CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें CGPSC घोटाले में ADM गिरफ्तार, हसदेव के तारा कोल ब्लॉक पर सरकार की सफाई, बिलासपुर DEO दफ्तर में लिपिक पर कार्रवाई न होने से उठा सवाल, गंगरेल बांध के खुले 6 गेट, बीजापुर आवासीय स्कूल में शिक्षक पर छेड़छाड़ का आरोप, अडानी फाउंडेशन के विज्ञापन पर सियासी बवाल, 50 लाख छात्रों को साधने BJP का सेवा संकल्प अभियान, भर्ती परीक्षाओं में डमी कैंडिडेट रोकने आधार सत्यापन लागू, बीजापुर मामले पर भड़के CM साय और हाईकोर्ट ने CRPF जवान की बर्खास्तगी रखी बरकरार समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे

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CGPSC Scam: ADM चेतन की गिरफ्तारी पर बोले CM साय- बख्शे नहीं जाएंगे दोषी

Politics: CGPSC भर्ती घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ADM चेतन बरघोरिया को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने आरोपी अधिकारी को 6 दिनों की ED रिमांड पर भेज दिया है। इस कार्रवाई के बाद प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि जांच एजेंसी पूरी निष्पक्षता से काम कर रही है और इस घोटाले में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। ED ने अदालत के समक्ष व्हाट्सएप चैट का उल्लेख करते हुए बताया कि चेतन बरघोरिया और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच हुई बातचीत से कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं। जांच एजेंसी अब इस मामले में वित्तीय लेन-देन और संभावित मनी लॉन्ड्रिंग के कोण से पूछताछ कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार का प्राथमिक उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता लाना है और किसी भी स्तर पर धांधली करने वालों को संरक्षण नहीं मिलेगा। जांच आगे बढ़ने के साथ ही राज्य प्रशासनिक सेवा के कई अन्य अधिकारियों और बिचौलियों की धड़कनें तेज हो गई हैं, क्योंकि रिमांड अवधि के दौरान कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

वन मंजूरी के बिना न पेड़ कटेंगे न खनन, तारा कोल ब्लॉक पर सरकार का जवाब

Environment: तारा कोल ब्लॉक के आवंटन को लेकर उठ रहे सवालों के बीच राज्य सरकार ने अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। सरकार ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि वर्तमान में केवल प्रतिस्पर्धात्मक नीलामी की प्रक्रिया पूरी हुई है और जमीन पर किसी भी प्रकार का खनन कार्य शुरू नहीं हुआ है। नीलामी प्रक्रिया में CG Syn&Gas and Chemicals Limited ने सफलता हासिल की है। सरकार ने स्पष्ट किया कि जब तक कंपनी को पर्यावरण, वन और माइनिंग प्लान से जुड़ी सभी वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त नहीं हो जातीं, तब तक क्षेत्र में एक भी पेड़ काटने या खनन गतिविधियां संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।सरकार ने हसदेव-अरण्य क्षेत्र के संदर्भ में वैज्ञानिक रिपोर्टों का हवाला देते हुए बताया कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाना उनकी प्राथमिकता है। फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, 2021 से 2023 के बीच छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्र में 683.62 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार ने दोहराया कि ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ स्थानीय जैव विविधता, पानी के स्रोतों और आदिवासियों के अधिकारों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। अंतिम मंजूरी मिलने से पूर्व सभी हितधारकों की आपत्तियों का विधिवत निस्तारण किया जाएगा।

