CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें गरियाबंद में पुष्पा स्टाइल गांजा तस्करी, कटघोरा TAI सस्पेंड, बस्तर मधुर गुड़ विवाद, रूंगटा यूनिवर्सिटी का कैंसर रिसर्च, iGOT पोर्टल सम्मान, रायगढ़ GST छापा, महिला कलेक्टर्स की तैनाती, रायपुर कोर्ट हंगामा, लोटे चोको पाई बैन और छत्तीसगढ़ की बड़ी प्रशासनिक हलचल समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे
गरियाबंद में ‘पुष्पा’ स्टाइल गांजा तस्करी, छह टायरों में छिपा था 75.50 लाख का माल
Crime Update: गरियाबंद पुलिस ने ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मेटाडोर से 151.50 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। पुलिस के अनुसार बरामद गांजे की अनुमानित कीमत 75 लाख 50 हजार रुपये है। खास बात यह रही कि तस्करों ने गांजे को सामान्य तरीके से वाहन में रखने के बजाय मेटाडोर के छह टायरों के अंदर छिपाया था। पुलिस ने इसे फिल्मी अंदाज में की जा रही तस्करी बताया है। कार्रवाई 19 अगस्त को देवभोग थाना क्षेत्र में खुटगांव अंतरराज्यीय पुलिस चेक पोस्ट पर की गई। मुखबिर से सूचना मिलने के बाद चेक पोस्ट पर संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान मेटाडोर को रोककर तलाशी ली गई। संदेह होने पर वाहन के टायरों की जांच की गई, जहां गांजा छिपा मिला। पुलिस ने मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के रोहित पांडेय और ओडिशा के कालाहांडी जिले के रमेश नायक को गिरफ्तार किया। करीब 20 लाख 25 हजार रुपये कीमत का मेटाडोर भी जब्त किया गया। दोनों के खिलाफ NDPS Act की धारा 20(B)(ii)(C) और 27A के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस के मुताबिक पिछले आठ महीनों में अभियान के तहत 44 मामलों में 86 आरोपियों को गिरफ्तार कर 1,080 किलो गांजा जब्त किया जा चुका है।
गुरुग्राम जाने ट्रेन की जगह फ्लाइट, पीड़ित से टिकट का पैसा लेने पर 8 पुलिसकर्मी सस्पेंड
Crime Update: बिलासपुर रेंज में पुलिस विभाग से जुड़ी वित्तीय अनियमितता के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने कटघोरा थाना प्रभारी निरीक्षक मोती पटेल समेत आठ पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। मामला एक आरोपी की गिरफ्तारी के लिए गुरुग्राम गई पुलिस टीम की यात्रा और उसके खर्च से जुड़ा है। कटघोरा थाने में कृष्णा JCB कंपनी से संबंधित धोखाधड़ी और चोरी के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम को हरियाणा भेजा गया था। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार टीम को ट्रेन से गुरुग्राम जाना था, लेकिन आरोप है कि आठ सदस्यीय टीम ने नियमों को दरकिनार कर हवाई यात्रा की। जांच में सबसे गंभीर तथ्य यह सामने आया कि फ्लाइट टिकट का खर्च मामले के प्रार्थी यानी पीड़ित से लिया गया था। शिकायत मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच कराई, जिसमें वित्तीय अनियमितता और पद के दुरुपयोग की पुष्टि हुई। इसके बाद IG ने सभी आठ पुलिसकर्मियों के निलंबन के आदेश दिए। इस कार्रवाई को पुलिस विभाग में वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता का कड़ा संदेश माना जा रहा है। कटघोरा थाना इससे पहले भी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के कारण चर्चा में रहा है। अब विभागीय जांच और आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
फर्नीचर घोटाला मामले में ACB की कार्रवाई, तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी समेत 3 गिरफ्तार
