरीफ सीजन में धान बेचने और शासकीय अनुदान प्राप्त करने में कोई रुकावट नहीं आएगी।
पटवारी से लेकर सीएससी सेंटर तक मिलेगी रजिस्ट्रेशन में मदद
किसानों की सुविधा के लिए मैदानी स्तर पर पंजीयन की पूरी व्यवस्था की गई है। किसान अपने क्षेत्र के हल्का पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति या कृषक मित्र से संपर्क कर प्रक्रिया की जानकारी ले सकते हैं। इसके अलावा गांवों और कस्बों में संचालित कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) और सहकारी समितियों के माध्यम से भी ऑनलाइन पंजीयन कराने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
भूमि संबंधी दावों और सुधार के लिए अधिकारियों से करें संपर्क
यदि किसी किसान के एग्रीस्टैक रिकॉर्ड में भूमि के रकबे, खसरा नंबर या नाम से जुड़ी कोई भिन्नता है, तो उसे समय रहते सुधारा जा सकता है। इसके लिए संबंधित राजस्व अधिकारी या पटवारी के पास आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा किया जा सकता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुधार संबंधी प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है।
31 अगस्त के बाद नए पंजीयन कराने में आ सकती है व्यावहारिक कठिनाई
राज्य सरकार के निर्देशों के तहत 31 अगस्त 2026 को एग्रीस्टैक पंजीयन की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। समय-सीमा समाप्त होने के बाद पोर्टल बंद होने या सत्यापन में देरी होने से किसान आगामी कृषि योजनाओं के लाभ से वंचित हो सकते हैं। इसलिए सभी कृषक भाई-बहन समय रहते अपने नजदीकी केंद्र में जाकर अपना डिजिटल किसान पंजीयन दर्ज करा लें।