मंत्री के आदेश बेअसर: बिलासपुर डीइओ दफ्तर के बाबू के आगे पस्त हुआ सिस्टम

Administration: बिलासपुर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय में पदस्थ लिपिक सुनील यादव के खिलाफ शिकायतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आरोपी लिपिक पर अनुकंपा नियुक्ति में नियमों की अनदेखी करने, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पदोन्नति देने और लगभग 70 लाख रुपये के वेतन भुगतान में गंभीर अनियमितताएं बरतने के आरोप हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के निर्देश और बिलासपुर कलेक्टर द्वारा 19 जनवरी को जांच के आदेश दिए जाने के बावजूद, विभाग स्तर पर कार्रवाई ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है। इससे प्रशासनिक तंत्र की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, लिपिक के खिलाफ तीन साल पहले ही जांच में आरोप सही पाए गए थे और निलंबन की कार्रवाई भी हुई थी, लेकिन अंतिम अनुशासनात्मक कार्रवाई अब तक लंबित रखी गई है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि CM हेल्पलाइन में बार-बार शिकायत दर्ज कराने के बाद भी कोई समाधान नहीं निकाला गया। ऐसे में आम जनता का सरकारी शिकायत निवारण प्रणाली से भरोसा उठ रहा है। अब देखना यह होगा कि उच्च स्तर पर मामला तूल पकड़ने के बाद शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी दोषी कर्मचारी पर कब तक ठोस कार्रवाई करते हैं।

छत्तीसगढ़ के 25 जलाशयों में 90 फीसदी से ज्यादा जलभराव, 7 फुल

Weather Alert: छत्तीसगढ़ में मानसून की निरंतर सक्रियता के चलते प्रमुख नदियों और बांधों के जलस्तर में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। धमतरी स्थित प्रदेश के सबसे बड़े गंगरेल बांध का जलभराव 94 फीसदी तक पहुंचने के बाद शनिवार को इसके 6 गेट खोलकर महानदी में 33 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे पहले 11 सितंबर की रात को भी 9 गेट खोलकर 53 हजार क्यूसेक पानी बहाया गया था। जल संसाधन विभाग ने महानदी के तटीय और निचले इलाकों में अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों से नदियों और जलाशयों के समीप न जाने की अपील की है। जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के 46 मुख्य जलाशयों में से 25 जलाशयों में पानी का स्तर 90 प्रतिशत से अधिक हो चुका है, जबकि 7 बांध पूरी तरह लबालब (100%) भर चुके हैं। बीते 24 घंटों में दक्षिण छत्तीसगढ़ के मनेरा में 140 मिमी और कई अन्य क्षेत्रों में 100 मिमी तक भारी बारिश दर्ज की गई है। राज्य में अब तक औसतन 1001 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य वर्षा के आंकड़ों के करीब है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर तेज बारिश की संभावना व्यक्त की है।

कंप्यूटर टीचर करता था छात्राओं से छेड़छाड़, शिकायत पर प्रिंसिपल ने कहा चुपचाप रहो

Crime Update: बीजापुर जिले के एक सरकारी आवासीय स्कूल से गुरु-शिष्य की परंपरा को तार-तार करने वाली घटना सामने आई है। स्कूल के कंप्यूटर शिक्षक पर 7 से अधिक छात्राओं के साथ पिछले दो वर्षों से छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित छात्राओं का आरोप है कि शिक्षक उन्हें परीक्षा में फेल करने और हॉस्टल से निकलवाने की धमकी देकर चुप रहने पर मजबूर करता था। जब छात्राओं ने मामले की जानकारी स्कूल के प्रिंसिपल को दी, तो उन्होंने भी शिकायत को दबाने का प्रयास किया और छात्राओं को मामले में चुप रहने की हिदायत दे दी। परेशान होकर छात्राओं ने परिजनों को आपबीती सुनाई, जिसके बाद आक्रोशित अभिभावक बच्चों को लेकर सीधे कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। परिजनों की शिकायत पर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम तुरंत हरकत में आई। आरोपी शिक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। परिजनों ने मांग की है कि महिला अधिकारियों की उपस्थिति में पीड़ित छात्राओं के बयान दर्ज किए जाएं, हॉस्टल की सभी छात्राओं की गोपनीय काउंसलिंग कराई जाए और मामले को दबाने की कोशिश करने वाले प्रिंसिपल को भी सह-आरोपी बनाकर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