Anti-Corruption: छत्तीसगढ़ में फर्नीचर घोटाला मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो यानी ACB ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह मामला सरकारी स्तर पर फर्नीचर खरीदी और उससे जुड़ी कथित अनियमितताओं से संबंधित है। कार्रवाई के बाद सरकारी विभागों में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ACB की कार्रवाई का उद्देश्य कथित भ्रष्टाचार और सरकारी राशि से जुड़े लेनदेन की जांच को आगे बढ़ाना है। मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की भूमिका और सरकारी खरीद प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज जांच के दायरे में हैं। ACB की कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि खरीद में नियमों का उल्लंघन हुआ था या नहीं और यदि वित्तीय नुकसान हुआ तो उसकी वास्तविक राशि कितनी है। सरकारी खरीद में पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया, पात्रता और भुगतान के रिकॉर्ड अहम माने जाते हैं। आरोपियों से पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। इस मामले में विस्तृत आधिकारिक जानकारी और आरोपों का अंतिम स्वरूप जांच आगे बढ़ने के साथ सामने आने की संभावना है। फिलहाल गिरफ्तारी को भ्रष्टाचार के खिलाफ एजेंसी की कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।
बस्तर में 50 रुपये का गुड़ 65 रुपये किलो में खरीदने की तैयारी, 30-35 करोड़ के अतिरिक्त बोझ का सवाल
Government: बस्तर की मधुर गुड़ योजना में सरकारी खरीद की कीमत को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। खाद्य विभाग करीब 18 हजार टन गुड़ 65 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदने की तैयारी में है, जबकि बाजार में इसकी कीमत करीब 50 रुपये किलो बताई जा रही है। टैक्स और अन्य लागत जोड़ने पर कीमत करीब 69 रुपये तक पहुंच सकती है। इस अंतर के कारण सरकार पर अनुमानित 30 से 35 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ने का सवाल उठ रहा है। बस्तर में चावल, शक्कर और नमक के साथ गुड़ भी वितरित किया जाता है और इसकी खरीद नागरिक आपूर्ति निगम यानी नान के जरिए होती है। खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने महंगी खरीद का कारण सरकारी भुगतान में देरी को बताया है। उनका कहना है कि ठेकेदारों को भुगतान 7-8 महीने बाद मिलता है, जबकि बाजार का 50 रुपये वाला भाव नकद भुगतान पर आधारित है। दूसरी ओर विभागीय सचिव रीना बाबा साहब कंगाले ने कहा है कि खुले टेंडर में ऐसी शर्तें नहीं होनी चाहिए जिनसे प्रतिस्पर्धा सीमित हो और जरूरत पड़ने पर टेंडर निरस्त किया जा सकता है। इस बार टेंडर में कुछ फर्मों की पात्रता, अनुभव और टर्नओवर की शर्तों को लेकर भी सवाल हैं। एक PSU ने 55 रुपये किलो में गुड़ देने का प्रस्ताव दिया है। ऐसे में 65 रुपये की सरकारी खरीद पर पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा को लेकर बहस तेज हो गई है।
रूंगटा यूनिवर्सिटी का 5-FU हाइड्रोजेल शोध, त्वचा कैंसर की दवा को सीधे प्रभावित हिस्से तक पहुंचाने की कोशिश
Health Research: भिलाई की रूंगटा यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने त्वचा कैंसर के उपचार में दवा को सीधे प्रभावित हिस्से तक पहुंचाने की दिशा में एक नई तकनीक विकसित की है। स्कूल ऑफ फार्मेसी की डायरेक्टर डॉ. मधुलिका प्रधान और डॉ. कृष्णा यादव ने चिटोसान आधारित हाइड्रोजेल तैयार किया है, जिसमें कैंसर उपचार में इस्तेमाल होने वाली 5-फ्लुओरोयूरेसिल यानी 5-FU दवा शामिल की गई है। शोध के प्रयोगशाला परीक्षण में इस हाइड्रोजेल ने सामान्य 5-FU घोल की तुलना में बेहतर कैंसररोधी गतिविधि दिखाई। अध्ययन के नतीजे अंतरराष्ट्रीय जर्नल ChemistrySelect में प्रकाशित हुए हैं। शोध में हाइड्रोजेल की दवा रिलीज क्षमता को अलग-अलग pH परिस्थितियों में जांचा गया। करीब 12 घंटे के परीक्षण में अलग-अलग परिस्थितियों में 94 से 98 प्रतिशत तक दवा रिलीज दर्ज हुई। शुरुआती पांच घंटों में लगभग 80 प्रतिशत दवा रिलीज हुई, जिसके बाद भी प्रक्रिया जारी रही। B16F10 त्वचा कैंसर कोशिकाओं पर परीक्षण में दवा की मात्रा बढ़ने के साथ कैंसर कोशिकाओं की जीवित रहने की क्षमता कम हुई। परीक्षणों से जुड़े कुछ अध्ययन मुंबई स्थित Tata Memorial Centre के ACTREC में किए गए। हालांकि यह अभी लैब स्तर का शोध है। मरीजों पर इस्तेमाल से पहले सुरक्षा, प्रभावशीलता और सामान्य कोशिकाओं पर प्रभाव की विस्तृत जांच जरूरी होगी। अगला चरण पशु परीक्षण का है, जिसके परिणाम भविष्य की चिकित्सा उपयोगिता तय करने में महत्वपूर्ण होंगे।
iGOT पर सबसे ज्यादा कोर्स करने वाले सरकारी कर्मचारियों को हर महीने मिलेगा सम्मान
Education News: छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों में लगातार सीखने और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए नई पहल शुरू की है। सामान्य प्रशासन विभाग ने 18 अगस्त को जारी परिपत्र में iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर सबसे ज्यादा ऑनलाइन पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को हर महीने सम्मानित करने का निर्णय लिया है। चयनित कर्मचारियों को अगले महीने मंत्रालय में बुलाकर मुख्य सचिव द्वारा प्रशस्ति-पत्र और पुरस्कार दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य ऑनलाइन प्रशिक्षण को केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि नियमित कौशल विकास का हिस्सा बनाना है। विजेताओं का चयन विभागीय सिफारिश से नहीं, बल्कि iGOT पोर्टल से मिलने वाली मासिक प्रमाणित रिपोर्ट के आधार पर किया जाएगा। यानी किसी कर्मचारी ने कितने पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरे किए, इसका डिजिटल रिकॉर्ड ही प्रदर्शन का आधार बनेगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों, विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और कलेक्टरों को व्यवस्था की जानकारी कर्मचारियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को पोर्टल पर पाठ्यक्रम करने के लिए प्रोत्साहित करने की जिम्मेदारी भी दी गई है। नई व्यवस्था से सरकारी तंत्र में ऑनलाइन लर्निंग को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि बदलती प्रशासनिक जरूरतों के बीच कर्मचारियों का लगातार नए कौशल सीखना सेवा की गुणवत्ता सुधारने में मदद कर सकता है।
रायगढ़ के जोरापाली प्लांट में सेंट्रल GST की जांच, बिलिंग और ITC रिकॉर्ड खंगाले
Business Update: रायगढ़ जिले के जोरापाली इलाके में स्थित एक प्लांट में सेंट्रल GST की टीम ने पहुंचकर कई घंटों तक कारोबारी और टैक्स रिकॉर्ड की जांच की। अधिकारियों ने बिलिंग, खरीद-बिक्री, भुगतान, टैक्स जमा करने और Input Tax Credit यानी ITC से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की। कार्रवाई के दौरान प्लांट में मौजूद कर्मचारियों से भी कारोबार और रिकॉर्ड से जुड़े सवाल पूछे गए। हालांकि अभी तक विभाग ने इस जांच को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रेस नोट जारी नहीं किया है। इसलिए फिलहाल यह पुष्टि नहीं हुई है कि जांच में टैक्स चोरी या ITC से संबंधित कोई अनियमितता मिली है। GST व्यवस्था में कारोबारियों को वास्तविक खरीद पर चुकाए गए टैक्स का नियमों के तहत ITC लेने की सुविधा मिलती है। फर्जी बिल, बिना वास्तविक लेनदेन के खरीद-बिक्री या गलत तरीके से ITC का दावा जांच का कारण बन सकता है। अधिकारियों ने प्लांट के डिजिटल रिकॉर्ड, बिलिंग सिस्टम और भुगतान दस्तावेजों का मिलान किया। ई-वे बिल और GST रिटर्न में दर्ज जानकारी से वास्तविक कारोबारी गतिविधियों का मिलान भी जांच का हिस्सा हो सकता है। विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। यदि रिकॉर्ड में टैक्स चोरी या गलत ITC का मामला सामने आता है तो नियमानुसार आगे कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल इस मामले को जांच के स्तर पर ही देखा जा रहा है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
छत्तीसगढ़ के 12 जिलों में महिला कलेक्टर, 33 में से 12 जिलों की कमान महिलाओं के पास
Administration: छत्तीसगढ़ में 18 अगस्त को हुए प्रशासनिक फेरबदल के बाद राज्य के 33 में से 12 जिलों में महिला IAS अधिकारी कलेक्टर के पद पर तैनात हो गई हैं। यानी करीब 36 प्रतिशत जिलों का प्रशासनिक नेतृत्व अब महिला अधिकारियों के हाथ में है। हालिया तबादला आदेश में तीन जिलों में महिला अधिकारियों को नई जिम्मेदारी मिली। वर्ष 2016 बैच की IAS अधिकारी जयश्री जैन को सक्ती का कलेक्टर बनाया गया है। तुलिका प्रजापति को कबीरधाम की जिम्मेदारी दी गई, जबकि खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक तनुजा सलाम को मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी का नया कलेक्टर