अडानी ने सरकार को बताया फेल, बच्चे पहले ABC न जानते थे अब IIT की कोचिंग

Politics: अडानी फाउंडेशन के एक हालिया प्रचार वीडियो और विज्ञापन को लेकर छत्तीसगढ़ में जबरदस्त सियासी घमासान छिड़ गया है। हसदेव क्षेत्र में संचालित ‘अडानी विद्या मंदिर’ और शैक्षणिक गतिविधियों पर केंद्रित इस विज्ञापन में दावा किया गया है कि पहले क्षेत्र के बच्चों को बुनियादी शिक्षा (ABCD) तक नसीब नहीं थी, लेकिन अब वे IIT जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। विपक्ष ने इस विज्ञापन को आधार बनाकर राज्य की मौजूदा और पूर्ववर्ती सरकारों की 26 वर्षों की शिक्षा नीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष का तर्क है कि जो निजी कंपनी जंगल काट रही है, वही अब सरकारी व्यवस्था की विफलता का ढिंढोरा पीट रही है। अडानी फाउंडेशन का कहना है कि वे आर्थिक रूप से कमजोर और आदिवासी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण व निःशुल्क शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। फाउंडेशन आधुनिक शिक्षण पद्धतियों (STEM) और फाउंडेशनल लिटरेसी के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में बड़ा बदलाव लाने का दावा कर रहा है। हालांकि, इस मुद्दे ने राज्य के राजनीतिक पारे को बढ़ा दिया है। आम जनता और राजनीतिक विश्लेषक अब यह बहस कर रहे हैं कि यदि बुनियादी सुविधाओं के लिए भी निजी कॉर्पोरेट घरानों पर निर्भरता बढ़ रही है, तो अरबों रुपये के सरकारी बजट और योजनाओं का जमीनी स्तर पर क्या प्रभाव पड़ रहा है।

छत्तीसगढ़ के 50 लाख छात्रों तक पहुंचेगी बीजेपी, सेवा के बहाने सियासी अभियान

Politics: भारतीय जनता पार्टी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेशव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाने जा रही है। इस महीनेभर चलने वाले वृहद अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य की युवा पीढ़ी यानी Gen-Z को सांगठनिक गतिविधियों और राष्ट्रीय विचारों से जोड़ना है। इसके तहत राज्य के लगभग 25 हजार शिक्षण संस्थानों के 50 लाख विद्यार्थियों तक सीधी पहुंच बनाने का एक विशाल लक्ष्य तय किया गया है, जिसे आगामी चुनावों की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण सियासी रणनीति माना जा रहा है। अभियान के अंतर्गत छात्रों की रचनात्मकता को उभारने के लिए निबंध, भाषण, चित्रकला और ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ थीम पर रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा, टेक-फ्रेंडली युवाओं के लिए इनोवेशन चैलेंज आयोजित किए जाएंगे। अभियान की शुरुआत 17 सितंबर की शाम घर-घर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाकर होगी। 23 से 25 सितंबर तक रक्तदान, पौधारोपण, जल संरक्षण और डिजिटल साक्षरता जैसे सामाजिक कार्य किए जाएंगे। कार्यक्रम का समापन ‘सुशासन सेवा संवाद’ से होगा, जिसमें ‘बदलते बस्तर’ की तस्वीर और ‘सरकार आपके द्वार’ के माध्यम से प्रशासनिक पारदर्शिता को प्रदर्शित किया जाएगा।