बनाया गया है। राज्य के अन्य जिलों में नूपुर राशि पन्ना कोंडागांव, प्रतिष्ठा ममगई बेमेतरा, नम्रता जैन नारायणपुर, दिव्या मिश्रा बालोद, रेना जमील सूरजपुर, पद्मिनी भोई साहू सारंगढ़-बिलाईगढ़, चंदन संजय त्रिपाठी बलरामपुर-रामानुजगंज, संतंन देवी जांगड़े मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और रोक्तिमा यादव कोरिया में कलेक्टर हैं। कलेक्टर जिला प्रशासन और राज्य सरकार के बीच महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, राजस्व प्रशासन, आपदा प्रबंधन, कानून-व्यवस्था और विभागीय समन्वय में उनकी प्रमुख भूमिका होती है। प्रशासनिक फेरबदल के बाद महिला अधिकारियों की संख्या बढ़ना राज्य के प्रशासनिक ढांचे में महिला भागीदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।
रायपुर कोर्ट में महिला वकीलों की टिप्पणी पर विवाद, सार्वजनिक माफी की मांग
Legal Update: रायपुर जिला कोर्ट परिसर में महिला अधिवक्ताओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मामला 16 अगस्त को शंकर नगर स्थित सिंधु पैलेस में आयोजित सावन और रक्षाबंधन उत्सव से जुड़ा बताया जा रहा है। कार्यक्रम में महिला अधिवक्ताओं ने सांस्कृतिक गतिविधियों, खेलकूद, संगीत और नृत्य में हिस्सा लिया था। आरोप है कि बाद में कोर्ट परिसर के कक्ष क्रमांक 104 में एक पुरुष अधिवक्ता राजेश्वर ने कार्यक्रम में महिला वकीलों के नृत्य को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की। इस पर महिला अधिवक्ताओं ने विरोध जताया और मामला बहस तक पहुंच गया। विवाद बढ़ने पर बड़ी संख्या में वकील मौके पर जमा हुए और वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने दोनों पक्षों के बीच समझौते की कोशिश की। बताया गया कि मौके पर 100 से अधिक अधिवक्ता मौजूद हो गए थे। महिला अधिवक्ताओं ने संबंधित अधिवक्ता से सार्वजनिक माफी की मांग की है। तत्काल माफी नहीं मिलने के बाद जिला अधिवक्ता संघ और पुलिस में लिखित शिकायत देने की तैयारी की जा रही है। मामले से जुड़ा एक शिकायत पत्र सोशल मीडिया पर भी सामने आया है। फिलहाल संबंधित अधिवक्ता का विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है और शिकायत दर्ज होने के बाद ही औपचारिक कार्रवाई की दिशा स्पष्ट होगी। महिला अधिवक्ताओं का कहना है कि पेशेवर कार्यस्थल पर सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित होना चाहिए।
छत्तीसगढ़ में Lotte Choco Pie के एक बैच पर रोक, दिल्ली भेजा गया सैंपल
Food Safety: दुर्ग जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने Lotte Choco Pie के एक विशेष बैच को अमानक पाए जाने के बाद उसकी बिक्री पर रोक लगा दी है। अधिकारियों के अनुसार भोपाल की प्रयोगशाला में जांच के दौरान 672 ग्राम पैक वाले बैच कोड NM 10 DC 2 में मानकों से जुड़ी कमी पाई गई। रिपोर्ट सामने आने के बाद दुर्ग जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बाजार से संबंधित बैच को हटाने के निर्देश दिए। हालांकि विभाग ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई पूरे ब्रांड के खिलाफ नहीं है। फिलहाल केवल जांच में अमानक पाए गए इस विशेष बैच पर रोक लगाई गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सैंपल को दिल्ली स्थित केंद्रीय खाद्य प्रयोगशाला में दोबारा जांच के लिए भेजा जा रहा है। केंद्रीय रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। खाद्य विभाग ने संबंधित डिस्ट्रीब्यूटर को नोटिस जारी किया है और चेन्नई स्थित कंपनी से भी बैच के उत्पादन तथा देशभर में उसकी सप्लाई की जानकारी मांगी है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि संबंधित बैच छत्तीसगढ़ के किन जिलों में पहुंचा और बाजार में कितना स्टॉक मौजूद है। दुकानदारों को अमानक बैच की बिक्री रोककर स्टॉक डिस्ट्रीब्यूटर को लौटाने के निर्देश दिए गए हैं। यदि केंद्रीय जांच में भी नमूना असफल पाया जाता है तो कंपनी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगे कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रतिबंध केवल बताए गए बैच पर लागू है।