भर्ती परीक्षाओं में मुन्नाभाइयों पर नकेल, आवेदन से नियुक्ति तक होगा आधार सत्यापन

Education News: सरकारी नौकरियों की भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा और डमी परीक्षार्थियों (मुन्नाभाइयों) की घुसपैठ को पूरी तरह समाप्त करने के लिए राज्य सरकार ने कड़ा फैसला लिया है। नवगठित कर्मचारी चयन मंडल (CGSSB) अब परीक्षाओं में तीन-स्तरीय डिजिटल आधार प्रमाणीकरण लागू करने जा रहा है। व्यापमं के स्थान पर गठित यह संस्था अब अभ्यर्थियों का आवेदन फॉर्म भरने से लेकर, परीक्षा केंद्र में प्रवेश और अंतिम जॉइनिंग तक बायोमेट्रिक (उंगलियों के निशान), आईरिस स्कैन (आंखों की पुतली) और e-KYC के माध्यम से सत्यापन करेगी, ताकि केवल वास्तविक उम्मीदवार ही परीक्षा दे सकें। बोर्ड के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह सत्यापन व्यवस्था अभ्यर्थियों के अलावा परीक्षा ड्यूटी में तैनात केंद्र पर्यवेक्षकों, निरीक्षकों और कर्मचारियों पर भी लागू होगी, जिससे अंदरूनी मिलीभगत की आशंका खत्म हो सके। यदि किसी तकनीकी खराबी के कारण किसी अभ्यर्थी का आधार वेरीफिकेशन तुरंत नहीं हो पाता, तो उसे परीक्षा से बाहर करने के बजाय वैकल्पिक वैध सरकारी दस्तावेजों से सत्यापित किया जाएगा। इस नई व्यवस्था के लागू होने से राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की साख बहाल होगी और योग्य अभ्यर्थियों का हक नहीं मारा जाएगा।

छात्राओं से दुर्व्यवहार पर भड़के सीएम साय : कलेक्टर को दिए कार्रवाई के निर्देश

Government: बीजापुर के एकलव्य आवासीय विद्यालय में छात्राओं के साथ हुए दुर्व्यवहार की घटना पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अत्यंत सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने बीजापुर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को निर्देश जारी कर मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करने को कहा है। सीएम साय ने कहा कि राज्य में बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सरकारी आश्रमों व हॉस्टलों में पढ़ने वाली छात्राओं को पूरी तरह से सुरक्षित माहौल देना राज्य प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि जांच के दौरान यह पाया गया कि किसी भी स्तर पर शिकायत को दबाने या कार्रवाई में देरी करने की कोशिश की गई है, तो संबंधित प्रशासनिक और विभागीय अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय कर उन पर भी गाज गिराई जाएगी। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों और एसपी को अपने-अपने क्षेत्रों के बालिका छात्रावासों व आवासीय स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। पीड़ित छात्राओं को आवश्यक मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग और सुरक्षा सहायता उपलब्ध कराने के आदेश भी दिए गए हैं।

Duty से गायब रहे जवान को नहीं मिली राहत, हाईकोर्ट ने कहा – अनुशासित बल में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं

Judiciary: बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने बिना पूर्व स्वीकृति के 6 महीने से अधिक समय तक ड्यूटी से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वाले एक सीआरपीएफ (CRPF) कांस्टेबल को सेवा से बर्खास्त करने के विभागीय फैसले को पूरी तरह सही ठहराया है। याचिकाकर्ता ने वर्ष 2018 में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी बर्खास्तगी को चुनौती दी थी। न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी की एकल पीठ ने याचिका को खारिज करते हुए टिप्पणी की कि सशस्त्र और अनुशासित बलों में ऐसी घोर लापरवाही को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। मामले के अनुसार, मार्च 2009 में भर्ती हुए जवान ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर एक महीने की छुट्टी ली थी, लेकिन बाद में बिना मंजूरी के 15 मार्च 2017 से लगातार गैरहाजिर रहा। विभाग द्वारा ‘भगोड़ा’ घोषित किए जाने और नोटिस जारी करने के बाद भी वह जांच में शामिल नहीं हुआ, जिसके चलते जून 2018 में उसे सेवा से हटा दिया गया था। हाईकोर्ट ने माना कि विभाग ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पूरी तरह पालन करते हुए जवान को अपनी बात रखने के पर्याप्त अवसर दिए थे, अतः अनुशासित बल में नरमी बरतने से सैन्य अनुशासन पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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